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नेशनल हाइवे सहित जिले की सड़कें रहीं जाम, विरोध-प्रदर्शन, नारेबाजी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Sep 2021 12:39 AM IST
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The roads of the district including the National Highway remained jammed,
अमरोहा केरजबपुर में जोया टोल प्लाजा पर हाईवे जाम कर नारेबाजी करते भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारी? - फोटो : JPNAGAR
अमरोहा/रजबपुर। नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संयुक्त मोर्चा के आवाहन पर भाकियू टिकैत गुट और असली के पदाधिकारियों ने नेशनल हाईवे सहित जनपद की सड़कों को जाम कर दिया। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जगह-जगह सड़क जाम होने से राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। किसान नेताओं ने किसान समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रशासनिक अफसरों को सौंपे। जाम खोलने को लेकर कई स्थानों पर पुलिस और किसान नेताओं के बीच तीखी झड़प हुई। वहीं रजबपुर में जाम के दौरान वाहन निकलने को किसानों ने हंगामा किया। नौबत चालक की पिटाई तक पहुंच गई। इस दौरान पुलिस ने वाहनों को पीछे हटाकर आक्रोशित किसानों का गुस्सा शांत किया।
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सोमवार को किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर किसाना संगठनों को भारत बंद प्रस्तावित था। इसलिए दिन निकलते की किसान नेताओं ने प्रस्तावित जाम स्थलों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान जोया टोल प्लाजा पर एकत्र हुए। करीब 11:30 बजे किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे जाम कर दिया। किसान नेताओं ने टोल बूथों को अपने कब्जे में ले लिया। किसान नेताओं ने समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रशासनिक अफसरों को सौंपे। मांग करते हुए किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि सुधार के नाम पर लाए गए तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस करे। एमएसपी पर खरीद के लिए गारंटी का कानून लागू किया जाए। दस साल पुराने कृषि यंत्रों पर लगी पाबंदी जो डीजल से संचालित होते हैं, ऐसे कानून को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा गन्ने की एफआरपी को 350 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। जिससे किसानों को राज्य सरकार द्वारा उचित मूल्य मिल सके। साथ ही किसानों ने गन्ने का मूल्य 450 प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की। इस दौरान चौधरी उम्मेश सिंह, राकेश गिल, अंकित सिंह, अमरपाल सिंह, योगेंद्र सिंह, सत्यदेव सिंह, महेंद्र सिंह, सुभाष प्रधान, त्रिलोक सिंह, राजेंद्र सिंह, गिरिराज सिंह, महावीर सिंह, आदेश सिंह, प्रदीप धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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वहीं भाकियू असली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह व जिला अध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने रजबपुर में चक्का जाम किया। यहां वक्ताओं ने कहा कि तीनों काले कानून वापस होने तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। गन्ना मूल्य की वृद्धि की गई है, इस वृद्धि से किसान अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। गन्ने की लागत अधिक हो चुकी है, उर्वरक महंगी हो चुकी है, इसलिए गन्ने का मूल्य 450 प्रति क्विंटल किया जाए। पपसरा कूबी गांव में चल रहे किसानों के धरने को भाकियू असली का पूर्ण समर्थन है। इसके लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान विजेंदर सिंह, अजय चौधरी, यशपाल सिंह, राधेश्याम सिंह, जयकीरत सिंह, रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। दोनों स्थानों पर करीब तीन घंटे हाईवे पर किसानों का कब्जा रहा। वहीं कैलसा में भाकियू असली के कैलसा मंडल अध्यक्ष वेदप्रकाश और टिकैत गुट के जोया ब्लाक उपाध्क्ष योगेश चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने 12:05 बजे जाम लगाया और 1:15 बजे समाप्त हुआ। वहीं देहात क्षेत्र में कांठ रोड स्थित नाजरपुर स्थित किसान भवन पर टिकैत गुट के अमरोहा ब्लाकध्यक्ष नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसानों ने सड़क जाम की। करीब 12 बजे सड़क पर उतरे किसान 1 बजे तक डंटे रहे।
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नौगांवा सादात में भी रहा जाम, राहगीर परेशान
नौगांवा सादात। किसान संयुक्त मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर सोमवार को नौगांवा सादात में बिलना गांव के रामगंगा पोषक नहर पुल पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिला महासचिव डॉ चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने चक्का जाम किया। 11:20 बजे से लेकर 2:30 बजे तक किसान सड़क से रहे। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन एसडीम को सौंपा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानून वापस किए जाएं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। गन्ने का रेट कम से कम 400 प्रति क्विंटल किया जाए। बिजली के बढ़े दाम वापस किए जाएं। किसान सम्मान निधि दोगुनी का प्रत्येक किसान को दी जाए। सरकारी विभागों में चल रही लूटपाट पर अंकुश लगाया जाए। इस दौरान सुधाकर सिंह, भयंकर सिंह, अजीत सिंह, गजपाल सिंह, महेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, विजयपाल सिंह, सूर्य, मनवीर सिंह, लोकेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
हाईवे पर किया रूट डायवर्जन
डिडौली/रजबपुर। किसानों के जाम को लेकर जिले भर में पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। किसानों के हाईवे पर उतरते ही राहगीर परेशान हो उठे। हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। लोगों की सहूलियत के लिए पुलिस ने मुरादाबाद से आने वाले वाहनों को संभल रोड होते हुए निकाला। जबकि दिल्ली की दिशा से आने वाले वाहनों को अतरासी से अमरोहा और हसनपुर की तरह भेजा गया।

भ्रमण करते रहे डीएम और एसपी
अमरोहा। किसानों के भारत बंद को लेकर डीएम बीके त्रिपाठी और एसपी पूनम ने जिलेभर का भ्रमण किया। दोनों अफसरों ने अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए।
जाम से मैजिक निकालने की कोशिश, भड़के किसान
रजबपुर। रजबपुर में भाकियू असली के हाईवे पर जाम के दौरान एक चालक मैजिक निकालने लगा। इससे किसानों का गुस्सा भड़क गया। आक्रोशित किसानों ने मैजिक को घेर लिया। नौबत चालक की पिटाई तक पहुंच गई। मामला बढ़ता देखकर पुलिस ने बिगड़ते हालात संभाले। मैजिक को वापस भेजकर किसानों का गुस्सा शांत किया।
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