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ये लापरवाही-इंतजाम...आगे क्या होगा कोरोना का अंजाम
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इस इंतजाम और लापरवाही से क्या होगा कोरोना का अंजाम
- अमरोहा की सीमा से लगे जिलों से कम हुए अपने यहां सैंपल
- मंडल में सबसे अधिक मुरादाबाद और सबसे कम अमरोहा में
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। मंडल में अभी तक अमरोहा में सबसे कम 2480 सैंपल हुए हैं। नतीजतन संक्रमित मरीज भी कम 74 मिले हैं। जिसे लेकर कोरोना का खौफ कम हुआ है तो लोग अधिक लापरवाह हो गए हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद गुलजार बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम है। बिना मास्क बेरोकटोक छोटे बड़े सभी सड़कों पर निकलने लगे हैं। आने वाले दो महीने कोरोना को लेकर अधिक संवेदनशील हैं। ऐसे में ये लापरवाही और इंतजाम जिले में कोरोना को किस अंजाम तक पहुंचाएगा, ये कहा नहीं जा सकता।
मंडल में अभी तक सबसे अधिक मुरादाबाद में 8186 सैंपल कराए जा चुके हैं। इसमें 275 पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा रामपुर, संभल, बिजनौर में भी संक्रमित मरीजों की संख्या 150 के पार ही है। वहीं अमरोहा में संक्रमित मरीजों की संख्या 74 हैं। जो मंडल में सबसे कम है। जिले में पॉजिटिव केस कम होने पर स्वास्थ्य विभाग अपनी उपलब्धि मान रहा है। इस उपलब्धि की दूसरी तस्वीर ये है कि अमरोहा में सैंपल कम हुए हैं। जब सैंपल कम है तो पॉजिटिव केस भी कम हैं। जिले में अभी तक 2480 सैंपल ही हो सके हैं। जो रामपुर में हुए सैंपलों का पचास फीसदी भी नहीं है। पड़ोसी जिलों में सैंपलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि वहां पॉजिटिव केस भी अधिक मिल रहे हैं। अमरोहा में दूसरे जिलों से केस कम होने पर लोगों कोरोना का खौफ भी कम हुआ है। बाजार खुलने के बाद लोग अधिक लापरवाह भी हो गए। ऐसे में सैंपलिंग का ये इंतजाम और लापरवाही आने वाले दिनों में लोगों को मुसीबत में डाल सकती है।
एक नजर जिले के आंकड़े पर
कुल सैंपल : 2480
कुल पॉजिटिव केस: 74
कुल डिस्चार्ज : 67
कुल एक्टिव केस: 06
कुल निगेटिव: 2339
कुल मौत: 01
कुल विदेश यात्रा से लौटने वाले: 231
कुल प्रवासी: 27052
मुरादाबाद मंडल और अमरोहा के सीमावर्ती जिलों की स्थिति
जिला कुल सैंपल कुल पॉजिटिव
मुरादाबाद 8186 275
रामपुर 5272 223
अमरोहा 2480 74
संभल 6128 154
बिजनौर 5598 176
मेरठ 16132 536
हापुड़ 4200 199
बुलंदशहर 267
मेडिकल क्वारंटीन सेंटर कम होना भी वजह
अमरोहा। जिले में सैंपल कम होन की एक वजह मेडिकल क्वारंटीन सेंटर कम होना भी है। कोरोना संक्रमण के शुरुआत दौर में जिले में दस से अधिक क्वारंटीन सेंटर बनाए गए थे। जहां सैंपल लेने के बाद आशंकित मरीजों को रखा जाता था। लेकिन अब आशंकित मरीजों के लिए सिर्फ तीन मेडिकल क्वारंटीन सेंटर है। जिला अस्पताल और गजरौला के दो अस्पतालों में सैंपल के बाद मरीजों रिपोर्ट आने तक रखा जा रहा है। दो से तीन दिन बाद रिपोर्ट आने पर ही मरीजों को घर या एल वन हास्पिटल में शिफ्ट किया जाता है।
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लापरवाही-एक
