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Amroha News: जेबड़ा में आंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर अड़े, हंगामा
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बुरावली। रहरा थानाक्षेत्र के गांव जेबड़ा मुस्तकम में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद हो गया। कुछ ग्रामीणों ने बिना अनुमति से आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर नई परंपरा डालने की शिकायत की। इसकी सूचना पर कई थानों की पुलिस और प्रशासन के अधिकारी गांव में पहुंच गए हैं। प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन गांव की महिलाएं और कुछ ग्रामीण प्रतिमा हटाने नहीं दे रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
रहरा थाना क्षेत्र के गांव जेबड़ा मुस्तकम में आंबेडकर के पार्क के लिए स्थान है। सोमवार को उस स्थान पर गांव की महिलाओं और कुछ ग्रामीणों ने वहां आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। इसे देखकर गांव के ही अन्य लोगों ने बिना अनुमति के नई परंपरा डालने का आरोप लगाते हुए शिकायत कर दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन सैंकड़ों की तादाद में महिलाएं आंबेडकर की प्रतिमा के पास से हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
सूचना मिलते ही हसनपुर, आदमपुर, सैदनगली समेत कई थानों की पुलिस, एसडीएम हिमांशु उपाध्याय, सीओ पंकज कुमार त्यागी भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की। लेकिन वह नहीं मानीं।
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पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य चंद्रपाल खड़गवंशी भी पहुंच गए। प्रशासन के अधिकारियों ने हवाला दिया कि अनुमति कराने के बाद दोबारा से प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी। लेकिन इस बात पर भी महिलाएं सहमत नहीं हुईं।
भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे
बुरावली। गांव जेबड़ा मुस्तकम में आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुए विवाद की सूचना पाकर भीम आर्मी के मंडल उपाध्यक्ष मोनू सागर का कहना है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित किया गया है। जबकि प्रशासन के द्वारा जानकारी ये मिल रही है कि बना परमिशन के प्रतिमा लगाई गई है। कुछ लोगों ने इस विषय को मोहरा बनाकर समाज के कुछ लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोगों ने पहले तो आश्वासन दे दिया कि आप प्रतिमा लगा दो और उसके बाद कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन जब आंबेडकर प्रतिमा यहां लगा दी गई, तो वहीं लोग विरोध कर रहे हैं। संवाद
आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने वाले लोगों को समझाया गया है कि प्रतिमा लगाने के लिए परमिशन की जरूरत होती है जो अभी उनके पास नहीं है। इसलिए इस परमिशन में दो से चार दिन का समय लगेगा। परमिशन होने के बाद प्रतिमा दोबारा स्थापित करा दी जाएगी।-- हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम हसनपुर
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रहरा थाना क्षेत्र के गांव जेबड़ा मुस्तकम में आंबेडकर के पार्क के लिए स्थान है। सोमवार को उस स्थान पर गांव की महिलाओं और कुछ ग्रामीणों ने वहां आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। इसे देखकर गांव के ही अन्य लोगों ने बिना अनुमति के नई परंपरा डालने का आरोप लगाते हुए शिकायत कर दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन सैंकड़ों की तादाद में महिलाएं आंबेडकर की प्रतिमा के पास से हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
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सूचना मिलते ही हसनपुर, आदमपुर, सैदनगली समेत कई थानों की पुलिस, एसडीएम हिमांशु उपाध्याय, सीओ पंकज कुमार त्यागी भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की। लेकिन वह नहीं मानीं।
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पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य चंद्रपाल खड़गवंशी भी पहुंच गए। प्रशासन के अधिकारियों ने हवाला दिया कि अनुमति कराने के बाद दोबारा से प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी। लेकिन इस बात पर भी महिलाएं सहमत नहीं हुईं।
भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे
बुरावली। गांव जेबड़ा मुस्तकम में आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुए विवाद की सूचना पाकर भीम आर्मी के मंडल उपाध्यक्ष मोनू सागर का कहना है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित किया गया है। जबकि प्रशासन के द्वारा जानकारी ये मिल रही है कि बना परमिशन के प्रतिमा लगाई गई है। कुछ लोगों ने इस विषय को मोहरा बनाकर समाज के कुछ लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोगों ने पहले तो आश्वासन दे दिया कि आप प्रतिमा लगा दो और उसके बाद कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन जब आंबेडकर प्रतिमा यहां लगा दी गई, तो वहीं लोग विरोध कर रहे हैं। संवाद
आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने वाले लोगों को समझाया गया है कि प्रतिमा लगाने के लिए परमिशन की जरूरत होती है जो अभी उनके पास नहीं है। इसलिए इस परमिशन में दो से चार दिन का समय लगेगा। परमिशन होने के बाद प्रतिमा दोबारा स्थापित करा दी जाएगी।