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Amroha News: गोकशी के पांच दोषियों को तीन-तीन साल की सजा
Wed, 30 Aug 2023 01:47 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 30 Aug 2023 01:47 AM IST
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अमरोहा। न्यायालय ने गोकशी के पांच दोषियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही साक्ष्यों के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
ये घटना 22 जून 2010 की है। हसनपुर कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला कुरैशियान खानजादगान वाली गली में छापेमारी कर गोकशी पकड़ी थी। जिस पर आरोपियों ने पुलिस कर्मियों पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी रिजवान, जाकिर, सगीर, आरिफ, परवेज को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि असलम, शरीफ, भूरा मौके से भाग निकले थे। पुलिस ने मौके से पांच गोवंशीय पशुओं की खाल, एक मृत गाय, दो कुंतल गोवंशीय पशु का मांस, दो रस्सी, तीन छुरे बरामद किए थे। साथ ही रिजवान और जाकिर से एक-एक तमंचा बरामद किया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में सभी जमानत पर जेल से बाहर आ गए। ये मुकदमा एडीजे तृतीय निशांत शैव्य की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय संजीव चौधरी पैरवी कर रहे थे। सुनवाई के दौरान आरोपी शरीफ की मौत हो गई। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी रिजवान, जाकिर, सगीर, आरिफ, परवेज को तीन-तीन वर्ष का कारावास व दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साक्ष्य नहीं मिलने पर आरोपी असलम और भूरा को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय का फैसला आने के बाद पांचों दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
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ये घटना 22 जून 2010 की है। हसनपुर कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला कुरैशियान खानजादगान वाली गली में छापेमारी कर गोकशी पकड़ी थी। जिस पर आरोपियों ने पुलिस कर्मियों पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी रिजवान, जाकिर, सगीर, आरिफ, परवेज को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि असलम, शरीफ, भूरा मौके से भाग निकले थे। पुलिस ने मौके से पांच गोवंशीय पशुओं की खाल, एक मृत गाय, दो कुंतल गोवंशीय पशु का मांस, दो रस्सी, तीन छुरे बरामद किए थे। साथ ही रिजवान और जाकिर से एक-एक तमंचा बरामद किया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में सभी जमानत पर जेल से बाहर आ गए। ये मुकदमा एडीजे तृतीय निशांत शैव्य की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय संजीव चौधरी पैरवी कर रहे थे। सुनवाई के दौरान आरोपी शरीफ की मौत हो गई। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी रिजवान, जाकिर, सगीर, आरिफ, परवेज को तीन-तीन वर्ष का कारावास व दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साक्ष्य नहीं मिलने पर आरोपी असलम और भूरा को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय का फैसला आने के बाद पांचों दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
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