{"_id":"5f286f9c8ebc3e9fed06c7c6","slug":"the-water-level-of-the-river-ganga-increased-gajraula-news-mbd358016880","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी खतरा बरकरार, जान जोखिम में डालकर कर रहे बाढ़ का पानी पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी खतरा बरकरार, जान जोखिम में डालकर कर रहे बाढ़ का पानी पार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गजरौला। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। हालांकि तिगरी में जल स्तर दस सेंटीमीटर घटकर रिकार्ड किया गया, लेकिन अभी भी बाढ़ का पानी गांवों को जाने वाले रास्तों और खेतों में भरा हुआ है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उसे पार करने को विवश हैं।
सोमवार को तिगरी में गंगा का उफान जारी रहा। हालांकि जल स्तर थोड़ा कम रहा और गंगा की धार थोड़ा पीछे की ओर भी खिसक गई। बाढ़ खंड के जेई प्रदीप सागर ने बताया कि बिजनौर बैराज से सुबह के समय 52 हजार 971 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। वहीं तिगरी में सुबह को गंगा का जल स्तर दस सेंटीमीटर घटकर 200 गेज मीटर रिकार्ड किया गया। उन्होंने बताया कि पानी घटने के साथ ही बाढ़ की आशंका अब और कम हो चली है। हालांकि अभी आने वाले दिनों में बारिश होने पर गंगा का जल स्तर और बढ़ना तय है। वहीं जल स्तर घटने के बाद खेतों में भरा बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है। हालांकि खेतों और कच्चे रास्तों पर अभी भी काफी पानी भरा हुआ है। गांव ओसीताजगदेपुर, दारानगर, टीकोवाली, शीशोवाली में ग्रामीण बाढ़ के पानी से होकर ही गुजर रहे हैं।
विज्ञापन
सोमवार को तिगरी में गंगा का उफान जारी रहा। हालांकि जल स्तर थोड़ा कम रहा और गंगा की धार थोड़ा पीछे की ओर भी खिसक गई। बाढ़ खंड के जेई प्रदीप सागर ने बताया कि बिजनौर बैराज से सुबह के समय 52 हजार 971 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। वहीं तिगरी में सुबह को गंगा का जल स्तर दस सेंटीमीटर घटकर 200 गेज मीटर रिकार्ड किया गया। उन्होंने बताया कि पानी घटने के साथ ही बाढ़ की आशंका अब और कम हो चली है। हालांकि अभी आने वाले दिनों में बारिश होने पर गंगा का जल स्तर और बढ़ना तय है। वहीं जल स्तर घटने के बाद खेतों में भरा बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है। हालांकि खेतों और कच्चे रास्तों पर अभी भी काफी पानी भरा हुआ है। गांव ओसीताजगदेपुर, दारानगर, टीकोवाली, शीशोवाली में ग्रामीण बाढ़ के पानी से होकर ही गुजर रहे हैं।
विज्ञापन