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Amroha News: गैरइरादतन हत्या में दो सगे भाई समेत तीन को चार साल की सजा
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अमरोहा। गैरइरादतन हत्या के मामले में न्यायालय ने दो सगे भाइयों समय तीन लोगों को चार-चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही 73 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया है। तमाम प्रयासों के बाद भी तीनों दोषियों को जमानत नहीं मिल सकी थी।
ये घटना रहरा थानाक्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 25 मार्च 2021 को हुई थी। यहां पर छज्जू सिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे राम रतन सिंह किसान थे। घटना वाले दिन सुबह 7:30 बजे राम रतन सिंह खेत पर काम कर रहे थे। तभी गांव के ही रहने वाले नेमचंद, ओमकार और बलेश ने जान से मारने की नीयत से उन पर हमला कर दिया। लाठी डंडों से बुरी तरह पीटा। राम रतन सिंह के शोर मचाने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। तभी आरोपी तमंचा लहराते हुए मौके से भाग निकले।
घटना में राम रतन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पहुंचे लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में गांव के ही रहने वाले मोहर सिंह ने आरोपी नेमचंद, ओमकार और बलेश के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय निशांत शैव्य की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित वशिष्ठ पैरवी कर रहे थे। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर नेमचंद, ओमकार और बलेश को दोषी करार दिया। साथ ही तीनों को चार-चार साल की सजा सुनाई और 73 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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ये घटना रहरा थानाक्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 25 मार्च 2021 को हुई थी। यहां पर छज्जू सिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे राम रतन सिंह किसान थे। घटना वाले दिन सुबह 7:30 बजे राम रतन सिंह खेत पर काम कर रहे थे। तभी गांव के ही रहने वाले नेमचंद, ओमकार और बलेश ने जान से मारने की नीयत से उन पर हमला कर दिया। लाठी डंडों से बुरी तरह पीटा। राम रतन सिंह के शोर मचाने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। तभी आरोपी तमंचा लहराते हुए मौके से भाग निकले।
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घटना में राम रतन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पहुंचे लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में गांव के ही रहने वाले मोहर सिंह ने आरोपी नेमचंद, ओमकार और बलेश के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय निशांत शैव्य की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित वशिष्ठ पैरवी कर रहे थे। मंगलवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर नेमचंद, ओमकार और बलेश को दोषी करार दिया। साथ ही तीनों को चार-चार साल की सजा सुनाई और 73 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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