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Amroha News: गंगा एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर वाहनों की दर्ज होगी डिजिटल एंट्री
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हसनपुर। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे तैयार हो चुका है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर टोल प्रणाली को लेकर भी तस्वीर साफ कर दी गई है। एक्सप्रेसवे पर प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रहेगा, जबकि टोल टैक्स का भुगतान यात्रा पूरी होने के बाद एग्जिट प्वाइंट पर तय दूरी के आधार पर किया जाएगा।
यूपीडा, गंगा एक्सप्रेसवे का एक्सईएन राकेश मोगा ने बताया कि एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर वाहनों की डिजिटल एंट्री दर्ज होगी, जिससे उनकी यात्रा को ट्रैक किया जाएगा। जैसे ही वाहन एक्सप्रेसवे से बाहर निकलेगा, उतनी दूरी के हिसाब से टोल टैक्स स्वतः निर्धारित हो जाएगा। इस व्यवस्था से यात्रियों को केवल उतनी ही दूरी का शुल्क देना होगा, जितनी दूरी उन्होंने तय की है। इससे पारदर्शिता के साथ-साथ सुविधा भी बढ़ेगी।
अमरोहा जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का करीब 23.6 किलोमीटर हिस्सा गुजर रहा है। यहां मंगरौला में ही एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाया गया है। पूरे एक्सप्रेसवे पर कुल 14 टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं, जिनमें मेरठ और प्रयागराज के मुख्य टोल प्लाजा शामिल हैं, जबकि अन्य 12 स्थानों पर एंट्री-एग्जिट आधारित टोल बूथ बनाए गए हैं। टोल दरों की बात करें तो निजी कार, जीप और वैन के लिए लगभग 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर का अनुमानित शुल्क तय किया गया है।
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पूरे एक्सप्रेसवे का सफर करने पर निजी वाहनों को करीब 1515 रुपये चुकाने होंगे। वहीं हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए यह दर 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर है। बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों के लिए 8.15 रुपये प्रति किलोमीटर तथा भारी मशीनरी के लिए 12.55 रुपये प्रति किलोमीटर तक शुल्क निर्धारित किया गया है।
सात एक्सल वाले भारी वाहनों के लिए यह दर करीब 16.05 रुपये प्रति किलोमीटर तक है। गंगा एक्सप्रेसवे की एक खासियत यह भी होगी कि यहां टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। अत्याधुनिक सेंसर आधारित प्रणाली के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा, जिससे जाम की समस्या नहीं होगी और सफर सुगम बनेगा।
एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाएगा। इसके शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
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यूपीडा, गंगा एक्सप्रेसवे का एक्सईएन राकेश मोगा ने बताया कि एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर वाहनों की डिजिटल एंट्री दर्ज होगी, जिससे उनकी यात्रा को ट्रैक किया जाएगा। जैसे ही वाहन एक्सप्रेसवे से बाहर निकलेगा, उतनी दूरी के हिसाब से टोल टैक्स स्वतः निर्धारित हो जाएगा। इस व्यवस्था से यात्रियों को केवल उतनी ही दूरी का शुल्क देना होगा, जितनी दूरी उन्होंने तय की है। इससे पारदर्शिता के साथ-साथ सुविधा भी बढ़ेगी।
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अमरोहा जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का करीब 23.6 किलोमीटर हिस्सा गुजर रहा है। यहां मंगरौला में ही एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाया गया है। पूरे एक्सप्रेसवे पर कुल 14 टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं, जिनमें मेरठ और प्रयागराज के मुख्य टोल प्लाजा शामिल हैं, जबकि अन्य 12 स्थानों पर एंट्री-एग्जिट आधारित टोल बूथ बनाए गए हैं। टोल दरों की बात करें तो निजी कार, जीप और वैन के लिए लगभग 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर का अनुमानित शुल्क तय किया गया है।
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पूरे एक्सप्रेसवे का सफर करने पर निजी वाहनों को करीब 1515 रुपये चुकाने होंगे। वहीं हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए यह दर 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर है। बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों के लिए 8.15 रुपये प्रति किलोमीटर तथा भारी मशीनरी के लिए 12.55 रुपये प्रति किलोमीटर तक शुल्क निर्धारित किया गया है।
सात एक्सल वाले भारी वाहनों के लिए यह दर करीब 16.05 रुपये प्रति किलोमीटर तक है। गंगा एक्सप्रेसवे की एक खासियत यह भी होगी कि यहां टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। अत्याधुनिक सेंसर आधारित प्रणाली के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा, जिससे जाम की समस्या नहीं होगी और सफर सुगम बनेगा।
एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाएगा। इसके शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।