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Amroha News: सिंचाई विभाग के ठेकेदार और चालक की मौत की गुत्थी उलझी
Wed, 25 Jun 2025 12:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 25 Jun 2025 12:58 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)।
सिंचाई विभाग के ठेकेदार देव ऋषि उर्फ दीपक और उनके चालक इंद्रपाल की मौत की गुत्थी एक महीने बाद भी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। एक्सपर्ट टीम ने मौके से जो फिंगर प्रिंट व सबूत इकट्ठा किए थे, उन पर निशान स्पष्ट नहीं पाए गए। पुलिस मौके से लिए गए फिंगर प्रिंट की दोबारा जांच कराएगी।
सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि शुक्लपुरी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक अतरपाल सिंह जाटव के बेटे देव ऋषि और चौबारा निवासी इंद्रपाल सैनी के शव 19 मई की सुबह दीपक के ही अवंतिका नगर में ललिता देवी मंदिर मार्ग पर स्थित ऑफिस में मिले थे। दीपक सिंचाई विभाग के ठेकेेदार थे। सूचना पर एसपी अमित कुमार आनंद, एएसपी अखिलेश भदौरिया भी पहुंचे थे। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच और छानबीन की। एक्सपर्ट टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे।
पोस्टमार्टम में स्पष्ट नहीं हुई थी हत्या की वजह
दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया था। मगर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। उधर, फील्ड यूनिट या एक्सपर्ट टीम ने मौके से जो सबूत एकत्र किए थे, उन पर किसी के निशान स्पष्ट नहीं पाए गए। क्योंकि पुलिस और फील्ड यूनिट पहुंचने से पहले ही परिजनों ने दोनों के शव सीएचसी में पहुंचा दिए थे। इसके अलावा घटना स्थल पर कई लोगों के आने जाने के कारण भी मौके के सबूत और निशान स्पष्ट नहीं रह गए थे। इंस्पेक्टर अखिलेश प्रधान का कहना है कि फील्ड यूनिट द्वारा जो फिंगर प्रिंट उठाए गए थे, उनकी दोबारा जांच के लिए लिखा जा रहा है।
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सिंचाई विभाग के ठेकेदार देव ऋषि उर्फ दीपक और उनके चालक इंद्रपाल की मौत की गुत्थी एक महीने बाद भी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। एक्सपर्ट टीम ने मौके से जो फिंगर प्रिंट व सबूत इकट्ठा किए थे, उन पर निशान स्पष्ट नहीं पाए गए। पुलिस मौके से लिए गए फिंगर प्रिंट की दोबारा जांच कराएगी।
सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि शुक्लपुरी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक अतरपाल सिंह जाटव के बेटे देव ऋषि और चौबारा निवासी इंद्रपाल सैनी के शव 19 मई की सुबह दीपक के ही अवंतिका नगर में ललिता देवी मंदिर मार्ग पर स्थित ऑफिस में मिले थे। दीपक सिंचाई विभाग के ठेकेेदार थे। सूचना पर एसपी अमित कुमार आनंद, एएसपी अखिलेश भदौरिया भी पहुंचे थे। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच और छानबीन की। एक्सपर्ट टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे।
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पोस्टमार्टम में स्पष्ट नहीं हुई थी हत्या की वजह
दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया था। मगर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। उधर, फील्ड यूनिट या एक्सपर्ट टीम ने मौके से जो सबूत एकत्र किए थे, उन पर किसी के निशान स्पष्ट नहीं पाए गए। क्योंकि पुलिस और फील्ड यूनिट पहुंचने से पहले ही परिजनों ने दोनों के शव सीएचसी में पहुंचा दिए थे। इसके अलावा घटना स्थल पर कई लोगों के आने जाने के कारण भी मौके के सबूत और निशान स्पष्ट नहीं रह गए थे। इंस्पेक्टर अखिलेश प्रधान का कहना है कि फील्ड यूनिट द्वारा जो फिंगर प्रिंट उठाए गए थे, उनकी दोबारा जांच के लिए लिखा जा रहा है।
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