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Amroha News: जिले में सात सीएचसी, छह में नेत्र चिकित्सक न ऑप्टोमेट्रिस्ट, फार्मासिस्ट का भी टोटा
Tue, 02 Sep 2025 02:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 02 Sep 2025 02:53 AM IST
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अमरोहा। जिले में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए जिला अस्पताल और सात सीएचसी तो है लेकिन छह सीएचसी में न नेत्र चिकित्सक और न ही ऑप्टोमेट्रिस्ट की तैनाती है। इनमें फार्मासिस्ट का भी टोटा है। ऐसे में आंखों के मरीज जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर है। करीब दो साल पहले हसनपुर सीएचसी में ऑप्टोमेट्रिस्ट तैनात थे लेनिक उनका ट्रांसफर हो गया था तब से यहां यह पद खाली है।
जनपद में जिला अस्पताल के अलावा जोया, गजरौला, मंडी धनौरा, हसनपुर, ढबारसी, रहरा, नौगांवा सादात और अमरोहा नगर सीएचसी हैं। वहीं, बछरायूं में संयुक्त चिकित्सालय है। आलम यह है कि अमरोहा शहर की सीएचसी और जिला अस्पताल को छोड़कर किसी भी सीएचसी में नेत्र चिकित्सक नहीं है जबकि रोजाना इन अस्पतालों में नेत्र विकार से संबंधित कई मरीज पहुंचते हैं लेकिन चिकित्सक न होने से या तो मरीज घर लौट जाते हैं या फिर जिला अस्पताल का रुख करते हैं।
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नेत्र चिकित्सक और ऑप्टोमेट्रिस्ट की तैनाती के लिए शासन से मांग की गई है। इस बार जिला के प्रभारी मंत्री केपी मलिक को डॉक्टरों की स्थिति से अवगत कराया गया है। उन्हें पत्र देकर डॉक्टर व अन्य स्टाफ की पूर्ति कराने की मांग की गई है। जनपद के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट के 40 पद स्वीकृत हैं, जबकि तैनात सिर्फ 18 हैं। इसके लिए फार्मासिस्ट की मांग भी की गई है। - डॉ एसपी सिंह, सीएमओ
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नौ एसीएमओ व छह डिप्टी सीएमओ समेत 15 प्रशासनिक पदों में से 13 खाली
स्वास्थ्य विभाग में नौ एसीएमओ व छह डिप्टी सीएमओ समेत कुल 15 प्रशासनिक पदों में से 13 लंबे समय से खाली पड़े हैं। एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ के पद खाली होने से विभाग में प्रशासनिक कार्य ठप पड़े हैं। शासन को बार-बार डिमांड भेजने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ के अलावा नौ एसीएमओ व छह डिप्टी सीएमओ समेत कुल 16 प्रशासनिक पद हैं। स्वीकृत पदों के सापेक्ष विभाग में केवल एक एसीएमओ व एक डिप्टी सीएमओ की ही विभाग में फिलहाल तैनाती है। बाकी 13 पद विभाग में लंबे समय से खाली पड़े हैं। इनमें रिटायरमेंट के बाद चार एसीएमओ के पद सालभर में ही खाली हुए हैं। तब से अब तक भी विभाग में न तो किसी एसीएमओ और न ही डिप्टी सीएमओ की ही तैनाती हुई है। इसके चलते विभाग में बेहद जरूरी प्रशासनिक कार्य ठप पड़े हैं। वर्क लोड बढ़ने के चलते सीएमओ समेत इकलौते एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ को कई चार्ज संभालने पड़ रहे हैं।
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जनपद में जिला अस्पताल के अलावा जोया, गजरौला, मंडी धनौरा, हसनपुर, ढबारसी, रहरा, नौगांवा सादात और अमरोहा नगर सीएचसी हैं। वहीं, बछरायूं में संयुक्त चिकित्सालय है। आलम यह है कि अमरोहा शहर की सीएचसी और जिला अस्पताल को छोड़कर किसी भी सीएचसी में नेत्र चिकित्सक नहीं है जबकि रोजाना इन अस्पतालों में नेत्र विकार से संबंधित कई मरीज पहुंचते हैं लेकिन चिकित्सक न होने से या तो मरीज घर लौट जाते हैं या फिर जिला अस्पताल का रुख करते हैं।
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नेत्र चिकित्सक और ऑप्टोमेट्रिस्ट की तैनाती के लिए शासन से मांग की गई है। इस बार जिला के प्रभारी मंत्री केपी मलिक को डॉक्टरों की स्थिति से अवगत कराया गया है। उन्हें पत्र देकर डॉक्टर व अन्य स्टाफ की पूर्ति कराने की मांग की गई है। जनपद के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट के 40 पद स्वीकृत हैं, जबकि तैनात सिर्फ 18 हैं। इसके लिए फार्मासिस्ट की मांग भी की गई है। - डॉ एसपी सिंह, सीएमओ
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नौ एसीएमओ व छह डिप्टी सीएमओ समेत 15 प्रशासनिक पदों में से 13 खाली
स्वास्थ्य विभाग में नौ एसीएमओ व छह डिप्टी सीएमओ समेत कुल 15 प्रशासनिक पदों में से 13 लंबे समय से खाली पड़े हैं। एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ के पद खाली होने से विभाग में प्रशासनिक कार्य ठप पड़े हैं। शासन को बार-बार डिमांड भेजने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ के अलावा नौ एसीएमओ व छह डिप्टी सीएमओ समेत कुल 16 प्रशासनिक पद हैं। स्वीकृत पदों के सापेक्ष विभाग में केवल एक एसीएमओ व एक डिप्टी सीएमओ की ही विभाग में फिलहाल तैनाती है। बाकी 13 पद विभाग में लंबे समय से खाली पड़े हैं। इनमें रिटायरमेंट के बाद चार एसीएमओ के पद सालभर में ही खाली हुए हैं। तब से अब तक भी विभाग में न तो किसी एसीएमओ और न ही डिप्टी सीएमओ की ही तैनाती हुई है। इसके चलते विभाग में बेहद जरूरी प्रशासनिक कार्य ठप पड़े हैं। वर्क लोड बढ़ने के चलते सीएमओ समेत इकलौते एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ को कई चार्ज संभालने पड़ रहे हैं।