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Amroha News: मारपीट और एससी-एसटी एक्ट में तीन सगे भाइयों को तीन साल की सजा
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अमरोहा। मारपीट और एससी एसटी एक्ट के मामले में तीन सगे भाइयों को न्यायालय ने तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 33 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। तीनों दोषी जमानत पर जेल से बाहर थे।
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि ये घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव दौरारा में हुई थी। यहां पर अनुसूचित जाति के किसान विपिन कुमार का परिवार रहता है। 25 मई 2020 को विपिन अपने खेत पर फसल की रखवाली कर रहे थे। तभी गांव के ही रहने वाले निरंकार की भैंस खेत में घुस आई। इस दौरान विपिन ने निरंकार से अपनी भैंस को खेत से बाहर निकलने के लिए कहा तो उसने जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। पीड़ित विपिन कुमार ने इसका विरोध किया तो आरोपी निरंकार ने अपने भाई गौतम और निकिल के साथ मिलकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। विपिन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में विपिन कुमार की शिकायत पर पुलिस ने निरंकार, गौतम और निकिल के खिलाफ मारपीट, गाली गलौज और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके कुछ दिन बाद तीनों भाई जमानत पर जेल से बाहर आ गए।
ये मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष एससी-एसटी एक्ट कुसुम लता की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज सक्सेना पैरवी कर रहे थे। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी निरंकार, गौतम और निकिल को दोषी करार दिया। साथ ही तीनों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई और 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि ये घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव दौरारा में हुई थी। यहां पर अनुसूचित जाति के किसान विपिन कुमार का परिवार रहता है। 25 मई 2020 को विपिन अपने खेत पर फसल की रखवाली कर रहे थे। तभी गांव के ही रहने वाले निरंकार की भैंस खेत में घुस आई। इस दौरान विपिन ने निरंकार से अपनी भैंस को खेत से बाहर निकलने के लिए कहा तो उसने जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। पीड़ित विपिन कुमार ने इसका विरोध किया तो आरोपी निरंकार ने अपने भाई गौतम और निकिल के साथ मिलकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। विपिन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में विपिन कुमार की शिकायत पर पुलिस ने निरंकार, गौतम और निकिल के खिलाफ मारपीट, गाली गलौज और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके कुछ दिन बाद तीनों भाई जमानत पर जेल से बाहर आ गए।
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ये मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष एससी-एसटी एक्ट कुसुम लता की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज सक्सेना पैरवी कर रहे थे। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी निरंकार, गौतम और निकिल को दोषी करार दिया। साथ ही तीनों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई और 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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