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Amroha News: जिन पर विश्वास किया, उन्होंने ले ली यश मित्तल की जान
Thu, 29 Feb 2024 03:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 29 Feb 2024 03:00 AM IST
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गजरौला। जिन पर यश मित्तल व उनके परिवार को बहुत अधिक भरोसा था, वही उसकी जान के दुश्मन बन गए। हत्यारोपी रचित नागर व उसके साथियाें का यश के घर अच्छी तरह आना जाना था। उन पर सभी को बड़ा विश्वास था। इसी विश्वास ने यश की जान ले ली।
टीचर कॉलोनी निवासी इलेक्ट्रोनिक्स कारोबारी यश मित्तल का परिवार मूलरूप से बुलंदशहर के स्याना का रहने वाला है। करीब चार दशक पूर्व उनका परिवार गजरौला में आकर बस गया। सबसे पहले वह लक्ष्मीनगर में रहे। इसके बाद टीचर कॉलोनी में रहने लगे। उनके इकलौते बेटे यश मित्तल की हत्या करने में जिस दोस्त रचित नागर व उसके साथियों का नाम सामने आ रहा है, उन पर यश मित्तल व उनके परिवार को बड़ा भरोसा था। बताया जाता है कि रचित का उनके घर आना जाना था। मगर वह उनके घर के चिराग को बुझा देगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।
बेटे के फोन से दी पिता को हत्या की खबर
गजरौला। बीबीए के छात्र यश मित्तल के हत्यारोपी अपना कोई फोन इस्तेमाल करने की बजाय उसका ही फोन चला रहे थे। उसके ही फोन से यश मित्तल के पिता प्रदीप मित्तल को फोन कर छह करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। यश मित्तल का एक हत्यारोपी रचित नागर दो भाई हैं। उसका बड़ा भाई खेतीबाड़ी करता है। पिता चंदौसी में काम करते हैं। दो साल पूर्व उसकी शादी की गई। जिसने भी सुना कि उसने दोस्त की हत्या कर दी है, वह सन्न रह गया।
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टीचर कॉलोनी निवासी इलेक्ट्रोनिक्स कारोबारी यश मित्तल का परिवार मूलरूप से बुलंदशहर के स्याना का रहने वाला है। करीब चार दशक पूर्व उनका परिवार गजरौला में आकर बस गया। सबसे पहले वह लक्ष्मीनगर में रहे। इसके बाद टीचर कॉलोनी में रहने लगे। उनके इकलौते बेटे यश मित्तल की हत्या करने में जिस दोस्त रचित नागर व उसके साथियों का नाम सामने आ रहा है, उन पर यश मित्तल व उनके परिवार को बड़ा भरोसा था। बताया जाता है कि रचित का उनके घर आना जाना था। मगर वह उनके घर के चिराग को बुझा देगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।
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बेटे के फोन से दी पिता को हत्या की खबर
गजरौला। बीबीए के छात्र यश मित्तल के हत्यारोपी अपना कोई फोन इस्तेमाल करने की बजाय उसका ही फोन चला रहे थे। उसके ही फोन से यश मित्तल के पिता प्रदीप मित्तल को फोन कर छह करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। यश मित्तल का एक हत्यारोपी रचित नागर दो भाई हैं। उसका बड़ा भाई खेतीबाड़ी करता है। पिता चंदौसी में काम करते हैं। दो साल पूर्व उसकी शादी की गई। जिसने भी सुना कि उसने दोस्त की हत्या कर दी है, वह सन्न रह गया।
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