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Amroha News: पांच साल की पॉलिसी को 10 वर्षीय बताना बीमा कंपनी को पड़ा भारी

Sat, 30 May 2026 01:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sat, 30 May 2026 01:40 AM IST
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The insurance company had to pay a heavy price for declaring a five-year policy as 10 years old.
अमरोहा। पांच वर्षीय शॉर्ट टर्म बीमा पॉलिसी को 10 वर्षीय बताकर उपभोक्ता को गुमराह करना बैंक और बीमा कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने मामले में सुनवाई करते हुए कंपनी को बीमा की पूरी धनराशि 100450 रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा आर्थिक, मानसिक क्षति और वाद व्यय के रूप में कंपनी पर आठ हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है। आयोग ने यह पूरी धनराशि एक माह के भीतर अदा करने के निर्देश दिए हैं।
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मामला अमरोहा निवासी योगेंद्र सिंह और उनकी पत्नी रामवती से जुड़ा है। उन्होंने बैंक के माध्यम से एक शॉर्ट टर्म पांच वर्षीय बीमा योजना में निवेश किया था। आरोप है कि बैंक और बीमा कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि पांच साल पूरे होने के बाद वे कभी भी अपनी जमा राशि वापस ले सकते हैं। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया था कि फ्री लुक पीरियड के दौरान 10 दिनों के भीतर पॉलिसी वापस करने का विकल्प रहेगा। सहमति बनने के बाद बीमा कंपनी ने रामवती के खाते से 100450 रुपये प्रीमियम के रूप में काट लिए।
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आरोप है कि फॉर्म भरते समय बैंक और कंपनी ने उनका मोबाइल नंबर गलत दर्ज कर दिया, जिसके कारण उन्हें पॉलिसी से संबंधित कोई सूचना नहीं मिल सकी। इतना ही नहीं, कंपनी ने समय पर पॉलिसी बॉण्ड भी उपलब्ध नहीं कराया। कई बार चक्कर लगाने के बाद 12 अक्टूबर 2020 को डुप्लीकेट पॉलिसी बॉण्ड दिया गया और बताया गया कि मूल बॉण्ड एजेंट से गुम हो गया है। डुप्लीकेट बॉण्ड मिलने पर पीड़िता को पता चला कि यह पांच वर्षीय नहीं बल्कि 10 वर्षीय लंबी अवधि की पॉलिसी है।
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वहीं फ्री लुक पीरियड भी बीत चुका था, क्योंकि पॉलिसी दस्तावेज करीब 11 महीने की देरी से मिले थे। लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने पर पीड़ित पक्ष ने जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बीमा कंपनी को सेवा में कमी और उपभोक्ता को गुमराह करने का दोषी माना तथा पूरी राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश जारी किए।
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