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सिक्सलेन की भूमि पर कब्जा लेने गई टीम के मशीन चालक को पीटा, श्रमिकों को दौड़ाया,हंगामा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 25 Mar 2021 02:10 AM IST
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The machine driver of the team who took possession of Sixlane's land was beaten, the workers ran
गजरौला में हाईवे किनारे गांव सलारपुर में मशीनचालक की पिटाई कर उसे नीचे खींचते गुस्साए ग्रामीण। - फोटो : GAJRAULA
गजरौला। हापुड़-मुरादाबाद के बीच सिक्सलेन हाईवे के लिए अधिग्रहीत भूमि से कब्जा हटाने गई टीम के साथ किसान भिड़ गए। अफसरों ने किसी तरह किसानों को समझाकर शांत कर दिया। इसी बीच कुछ दूरी पर गड्ढे की खुदाई होने की जानकारी होने पर किसान भड़क गए और पोकलेन मशीन के चालक को खींचकर पीटा और श्रमिकों को दौड़ा दिया। इस पर फिर से हंगामा खड़ा हो गया। बाद में तय हुआ कि मंडलायुक्त की कोर्ट से फैसला आने और मुआवजा मिलने तक किसानों की भूमि से फिलहाल कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी और एनएचएआई की भूमि पर नाला खुदाई आदि का काम जारी रहेगा।
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बुधवार सुबह लगभग 10 बजे एनएचएआई की तकनीकी टीम के प्रबंधक रोहित सिंह, हेमंत पारिख अपनी टीम के साथ थाने पहुंचे। एसडीएम मांगेराम चौहान, सीओ सत्येंद्र कुमार के साथ ही अमरोहा देहात, रजबपुर, हसनपुर, मंडी धनौरा, बछरायूं आदि थानों की फोर्स भी यहां आ गई। बाद में पूरा लावलश्कर हाईवे किनारे स्थित गांव सलारपुर जा पहुंचा। टीम की मंशा वहां हाईवे किनारे सिक्सलेन की जद में आ रहे मकानों को ध्वस्त करने की थी। इसकी जानकारी होने पर महिलाएं और पुरुष वहां धरना देकर बैठे हुए थे। मौके पर पहुंचते ही इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने किसानों से वहां से हटने को कहा। इस पर वहां नोकझोंक हो गई।
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किसानों का कहना था कि उनका मामला मध्यस्थ के यहां चल रहा है। एक अप्रैल को तारीख लगी है। जब तक उन्हें उनकी भूमि का मुआवजा नहीं मिल जाता। वे एक इंच भूमि भी नहीं देंगे। अफसरों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया। इसी बीच पता चला कि कुछ दूरी पर पोकलेन मशीन से गड्ढे खोदकर बिजली के खंभे गाड़े जा रहे हैं। इस पर किसान भड़क गए और प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए वहां जा पहुंचे। उन्होंने मशीन चालक की पिटाई कर उसे नीचे खींच लिया और मौजूद श्रमिकों को दौड़ा दिया।
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हंगामा होते देख अफसर फिर से वहां आए और किसानों को समझाया। तय हुआ कि कोर्ट का फैसला आने तक किसानों की भूमि पर कब्जा नहीं लिया जाएगा, लेकिन एनएचएआई की भूमि पर काम जारी रहेगा। इस मौके पर सुदेश सिंह गुड्डू, धर्मेंद्र सिंह, जीत सिंह, मदनपाल सिंह, चंद्रपाल सिंह, जयप्रकाश सिंह, चंदन सिंह, हुकुम सिंह, सुसैन सिंह, रविंद्र सिंह, शिवचरन, रणवीर सिंह, सविता देवी, शांति देवी, जयकारी, रणवीर कौर, रामवती, आशा देवी आदि रहे।
एनएचएआई के वकील के नहीं पहुंचने पर बिफरे किसान
गजरौला। सलारपुर में मौजूद किसानों ने एसडीएम और सीओ के सामने ही एनएचएआई की तकनीकी टीम के अफसरों को खरीखोटी सुनाईं। आरोप लगाया कि हर बार उनका वकील गायब हो जाता है। उन्होंने कई गंभीर आरोप भी लगाए। इस पर टीम में शामिल हेमंत पारिख ने फोन पर वकील से बात की और उनसे एक अप्रैल को हरहाल में वहां रहने को कहा। बता दें कि 29 जनवरी 2019 को हाईवे किनारे गांव सलारपुर में भूमि अधिग्रहण की एवज में उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरना, क्रमिश अनशन और बाद में आमरण अनशन शुरू किया गया था।
हाईवे किनारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी रैली को देखते हुए किसानों की मानमनौव्वल कर अनशन खत्म करा दिया था। मांग पूरी नहीं होने पर किसान फिर से अनशन पर बैठ गए। 12 जुलाई 2019 को अधिकारियों के आश्वासन पर धरना खत्म कर दिया था। किसानों ने कहा कि उन्हें कहा गया था कि शीघ्र ही मुआवजे की राशि मिल जाएगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद मामला मुरादाबाद में आरबीट्रेटर (मध्यस्थ) के यहां जा पहुंचा। बीते माह 13 फरवरी को समाधान दिवस में आए किसानों ने काफी हंगामा किया था। 20 फरवरी को भी इस केस पर सुनवाई हुई। फिर 23 मार्च की तारीख लगी और अब कोर्ट ने एक अप्रैल की तारीख दी है। किसानों का कहना है कि हर बार वही कोर्ट में पहुंचते हैं, एनएचएआई के वकील नहीं।
बिजली के खंभे गाड़ने पर भड़के, बोले-हो रही वादा खिलाफी
गजरौला। हापुड़-मुरादाबाद के बीच चल रहे सिक्सलेन के कार्य में बिजली के नए खंभे भी गाड़े जा रहे हैं। किसान इसी को लेकर भड़के हुए हैं। इनका कहना है कि जब तक उन्हें उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिल जाता है, तब तक वे अपने घरों के ऊपर हाईटेंशन लाइन के खंभे क्यों गड़ने दें। बुधवार को भी यही हुआ। किसानों ने साफ कह दिया कि एनएचएआई अपनी जगह पर जो चाहे कर ले लेकिन उनकी भूमि पर वे बिजली के खंभे नहीं गड़ने देंगे। उन्होंने इसके लिए बार-बार एनएचएआई के अफसरों पर वादा खिलाफी करने का भी आरोप लगाया।

हाईवे पर रहे जाम के हालात, तमाशबीन बने रहे लोग
गजरौला। सिक्सलेन के लिए भूमि कब्जा मुक्त कराने के लिए काफी फोर्स गई थी। हाईवे किनारे गांव सलारपुर छावनी में तब्दील था। हर ओर पुलिस और पीएसी के जवान ही नजर आ रहे थे। वहीं फोर्स की मौजूदगी के दौरान जेसीबी से नाले की खुदाई होने तक हाईवे पर जाम के हालात रहे। दिल्ली की दिशा से आने वाले वाहनों की काफी दूर तक लाइन लग गई। वाहनों में सवार लोग पुलिस-प्रशासन की मौजदूगी में चल रही कार्रवाई को देख रहे थे। वहीं कई लोगों ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दी।
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