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Amroha News: विधानसभा में उठेगा सहकारी सूत मिल को फिर से चलाने का मुद्दा
Mon, 02 Jun 2025 02:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 02 Jun 2025 02:40 AM IST
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अमरोहा।
आज ढोलक कारोबार व आम के लिए प्रसिद्ध अमरोहा की पहचान कभी हैंडलूम हुआ करती थी। घर-घर में हाथ के दस्तकारों का यह हुनर आय का जरिया हुआ करता था। लेकिन, समय के साथ-साथ अमरोहा की यह पहचान खो गई है।
हैंडलूम से जुड़े कारोबारी बिना सुविधाओं के बदहाल स्थिति में हैं। सहकारी सूत कताई मिल के बंद होने से भी यहां के कारोबारियों को झटका लगा। वहीं, अब जनप्रतिनिधियों ने भी अमरोहा के इस हुनर को फिर से पहचान दिलाने के लिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की बात कही है।
अमरोहा की हैंडलूम कारीगरी से तैयार उत्पादों को देश-विदेश में भले ही खूब सराहा जाता हो, लेकिन इसको तैयार करने वाले हाथों का हुनर आज उपेक्षित हो रहा है। सरकार से जरूरी सुविधाएं न मिलने के कारण यह लघु उद्योग धीरे-धीरे दम तोड़ रहा है। सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से भी हाथ खींच लिए गए। जिस कारण इस कारोबार में लगे लोगों ने इससे किनारा करना शुरू कर दिया।
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कुछ लोग दूसरे शहरों में पलायन करने को मजबूर हो गए तो, कुछ ने इस काम को छोड़कर दूसरा काम शुरू कर दिया। लेकिन, इन सबके बीच कुछ लोगों ने अपने इस पुश्तैनी कारोबार को बरकरार रखने की जिम्मेदारी उठाई। सरकारी सुविधाओं के अभाव में उन्हें भी इसे कारोबार को आगे बढ़ाने में बड़ी कठिनाई झेलनी पड़ रही है। वहीं, अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस कारोबार से जुड़े लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की बात कह रहे हैं।
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समाजवादी पार्टी की सरकार में हैंडलूम के लिए अमरोहा की कताई मिल को चलाने के प्रयास किए गए थे। लेकिन, भाजपा सरकार आने के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब सरकार इसको बेचने की तैयारी कर रही है, जो ठीक नहीं है। सरकार ने हैंडलूम कारोबारियों को मिलने वाली फ्लैट रेट पर बिजली की दरों को भी बंद कर दिया। बुनकरों की स्थिति को सुधारने के लिए उनके द्वारा व्यक्तिगत तौर भी प्रयास किए गए हैं। कपड़ा मंत्री रहते उन्होंने दो करोड़ रुपये सालाना की योजना शुरू की थी। लेकिन सरकार ने इसको दुर्भावनावश बंद कर दिया। विधानसभा में फिर से इस मुद्दे को उठाया जाएगा। 2027 में जनता इसका भी हिसाब करेगी। - महबूब अली, विधायक सदर, पूर्व कैबिनेट मंत्री
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प्रदेश की भाजपा सरकार लघु उद्योगों को प्राथमिकता के साथ बढ़ावा देने का काम कर रही है। अमरोहा में हैंडलूम उत्पादों की पहचान दूर तक रही है। इस कारोबार को बचाए रखने के लिए जरूरी प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए शासन से मांग करते हुए विधान परिषद भी में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। साथ ही वह व्यक्तिगत तौर पर भी मुख्यमंत्री से मिलकर इसमें सुधार की मांग करेंगे।- डॉ. हरि सिंह ढिल्लो, एमएलसी
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अमरोहा हैंडलूम का हब रहा है। वह पहले भी कई बार विधानसभा में कताई मिल शुरू करने के मुद्दे को उठा चुके हैं। इस कुटीर उद्योग से अमरोहा और नौगांवा क्षेत्र के कई परिवार जुड़े हुए थे, जो इसके जरिए ही अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। लेकिन सरकार की उपेक्षा के कारण इस कारोबार की कमर टूट चुकी है। वह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। विधानसभा का सत्र शुरू होने पर फिर से इस मुद्दे को विधानसभा में रखा जाएगा।- समरपाल सिंह, विधायक, नौगांवा सादात
