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Amroha News: बेगपुर मुंडा में बुखार से मासूम समेत दो की मौत
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सैदनगली। बुखार हर दिन किसी ने किसी जिंदगी लील रहा है। अब बुखार ने गांव बेगपुर मुंडा में दस्तक दे दी है। गांव बुखार से पीड़ित किसान ज्ञान सिंह के एक वर्षीय बेटे हिमांशु और महिपाल सिंह (48) पुत्र प्रेम सिंह की मौत हो गई। गांव में दो मौत होने से ग्रामीण सहमे हुए हैं उधर, गांव में बुखार से सैकड़ों लोग बुखार से तप रहे हैं। ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाने की मांग की है।
गांव निवासी किसान ज्ञान सिंह के एक वर्षीय बेटे हिमांशु को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने आसपास के चिकित्सकों से उपचार करवाया। लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार की रात को उपचार के दौरान हिमांशु की मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। हिमांशु तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। उधर, गांव में ही महिपाल सिंह 48 वर्ष पुत्र प्रेम सिंह को सप्ताहभर से बुखार आ रहा था। परिजनों ने पास के निजी चिकित्सक से उपचार करवाया। लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार प्लेटलेट्स घटती गईं। शुक्रवार की सुबह को महिपाल की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। महिपाल ने अपने पीछे एक बेटी व तीन बेटे छोड़े हैं। गांव में बुखार को लेकर दहशत बनी हुई है। गांव में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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गांव में सौ से ज्यादा बीमार, झोलाछाप से करा रहे उपचार
सैदनगली/आदमपुर। क्षेत्र के गांव बेगपुर मुंडा में बुखार का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ रहा है। गांव में गंदगी पसरी हुई है। जिससे ग्रामीणाें को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नियमित रूप से सफाई कार्य भी नहीं कराया जा। गांव बेगपुर मुंडा निवासी विशाखा, होशियार सिंह, श्यामो देवी, नथिया देवी, गोपाल सिंह, कमलेश देवी, हरपाल सिंह, बीना देवी, प्रेमवती, वेदपाल, रामकिशन, वीरेश कुमार, नरेश चंद्र, कृपाल सिंह आदि लोग बुखार से पीड़ित हैं। जबकि गांव के हिमांशु व महिपाल की बुखार से मौत हो चुकी है। बीमार लोग झोलाछापों से उपचार करवा रहे हैं। उधर, आदमपुर क्षेत्र में भी निजी अस्पताल व झोलाछापों की दुकान पर बुखार से पीड़ित मरीजों की भरमार है। गारबपुर, ढबारसी, आदमपुर, रहरा, रहरई, सुतावली, बुरावली, छपना, दौरारा में झोलाछाप के यहां बुखार के मरीज उपचार कराने को मजबूर हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। हसनपुर सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर ध्रुवेंद्र सिंह कहना है कि गांव में कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया जाएगा।
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नाजपुर में भी कम नहीं हो रहा बुखार का प्रकोप
नौगांवा सादात। नाजरपुर कलां में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। पिछले 15 दिनों पिता-पुत्र समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी कई घरों में बुखार पैर पसारे हुए है। बीमार मरीज गांव के ही चिकित्सक के यहां इलाज कराने को मजबूर हैं। अधिक बीमार मरीज मेरठ व मुरादाबाद के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य टीम एक बार ही गांव पहुंची। विभागीय टीम को लगातार यहां कैंप करने की जरूरत है। ताकि, मरीजाें की समय पर जांच हो सके और उन्हें इलाज मिल सके।
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बुखार से प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य टीम कैंपिंग किए हुए है। जहां मरीजाें की जांच की जा रही है। वहीं, गांव में ही उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिन गांवों में गंदगी पसरी है। वहां के ग्राम प्रधानों को सफाई कराने और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के लिए निर्देशित किया गया है। विभाग लगातार बुखार को लेकर अलर्ट है।
-डा. एसपी सिंह, सीएमओ।
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गांव निवासी किसान ज्ञान सिंह के एक वर्षीय बेटे हिमांशु को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने आसपास के चिकित्सकों से उपचार करवाया। लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार की रात को उपचार के दौरान हिमांशु की मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। हिमांशु तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। उधर, गांव में ही महिपाल सिंह 48 वर्ष पुत्र प्रेम सिंह को सप्ताहभर से बुखार आ रहा था। परिजनों ने पास के निजी चिकित्सक से उपचार करवाया। लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार प्लेटलेट्स घटती गईं। शुक्रवार की सुबह को महिपाल की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। महिपाल ने अपने पीछे एक बेटी व तीन बेटे छोड़े हैं। गांव में बुखार को लेकर दहशत बनी हुई है। गांव में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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गांव में सौ से ज्यादा बीमार, झोलाछाप से करा रहे उपचार
सैदनगली/आदमपुर। क्षेत्र के गांव बेगपुर मुंडा में बुखार का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ रहा है। गांव में गंदगी पसरी हुई है। जिससे ग्रामीणाें को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नियमित रूप से सफाई कार्य भी नहीं कराया जा। गांव बेगपुर मुंडा निवासी विशाखा, होशियार सिंह, श्यामो देवी, नथिया देवी, गोपाल सिंह, कमलेश देवी, हरपाल सिंह, बीना देवी, प्रेमवती, वेदपाल, रामकिशन, वीरेश कुमार, नरेश चंद्र, कृपाल सिंह आदि लोग बुखार से पीड़ित हैं। जबकि गांव के हिमांशु व महिपाल की बुखार से मौत हो चुकी है। बीमार लोग झोलाछापों से उपचार करवा रहे हैं। उधर, आदमपुर क्षेत्र में भी निजी अस्पताल व झोलाछापों की दुकान पर बुखार से पीड़ित मरीजों की भरमार है। गारबपुर, ढबारसी, आदमपुर, रहरा, रहरई, सुतावली, बुरावली, छपना, दौरारा में झोलाछाप के यहां बुखार के मरीज उपचार कराने को मजबूर हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। हसनपुर सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर ध्रुवेंद्र सिंह कहना है कि गांव में कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया जाएगा।
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नाजपुर में भी कम नहीं हो रहा बुखार का प्रकोप
नौगांवा सादात। नाजरपुर कलां में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। पिछले 15 दिनों पिता-पुत्र समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी कई घरों में बुखार पैर पसारे हुए है। बीमार मरीज गांव के ही चिकित्सक के यहां इलाज कराने को मजबूर हैं। अधिक बीमार मरीज मेरठ व मुरादाबाद के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य टीम एक बार ही गांव पहुंची। विभागीय टीम को लगातार यहां कैंप करने की जरूरत है। ताकि, मरीजाें की समय पर जांच हो सके और उन्हें इलाज मिल सके।
बुखार से प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य टीम कैंपिंग किए हुए है। जहां मरीजाें की जांच की जा रही है। वहीं, गांव में ही उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिन गांवों में गंदगी पसरी है। वहां के ग्राम प्रधानों को सफाई कराने और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के लिए निर्देशित किया गया है। विभाग लगातार बुखार को लेकर अलर्ट है।
-डा. एसपी सिंह, सीएमओ।