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ढबारसी में दो मोर मरे
ब्यूरो अमर उजाला/ढबारसी (अमरोहा)।
Updated Sun, 15 Apr 2018 01:12 AM IST
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घायल मिला राष्ट्रीय पक्षी।
- फोटो : अमर उजाला
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कस्बे में बंदरों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब राष्ट्रीय पक्षी मोर पर आफत आई गई है। एक सप्ताह में तीन मोर घायल हालत में पड़े मिल चुके हैं। जिनमें दो मोरों की शनिवार को मौत हो गई। जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
शनिवार को नरेश त्यागी के बाग में एक मोर घायल हालत में पड़ा मिला। वन विभाग के अधिकारियों और डाक्टरों ने इस मोर का इलाज शुरू कर दिया। डाक्टरों का कहना है कि यह मोर भी बचना मुश्किल है। उधर शनिवार को ही पहले घायल मिले दो मोर की मौत हो गई। इनमें एक मोर नौ अप्रैल को नरेश त्यागी के बाग में पड़ा मिला था और एक 11 अप्रैल को लाखन सिंह के बाग में। लोगों का दबी जुबान में कहना है कि मोर का शिकार किया जा रहा है। पहले इन बागों में काफी मोर हुआ करते थे, लेकिन, अब इनकी संख्या काफी कम हो गई है। वहीं रविवार को वन विभाग और पुलिस ने बाग मालिक और बाग के रखवालों को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया है। जल्द ही इस मामले में वाइल्ड लाइफ एक्ट के तह मामला दर्ज किया जा सकता है। एसडीओ एके सिंह ने बताया कि घायल मिले मोर रेंज कार्यालय में रखे गए थे जबकि, डाक्टरों की सुपुर्दगी में देने चाहिए थे। मामले में रेंज अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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शनिवार को नरेश त्यागी के बाग में एक मोर घायल हालत में पड़ा मिला। वन विभाग के अधिकारियों और डाक्टरों ने इस मोर का इलाज शुरू कर दिया। डाक्टरों का कहना है कि यह मोर भी बचना मुश्किल है। उधर शनिवार को ही पहले घायल मिले दो मोर की मौत हो गई। इनमें एक मोर नौ अप्रैल को नरेश त्यागी के बाग में पड़ा मिला था और एक 11 अप्रैल को लाखन सिंह के बाग में। लोगों का दबी जुबान में कहना है कि मोर का शिकार किया जा रहा है। पहले इन बागों में काफी मोर हुआ करते थे, लेकिन, अब इनकी संख्या काफी कम हो गई है। वहीं रविवार को वन विभाग और पुलिस ने बाग मालिक और बाग के रखवालों को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया है। जल्द ही इस मामले में वाइल्ड लाइफ एक्ट के तह मामला दर्ज किया जा सकता है। एसडीओ एके सिंह ने बताया कि घायल मिले मोर रेंज कार्यालय में रखे गए थे जबकि, डाक्टरों की सुपुर्दगी में देने चाहिए थे। मामले में रेंज अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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