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नगर पालिका में फर्जी रसीदों का खेल, लाखों रुपये का घोटाला
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अमरोहा नगर पालिका परिषद कर्मचारी द्वारा काटी गई रसीदें, एक नंबर की रसीद पर अलग-अलग करदाताओं के ना?
- फोटो : JPNAGAR
अमरोहा(अनिल चौहान)। नगर पालिका परिषद में फर्जी रसीदों का खेल सामने आया है। एक चपरासी ने कर अमीन के पद पर रहते नगर पालिका परिषद की फर्जी रसीदें छपवा कर लाखों रुपये का घोटाला कर लिया। इसका खुलासा फॉर्म 5 संख्या 3176 और 3044 के सामने आने के बाद हुआ। एक बुक संख्या और नंबर की की दो-दो रसीदें सामने आई हैं। एक नंबर की दो रसीदों पर अलग-अलग दो कर दाताओं से धनराशि वसूली गई है। यह कोई एक-दो रसीदों का खेल नहीं है, बल्कि 100-100 पेज की दो रसीद बुकों का गड़बड़झाला है।
लाखों रुपये का सरकारी धन का गबन होने के बाद भी आरोपी कर अमीन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर पालिका से लेकर जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधकर बैठे हैं। मामला शासन पहुंचा तो हड़कंप मच गया। अपर आयुक्त (न्यायिक) ने मामले में डीएम से सात दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी न कोई जांच हुई और न ही कोई आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हो सकी है।
यह फर्जीवाड़ा नगर पालिका परिषद अमरोहा से जुड़ा है। वर्तमान में चपरासी ने कर अमीन के पटल पर रहते पालिका की फार्म- पांच और बुक संख्या 3176 और 3044 की फर्जी रसीद बुक छपवा लीं। जिसके माध्यम से सरकारी लाखों रुपये के का गबन किया।
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प्रकरण का खुलासा होने पर जिला अधिकारी अमरोहा के आदेश के क्रम में तत्कालीन एडीएम द्वारा की गई। उनके जांच में गबन का आरोप सिद्ध होना पाया गया। लेकिन, पालिका अधिकारियों द्वारा गबन की पुष्टि हो जाने के बाद भी आरोपी कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई और न उसे कार्य से हटाया गया। तत्कालीन ईओ ने उसके निलंबित कर कुछ दिन बाद भी बहाल कर दिया। इस खेल में विभाग के और भी कई अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। अधिकारियों ने खानापूर्ति करते हुए केवल कागजों में आरोपी का पदनाम बदल दिया। जबकि लाखों रुपये का गबन करने के मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी। अफसरों की साठगांठ से आरोपी कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात होने के बावजूद उसकी कर अमीन के पटल पर काम कर रहा है, जहां उसने लाखों रुपये का घोटाला किया था। आरोप है कि पालिका द्वारा की गई कार्रवाई को आरोपी कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में अंकित नहीं किया गया है।
मामले की शिकायत एक भाजपा नेता ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की तो जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। शासन के निर्देश पर नौ सितंबर को अपर आयुक्त मुरादाबाद राजेंद्र सिंह सैंगर ने तीन सदस्य टीम द्वारा प्रकरण कराकर सात दिन में रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन एक महिला से अधिक बीतने के बाद भी प्रकरण की न तो जांच हुई, और न आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकी है।
ऐसे किया गया फर्जीवाड़ा
अमरोहा। नगर पालिका परिषद अमरोहा में फर्जी रसीदों का खेल कुछ इस तरह हुआ है कि फार्म-5 बुक संख्या 3044 की रसीद संख्या 77 की दो रसीदें काटी गई है। दोनों ही रसीदें अलग-अलग करदाता को दी गई हैं। इसमें एक रसीद वसीम अहमद के नाम पर काटी गई है, जिसमें 600 रुपये वसूले गए हैं। जबकि एक रसीद अहमद अली के नाम पर काटी गई है, उनसे गुड़ा-भाग करने कर कुल 7080 रुपये वसूले गए। कुछ ऐसे ही बुक संख्या 3044 की रसीद संख्या 79 में हुआ है। इसमें एक रसीद शबीह अख्तर के नाम पर काटी गई है, उनसे गुड़ा-भाग कर कुल 7190 रुपये वसूले गए हैं। जबकि इसी नंबर की एक रसीद वसीम अहमद के नाम पर काटी गई है, जिनसे कुल 400 रुपये वसूले गए हैं।
यह बोले जिम्मेदार
डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं हैं, हो सकता है एडीएम को पता हो। वहीं, एडीएम विनय कुमार ने मामले केे दिखवाने की बात कही है।
मामले में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के यहां शिकायत हुई है। आरोपी चपरासी था, उसे कर अमीन का चार्ज दिया गया था। जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।
- डॉ बृजेश कुमार, ईओ नगर पालिका अमरोहा
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लाखों रुपये का सरकारी धन का गबन होने के बाद भी आरोपी कर अमीन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर पालिका से लेकर जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधकर बैठे हैं। मामला शासन पहुंचा तो हड़कंप मच गया। अपर आयुक्त (न्यायिक) ने मामले में डीएम से सात दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी न कोई जांच हुई और न ही कोई आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हो सकी है।
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यह फर्जीवाड़ा नगर पालिका परिषद अमरोहा से जुड़ा है। वर्तमान में चपरासी ने कर अमीन के पटल पर रहते पालिका की फार्म- पांच और बुक संख्या 3176 और 3044 की फर्जी रसीद बुक छपवा लीं। जिसके माध्यम से सरकारी लाखों रुपये के का गबन किया।
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प्रकरण का खुलासा होने पर जिला अधिकारी अमरोहा के आदेश के क्रम में तत्कालीन एडीएम द्वारा की गई। उनके जांच में गबन का आरोप सिद्ध होना पाया गया। लेकिन, पालिका अधिकारियों द्वारा गबन की पुष्टि हो जाने के बाद भी आरोपी कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई और न उसे कार्य से हटाया गया। तत्कालीन ईओ ने उसके निलंबित कर कुछ दिन बाद भी बहाल कर दिया। इस खेल में विभाग के और भी कई अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। अधिकारियों ने खानापूर्ति करते हुए केवल कागजों में आरोपी का पदनाम बदल दिया। जबकि लाखों रुपये का गबन करने के मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी। अफसरों की साठगांठ से आरोपी कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात होने के बावजूद उसकी कर अमीन के पटल पर काम कर रहा है, जहां उसने लाखों रुपये का घोटाला किया था। आरोप है कि पालिका द्वारा की गई कार्रवाई को आरोपी कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में अंकित नहीं किया गया है।
मामले की शिकायत एक भाजपा नेता ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की तो जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। शासन के निर्देश पर नौ सितंबर को अपर आयुक्त मुरादाबाद राजेंद्र सिंह सैंगर ने तीन सदस्य टीम द्वारा प्रकरण कराकर सात दिन में रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन एक महिला से अधिक बीतने के बाद भी प्रकरण की न तो जांच हुई, और न आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकी है।
ऐसे किया गया फर्जीवाड़ा
अमरोहा। नगर पालिका परिषद अमरोहा में फर्जी रसीदों का खेल कुछ इस तरह हुआ है कि फार्म-5 बुक संख्या 3044 की रसीद संख्या 77 की दो रसीदें काटी गई है। दोनों ही रसीदें अलग-अलग करदाता को दी गई हैं। इसमें एक रसीद वसीम अहमद के नाम पर काटी गई है, जिसमें 600 रुपये वसूले गए हैं। जबकि एक रसीद अहमद अली के नाम पर काटी गई है, उनसे गुड़ा-भाग करने कर कुल 7080 रुपये वसूले गए। कुछ ऐसे ही बुक संख्या 3044 की रसीद संख्या 79 में हुआ है। इसमें एक रसीद शबीह अख्तर के नाम पर काटी गई है, उनसे गुड़ा-भाग कर कुल 7190 रुपये वसूले गए हैं। जबकि इसी नंबर की एक रसीद वसीम अहमद के नाम पर काटी गई है, जिनसे कुल 400 रुपये वसूले गए हैं।
यह बोले जिम्मेदार
डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं हैं, हो सकता है एडीएम को पता हो। वहीं, एडीएम विनय कुमार ने मामले केे दिखवाने की बात कही है।
मामले में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के यहां शिकायत हुई है। आरोपी चपरासी था, उसे कर अमीन का चार्ज दिया गया था। जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।
- डॉ बृजेश कुमार, ईओ नगर पालिका अमरोहा