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आज ढोलक कारोबार व आम के लिए प्रसिद्ध अमरोहा की पहचान कभी हैंडलूम हुआ करती थी। घर-घर में हाथ के दस्तकारों का यह हुनर आय का जरिया हुआ करता था। लेकिन, समय के साथ-साथ अमरोहा की यह पहचान खो गई है।
हैंडलूम से जुड़े कारोबारी बिना सुविधाओं के बदहाल स्थिति में हैं। सहकारी सूत कताई मिल के बंद होने से भी यहां के कारोबारियों को झटका लगा। वहीं, अब जनप्रतिनिधियों ने भी अमरोहा के इस हुनर को फिर से पहचान दिलाने के लिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की बात कही है।
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अमरोहा की हैंडलूम कारीगरी से तैयार उत्पादों को देश-विदेश में भले ही खूब सराहा जाता हो, लेकिन इसको तैयार करने वाले हाथों का हुनर आज उपेक्षित हो रहा है। सरकार से जरूरी सुविधाएं न मिलने के कारण यह लघु उद्योग धीरे-धीरे दम तोड़ रहा है। सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से भी हाथ खींच लिए गए। जिस कारण इस कारोबार में लगे लोगों ने इससे किनारा करना शुरू कर दिया।
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कुछ लोग दूसरे शहरों में पलायन करने को मजबूर हो गए तो, कुछ ने इस काम को छोड़कर दूसरा काम शुरू कर दिया। लेकिन, इन सबके बीच कुछ लोगों ने अपने इस पुश्तैनी कारोबार को बरकरार रखने की जिम्मेदारी उठाई। सरकारी सुविधाओं के अभाव में उन्हें भी इसे कारोबार को आगे बढ़ाने में बड़ी कठिनाई झेलनी पड़ रही है। वहीं, अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस कारोबार से जुड़े लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की बात कह रहे हैं।
समाजवादी पार्टी की सरकार में हैंडलूम के लिए अमरोहा की कताई मिल को चलाने के प्रयास किए गए थे। लेकिन, भाजपा सरकार आने के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब सरकार इसको बेचने की तैयारी कर रही है, जो ठीक नहीं है। सरकार ने हैंडलूम कारोबारियों को मिलने वाली फ्लैट रेट पर बिजली की दरों को भी बंद कर दिया। बुनकरों की स्थिति को सुधारने के लिए उनके द्वारा व्यक्तिगत तौर भी प्रयास किए गए हैं। कपड़ा मंत्री रहते उन्होंने दो करोड़ रुपये सालाना की योजना शुरू की थी। लेकिन सरकार ने इसको दुर्भावनावश बंद कर दिया। विधानसभा में फिर से इस मुद्दे को उठाया जाएगा। 2027 में जनता इसका भी हिसाब करेगी। - महबूब अली, विधायक सदर, पूर्व कैबिनेट मंत्री
प्रदेश की भाजपा सरकार लघु उद्योगों को प्राथमिकता के साथ बढ़ावा देने का काम कर रही है। अमरोहा में हैंडलूम उत्पादों की पहचान दूर तक रही है। इस कारोबार को बचाए रखने के लिए जरूरी प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए शासन से मांग करते हुए विधान परिषद भी में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। साथ ही वह व्यक्तिगत तौर पर भी मुख्यमंत्री से मिलकर इसमें सुधार की मांग करेंगे।- डॉ. हरि सिंह ढिल्लो, एमएलसी
अमरोहा हैंडलूम का हब रहा है। वह पहले भी कई बार विधानसभा में कताई मिल शुरू करने के मुद्दे को उठा चुके हैं। इस कुटीर उद्योग से अमरोहा और नौगांवा क्षेत्र के कई परिवार जुड़े हुए थे, जो इसके जरिए ही अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। लेकिन सरकार की उपेक्षा के कारण इस कारोबार की कमर टूट चुकी है। वह लगातार इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। विधानसभा का सत्र शुरू होने पर फिर से इस मुद्दे को विधानसभा में रखा जाएगा।- समरपाल सिंह, विधायक, नौगांवा सादात