अमरोहा। 29 मई को स्वास्थ्य विभाग ने बिना रिपोर्ट आए पुणे से लौटे बारबर को घर भेज दिया था। 30 मई 61 सैंपलों की रिपोर्ट आई तो घर भेजा गया बारबर संक्रमित पाया गया। इस दौरान वह 19 घंटे अपने घर में परिवार के साथ रहा। बाद में परिवार के सदस्यों का सैंपल कराया गया। इसमें बारबर का भाई संक्रमित पाया गया।
लापरवाही-दो
अमरोहा। आठ जून आई 142 सैंपलों की रिपोर्ट के बाद निगेटिव बताकर कुवैत से लौटे डेंटर, प्राइवेट इंजीनियर, आशा और टेलर को घर भेज दिया गया। लेकिन देर रात भूल सुधार कर लखनऊ से भेजी गई रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। नौ जून की सुबह सभी संक्रमितों को विम्स हास्पिटल में भर्ती कराया गया। इनके परिवार के सदस्यों का सैंपल कराया गया है। रिपोर्ट आने पर इनके चेन का पता चलेगा।
लापरवाही-तीन
अमरोहा। डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक हेल्थ वर्करों का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। इसके तहत जिले की एक आशा का सैंपल कराया गया। इसके बाद आशा को आइसोलेट नहीं किया गया। बल्कि उसे घर भेज दिया गया। भूल सुधार रिपोर्ट में आशा कोरोना पॉजिटिव पाई गई।
मंडल में अमरोहा जिले में सैंपल कम है। लेकिन हमारे यहां सलेक्ट सैंपल हो रहे हैं। दूसरे जिलों में स्टाफ के अधिक सैंपल हैं। जिले में सैंपलों की संख्या बढ़ाई जा रही है। मेडिकल क्वारंटीन सेंटर की समस्या हो रहिी है। शेल्टर हाउस को भी मेडिकल सेंटर बनाया गया है। सैंपलों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। - डॉ. विनोद कुमार, डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस आफिसर
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- अमरोहा की सीमा से लगे जिलों से कम हुए अपने यहां सैंपल
- मंडल में सबसे अधिक मुरादाबाद और सबसे कम अमरोहा में
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा। मंडल में अभी तक अमरोहा में सबसे कम 2480 सैंपल हुए हैं। नतीजतन संक्रमित मरीज भी कम 74 मिले हैं। जिसे लेकर कोरोना का खौफ कम हुआ है तो लोग अधिक लापरवाह हो गए हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद गुलजार बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम है। बिना मास्क बेरोकटोक छोटे बड़े सभी सड़कों पर निकलने लगे हैं। आने वाले दो महीने कोरोना को लेकर अधिक संवेदनशील हैं। ऐसे में ये लापरवाही और इंतजाम जिले में कोरोना को किस अंजाम तक पहुंचाएगा, ये कहा नहीं जा सकता।
मंडल में अभी तक सबसे अधिक मुरादाबाद में 8186 सैंपल कराए जा चुके हैं। इसमें 275 पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा रामपुर, संभल, बिजनौर में भी संक्रमित मरीजों की संख्या 150 के पार ही है। वहीं अमरोहा में संक्रमित मरीजों की संख्या 74 हैं। जो मंडल में सबसे कम है। जिले में पॉजिटिव केस कम होने पर स्वास्थ्य विभाग अपनी उपलब्धि मान रहा है। इस उपलब्धि की दूसरी तस्वीर ये है कि अमरोहा में सैंपल कम हुए हैं। जब सैंपल कम है तो पॉजिटिव केस भी कम हैं। जिले में अभी तक 2480 सैंपल ही हो सके हैं। जो रामपुर में हुए सैंपलों का पचास फीसदी भी नहीं है। पड़ोसी जिलों में सैंपलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि वहां पॉजिटिव केस भी अधिक मिल रहे हैं। अमरोहा में दूसरे जिलों से केस कम होने पर लोगों कोरोना का खौफ भी कम हुआ है। बाजार खुलने के बाद लोग अधिक लापरवाह भी हो गए। ऐसे में सैंपलिंग का ये इंतजाम और लापरवाही आने वाले दिनों में लोगों को मुसीबत में डाल सकती है।
