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Amroha News: बड़ा बाजार चौक में शहीदों की याद में करते थे रंगों की बौछार
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अमरोहा(अनिल चौहान)। रंगों के उत्सव का सभी को बेसब्री से इंतजार है। इस दिन लोग सारे गिले-शिकवे भूल कर एक-दूसरे से गले लगाकर होली की बधाई देते हैं। गुझिया की मिठास लोगों के दिलों में फैली नफरत पर मरहम लगाती है। अबीर-गुलाल लगाकर भेदभाव को खत्म करते हैं। लेकिन अमरोहा शहर बड़ा बाजार चौराहे पर लगने वाली होली शहीदों की याद दिलाती है। यहां होलिका दहन के बाद शहरभर के लोग शहीदों की याद में अबीर-गुलाल की बौछार करते थे। शहीदों को नमन करने के लिए दूसरे मोहल्ले के लोग भी यहां की होलिका दहन में शामिल होते हैं।
यूं तो जिलेभर में गांव-मोहल्लों में होलिका दहन का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। लेकिन मोहल्ला बड़ा बाजार चौक की होली प्रसिद्ध है। क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों ने शहर के स्वतंत्रता सेनानियों को इसी चौराहे पर फांसी पर लटका दिया था। इतिहासकार पंड़ित भुवनेश कुमार शर्मा ने बताया कि आंदोलन के दौरान अंग्रेजों ने बड़ा बाजार चौराहे पर आजादी के मतवालों को फांसी पर लटका दिया था। यह चौराहा शहर के लोगों के लिए आज भी महत्वपूर्ण है। होलिका दहन के दौरान यहां शहर के लोग एकजुट होकर होली जलाते आए हैं। इतना ही नहीं पहले कई मोहल्लों के लोग यहां पहुंच कर होलिका दहन में शामिल होते थे।
लेकिन अब धीरे-धीरे अधिकांश मोहल्लों में होलिका दहन के बड़े आयोजन होने लगे तो बड़ा बाजार चौराहे पर स्थानीय लोग ही परंपरा का निर्वाहन करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले लोग होलिका दहन के साथ शहीदों को भी नमन करते थे। उसके बाद ही रंग खेला जाता था। यह सिलसिला लगातार जारी है। बड़ा बाजार की होली देखने के लिए शहर के सभी धर्मों के लोग पहुंचते थे। सभी लोग मिलजुल कर होली का त्योहार मनाते थे। उन्होंने बताया कि पुराने दौर के मुकाबले इस बार की होली में काफी अंतर तो आया है लेकिन लोग परंपराएं नहीं भूले हैं। होली के दिन यहां के लोग शहीदों को जरूर याद करते हैं।
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24 की रात होगा होलिका दहन, 25 को रंग
जिले में होलिका दहन 24 मार्च की रात 11:13 मिनट के बाद किया जाएगा। जबकि 25 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। इस लोग रंगों में सराबोर रहेंगे।
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यूं तो जिलेभर में गांव-मोहल्लों में होलिका दहन का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। लेकिन मोहल्ला बड़ा बाजार चौक की होली प्रसिद्ध है। क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों ने शहर के स्वतंत्रता सेनानियों को इसी चौराहे पर फांसी पर लटका दिया था। इतिहासकार पंड़ित भुवनेश कुमार शर्मा ने बताया कि आंदोलन के दौरान अंग्रेजों ने बड़ा बाजार चौराहे पर आजादी के मतवालों को फांसी पर लटका दिया था। यह चौराहा शहर के लोगों के लिए आज भी महत्वपूर्ण है। होलिका दहन के दौरान यहां शहर के लोग एकजुट होकर होली जलाते आए हैं। इतना ही नहीं पहले कई मोहल्लों के लोग यहां पहुंच कर होलिका दहन में शामिल होते थे।
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लेकिन अब धीरे-धीरे अधिकांश मोहल्लों में होलिका दहन के बड़े आयोजन होने लगे तो बड़ा बाजार चौराहे पर स्थानीय लोग ही परंपरा का निर्वाहन करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले लोग होलिका दहन के साथ शहीदों को भी नमन करते थे। उसके बाद ही रंग खेला जाता था। यह सिलसिला लगातार जारी है। बड़ा बाजार की होली देखने के लिए शहर के सभी धर्मों के लोग पहुंचते थे। सभी लोग मिलजुल कर होली का त्योहार मनाते थे। उन्होंने बताया कि पुराने दौर के मुकाबले इस बार की होली में काफी अंतर तो आया है लेकिन लोग परंपराएं नहीं भूले हैं। होली के दिन यहां के लोग शहीदों को जरूर याद करते हैं।
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24 की रात होगा होलिका दहन, 25 को रंग
जिले में होलिका दहन 24 मार्च की रात 11:13 मिनट के बाद किया जाएगा। जबकि 25 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। इस लोग रंगों में सराबोर रहेंगे।