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स्कूलों में परीक्षा और पल्स पोलियो अभियान ने थामी बच्चों के टीकाकरण की रफ्तार
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स्कूलों में परीक्षा और पल्स पोलियो अभियान शुरू होने के कारण बच्चों को कोरोना से बचाव का टीका लगाने का अभियान सुस्त पड़ गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सात दिनों में केवल 2020 बच्चों को ही टीका लगाया जा सका है। इसके अलावा मांगने के बाद भी शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग को विद्यालयों और छात्रों की उम्र के साथ संख्या की सूची उपलब्ध नहीं करा सका है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने 12 से 14 साल के बच्चों को टीकाकरण अभियान शुरू कराया है। जनपद में 77951 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य है। 16 मार्च को अभियान की शुरुआत की गई। ताकि जल्द से जल्द बच्चों का टीकाकरण किया जा सके। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 12 से 14 वर्ष के छात्रों की संख्या की सूची उपलब्ध कराने को कहा था। लेकिन अभियान के सातवें दिन भी दोनों विभाग सूची उपलब्ध नहीं करा सकें हैं। शिक्षा विभाग इसके लिए परीक्षा का हवाला दे रहा। इसबीच जिले में पल्स पोलियो अभियान भी शुरू हो गया है। बच्चों के टीकाकरण में यह भी बाधक बना है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि बीते सात दिनों में 2020 बच्चों को टीका लगाया जा सका है। जबकि शनिवार को 212 बच्चों को पहली डोज दी गई है।
स्कूलों में लगे कैंप तो टीकाकरण को मिले रफ्तार
माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों परीक्षाएं चल रही हैं। जिस कारण स्कूलों में कैंप नहीं लगाया जा सका। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि 27 मार्च से परिषदीय स्कूलों में पेपर समाप्त हो रहे हैं। अगर बीएसए अनुमति देंगे तो स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण कराया जाएगा। इसके अलावा 28 मार्च को पल्स पोलियो अभियान समाप्त हो रहा है। इसके बाद 28 मार्च से तीन अप्रैल तक जिलेभर में बड़ी संख्या में कैंप लगाकर टीकाकरण लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने 12 से 14 साल के बच्चों को टीकाकरण अभियान शुरू कराया है। जनपद में 77951 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य है। 16 मार्च को अभियान की शुरुआत की गई। ताकि जल्द से जल्द बच्चों का टीकाकरण किया जा सके। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 12 से 14 वर्ष के छात्रों की संख्या की सूची उपलब्ध कराने को कहा था। लेकिन अभियान के सातवें दिन भी दोनों विभाग सूची उपलब्ध नहीं करा सकें हैं। शिक्षा विभाग इसके लिए परीक्षा का हवाला दे रहा। इसबीच जिले में पल्स पोलियो अभियान भी शुरू हो गया है। बच्चों के टीकाकरण में यह भी बाधक बना है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि बीते सात दिनों में 2020 बच्चों को टीका लगाया जा सका है। जबकि शनिवार को 212 बच्चों को पहली डोज दी गई है।
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स्कूलों में लगे कैंप तो टीकाकरण को मिले रफ्तार
माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों परीक्षाएं चल रही हैं। जिस कारण स्कूलों में कैंप नहीं लगाया जा सका। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि 27 मार्च से परिषदीय स्कूलों में पेपर समाप्त हो रहे हैं। अगर बीएसए अनुमति देंगे तो स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण कराया जाएगा। इसके अलावा 28 मार्च को पल्स पोलियो अभियान समाप्त हो रहा है। इसके बाद 28 मार्च से तीन अप्रैल तक जिलेभर में बड़ी संख्या में कैंप लगाकर टीकाकरण लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
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