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एआरटीओ कार्यालय से समय दिया पर नहीं की गई एंबुलेंस की फिटनेस

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 01:55 AM IST
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Time given from ARTO office but not done fitness of ambulance
डीएम के नाम वाली एंबुलेंस की फिटनेस कराने को लेकर एआरटीओ कार्यालय के जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने फिटनेस के लिए आवेदन ऑनलाइन कर दिया है। एआरटीओ कार्यालय से समय भी मिला। दो बार चालक एंबुलेंस लेकर कार्यालय भी पहुंचा। लेकिन फिटनेस नहीं की गई। आरआई का कहना है कि एआरटीओ साहब ने फिटनेस करने से मना किया है। वह छुट्टी पर हैं, उनके आने के बाद ही कुछ हो सकेगा। वहीं स्वस्थ्य विभाग ने एंबुलेंस के बीमा और प्रदूषण बनवाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
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जनपद में परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में एक एंबुलेंस डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से पंजीकृत है। एआरटीओ कार्यालय में इस एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन 7 दिसंबर 2013 को कराया गया था। रजिस्ट्रेशन के बाद इसे यूपी 23 जी-0184 नंबर आवंटित किया गया। रजिस्ट्रेशन तिथि से तय हुई। इसकी फिटनेस अवधि 6 दिसंबर 2015 को पूरी हो गई।
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इसके बाद इसकी फिटनेस का नवीनीकरण कराने का प्रयास न डीएम दफ्तर के स्तर से हुआ और न ही किसी और माध्यम से। एंबुलेंस का आज तक बीमा नहीं हुआ और प्रदूषण रहित होने का सर्टिफिकेट भी इश्यू नहीं कराया गया है। शुरूआती दिनों में यह एंबुलेंस नगर की एक संस्था के पास थी। जिसके बाद उसे स्वास्थ्य विभाग के हैंडऑवर कर दिया गया था। हैरानी की बात यह थी कि 25 नवंबर तक डीएम या उनके स्टाफ को इसकी कोई जानकारी नहीं थी, कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से कोई एंबुलेंस हैं। यह भी नहीं मालूम था कि इस एंबुलेंस का कहां इस्तेमाल हो रहा है। डीएम दफ्तर के साथ-साथ एआरटीओ कार्यालय और जिले की पुलिस भी इस एंबुलेंस की लोकेशन से बेखबर थी।
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26 नवंबर को अमर उजाला में डीएम के नाम है एंबुलेंस, उन्हें नहीं मालूम, कहां है-ये भी नहीं पता शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने कड़ा संज्ञान लिया। सीएमओ और एआरटीओ से रिकार्ड तलब किया और एंबुलेंस की फिटनेस कराने के निर्देश दिए थे। डीएम की फटकार के बाद सीएमओ कार्यालय से 9 नवंबर को एंबुलेंस की फिटनेस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया। परिवहन विभाग ने 10 नवंबर की तिथि नियत कर एआरटीओ कार्यालय पर एंबुलेंस को मंगाया गया। जब तक चालक एंबुलेंस लेकर पहुंचा तो एआरटीओ प्रशासन अचानक छुट्टी पर चले गए थे। लिहाजा चालक दो बार एंबुलेंस लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंच चुका है। बावजूद इसके आरआई ने एंबुलेंस की फिटनेस करने के इंकार कर दिया है।
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