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Amroha News: अजादारों ने अंगारों पर चलकर किया मातम
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अमरोहा। चेहलुम के मौके पर अजादारों ने दहकते अंगारों पर चलकर मातम किया। फिजा में या हुसैन, या हुसैन की सदाओं की गूंज सुनाई देती रही। वहीं, इमामबाड़ों में देर रात तक मजलिसों और शब्बेदारी का सिलसिला चलता रहा। कर्बला का जिक्र सुनकर अजादार जार-ओ-कतार रो पड़े।
इमाम हुसैन के चेहलुम से एक दिन पहले रविवार को अंजुमन-ए-इमामिया के संयोजन में मोहल्ला दानिशमंदान स्थित इमामबाड़ा अकबर अली में अंगारों का मातम किया गया। अशरे की आखिरी मजलिस में मौलाना तसदीक हुसैन ने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के इंसानों की खातिर थी। मजलिस के बाद अंजुमन-ए-इमामिया के दस्ते ने मातम व नोहाख्वानी की। अजादारों ने या हुसैन-या हुसैन की सदाएं बुलंद करते हुए दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर कर्बला की शहादत को याद किया। इस दौरान अंजुमन के सदर नईम रजा तकवी, सचिव सिकंदर रजा, हाजी माहिर हुसैन, आलिम रजा, डाॅ. शहजाद रजा, नातिक नकवी, मीसम रजा मौजूद रहे।
वहीं, देर शाम मोहल्ला बगला में सिब्ते सज्जाद के आवास से तुरबतों का जुलूस बरामद हुआ। जुलूस तयशुदा रास्तों से होते हुए इमामबाड़ा मोहल्ला बगला पहुंचकर संपन्न हुआ। इसके बाद मंडी चौब में ताहिर अब्बास के मकान से ताबूत का जुलूस बरामद हुआ, जो आले सिब्तेन के मकान पर पहुंचकर संपन्न हुआ। अंजुमन-ए-असगरी के संयोजन में मोहल्ला दरबारे कलां स्थित जिया मोहम्मद के मकान से ताबूत का जुलूस बरामद हुआ। वहीं, मोहल्ला गुजरी में अंजुमन-ए-बनी हाशिम की ओर से शब्बेदारी का आयोजन किया गया। यहां भी अंजुमनों ने मातम बरपा किया। इमामबाड़ों में रातभर शब्बेदारी का सिलसिला चलता रहा।
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इमाम हुसैन के चेहलुम से एक दिन पहले रविवार को अंजुमन-ए-इमामिया के संयोजन में मोहल्ला दानिशमंदान स्थित इमामबाड़ा अकबर अली में अंगारों का मातम किया गया। अशरे की आखिरी मजलिस में मौलाना तसदीक हुसैन ने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के इंसानों की खातिर थी। मजलिस के बाद अंजुमन-ए-इमामिया के दस्ते ने मातम व नोहाख्वानी की। अजादारों ने या हुसैन-या हुसैन की सदाएं बुलंद करते हुए दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर कर्बला की शहादत को याद किया। इस दौरान अंजुमन के सदर नईम रजा तकवी, सचिव सिकंदर रजा, हाजी माहिर हुसैन, आलिम रजा, डाॅ. शहजाद रजा, नातिक नकवी, मीसम रजा मौजूद रहे।
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वहीं, देर शाम मोहल्ला बगला में सिब्ते सज्जाद के आवास से तुरबतों का जुलूस बरामद हुआ। जुलूस तयशुदा रास्तों से होते हुए इमामबाड़ा मोहल्ला बगला पहुंचकर संपन्न हुआ। इसके बाद मंडी चौब में ताहिर अब्बास के मकान से ताबूत का जुलूस बरामद हुआ, जो आले सिब्तेन के मकान पर पहुंचकर संपन्न हुआ। अंजुमन-ए-असगरी के संयोजन में मोहल्ला दरबारे कलां स्थित जिया मोहम्मद के मकान से ताबूत का जुलूस बरामद हुआ। वहीं, मोहल्ला गुजरी में अंजुमन-ए-बनी हाशिम की ओर से शब्बेदारी का आयोजन किया गया। यहां भी अंजुमनों ने मातम बरपा किया। इमामबाड़ों में रातभर शब्बेदारी का सिलसिला चलता रहा।
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