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एक नजर जिले के आंकड़े पर
कुल सैंपल : 2480
कुल पॉजिटिव केस: 74
कुल डिस्चार्ज : 67
कुल एक्टिव केस: 06
कुल निगेटिव: 2339
कुल मौत: 01
कुल विदेश यात्रा से लौटने वाले: 231
कुल प्रवासी: 27052
मुरादाबाद मंडल और अमरोहा के सीमावर्ती जिलों की स्थिति
जिला कुल सैंपल कुल पॉजिटिव
मुरादाबाद 8186 275
रामपुर 5272 223
अमरोहा 2480 74
संभल 6128 154
बिजनौर 5598 176
मेरठ 16132 536
हापुड़ 4200 199
बुलंदशहर 267
मेडिकल क्वारंटीन सेंटर कम होना भी वजह
अमरोहा। जिले में सैंपल कम होन की एक वजह मेडिकल क्वारंटीन सेंटर कम होना भी है। कोरोना संक्रमण के शुरुआत दौर में जिले में दस से अधिक क्वारंटीन सेंटर बनाए गए थे। जहां सैंपल लेने के बाद आशंकित मरीजों को रखा जाता था। लेकिन अब आशंकित मरीजों के लिए सिर्फ तीन मेडिकल क्वारंटीन सेंटर है। जिला अस्पताल और गजरौला के दो अस्पतालों में सैंपल के बाद मरीजों रिपोर्ट आने तक रखा जा रहा है। दो से तीन दिन बाद रिपोर्ट आने पर ही मरीजों को घर या एल वन हास्पिटल में शिफ्ट किया जाता है।
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लापरवाही-एक
अमरोहा। 29 मई को स्वास्थ्य विभाग ने बिना रिपोर्ट आए पुणे से लौटे बारबर को घर भेज दिया था। 30 मई 61 सैंपलों की रिपोर्ट आई तो घर भेजा गया बारबर संक्रमित पाया गया। इस दौरान वह 19 घंटे अपने घर में परिवार के साथ रहा। बाद में परिवार के सदस्यों का सैंपल कराया गया। इसमें बारबर का भाई संक्रमित पाया गया।
लापरवाही-दो
अमरोहा। आठ जून आई 142 सैंपलों की रिपोर्ट के बाद निगेटिव बताकर कुवैत से लौटे डेंटर, प्राइवेट इंजीनियर, आशा और टेलर को घर भेज दिया गया। लेकिन देर रात भूल सुधार कर लखनऊ से भेजी गई रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। नौ जून की सुबह सभी संक्रमितों को विम्स हास्पिटल में भर्ती कराया गया। इनके परिवार के सदस्यों का सैंपल कराया गया है। रिपोर्ट आने पर इनके चेन का पता चलेगा।
लापरवाही-तीन
अमरोहा। डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक हेल्थ वर्करों का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। इसके तहत जिले की एक आशा का सैंपल कराया गया। इसके बाद आशा को आइसोलेट नहीं किया गया। बल्कि उसे घर भेज दिया गया। भूल सुधार रिपोर्ट में आशा कोरोना पॉजिटिव पाई गई।
मंडल में अमरोहा जिले में सैंपल कम है। लेकिन हमारे यहां सलेक्ट सैंपल हो रहे हैं। दूसरे जिलों में स्टाफ के अधिक सैंपल हैं। जिले में सैंपलों की संख्या बढ़ाई जा रही है। मेडिकल क्वारंटीन सेंटर की समस्या हो रहिी है। शेल्टर हाउस को भी मेडिकल सेंटर बनाया गया है। सैंपलों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। - डॉ. विनोद कुमार, डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस आफिसर