{"_id":"68892fbed845a7e1fd004ab2","slug":"the-dream-of-a-two-lane-overbridge-on-the-kalsa-railway-crossing-hangs-in-the-balance-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-144771-2025-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: अधर में लटका कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर टू लेन ओवरब्रिज का सपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: अधर में लटका कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर टू लेन ओवरब्रिज का सपना
Wed, 30 Jul 2025 02:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 30 Jul 2025 02:01 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा। पांच साल पहले शुरू हुई कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर टू लेन का ओवरब्रिज बनाने की कवायद अधर में लटकी हुई है। इस ओवरब्रिज को बनाने की लागत 60.65 करोड़ रुपये तय की गई थी। स्थानीय स्तर पर पैमाइश के साथ बीएसएनल केबल, बिजली के तार-खंभे और वन विभाग को शिफ्टिंग करने के लिए भुगतान करने वाली रकम भी तय कर दी गई थी लेकिन ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हो सका।
इसके चलते स्थानीय लोग आए दिन जाम के जाम से जूझते हैं। हादसे होने का खतरा बना रहता है। अगर रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण हो तो स्थानीय लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। निर्माण के बाद लोग सीधे ओवरब्रिज से होकर आ-जा सकेंगे।
दिल्ली-मुरादाबाद रेल लाइन पर स्थित कैलसा रेलवे स्टेशन क्रॉसिंग की जगह रेल उपरिगामी सेतु बनाया जाना है। दरअसल ट्रेनों के आने जाने से रेलवे क्रॉसिंग को बंद करना पड़ता है। इस मार्ग से अमरोहा-मुरादाबाद आने जाने के लिए वाहनों का सर्वाधिक दबाव रहता है। कुछ मिनट रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से काफी देर तक जाम लग जाता है।
विज्ञापन
राजनीतिक दलों के अलावा स्थानीय लोगों ने रेल उपरिगामी सेतु बनाने की मांग कर चुके हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अक्तूबर 2020 के विधानसभा उप चुनाव के दौरान पूर्व विधायक संगीता चौहान के समर्थन में रैली के दौरान रेलवे ओवरब्रिज बनाने का ऐलान किया था। इसके बाद नौगांवा सादात की तत्कालीन विधायक संगीता चौहान की पहल पर प्रदेश सरकार ने कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर रेल उपरिगामी सेतु बनाने के लिए सहमति जताई थी।
इसके बाद सेतु निगम लिमिटेड की ओर से 60.65 करोड़ का प्रारंभिक बजट भी तैयार कर लिया गया था। तत्कालीन डिप्टी सीएम की घोषणा के पांच साल बाद भी ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। रेल उपरिगामी सेतु की कुल लंबाई 852.50 मीटर रखी गई थी जबकि मुख्य सेतु-रेलवे पोर्शन की लंबाई 70 मीटर तय की गई थी।
विज्ञापन
इसके चलते स्थानीय लोग आए दिन जाम के जाम से जूझते हैं। हादसे होने का खतरा बना रहता है। अगर रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण हो तो स्थानीय लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। निर्माण के बाद लोग सीधे ओवरब्रिज से होकर आ-जा सकेंगे।
विज्ञापन
दिल्ली-मुरादाबाद रेल लाइन पर स्थित कैलसा रेलवे स्टेशन क्रॉसिंग की जगह रेल उपरिगामी सेतु बनाया जाना है। दरअसल ट्रेनों के आने जाने से रेलवे क्रॉसिंग को बंद करना पड़ता है। इस मार्ग से अमरोहा-मुरादाबाद आने जाने के लिए वाहनों का सर्वाधिक दबाव रहता है। कुछ मिनट रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से काफी देर तक जाम लग जाता है।
विज्ञापन
राजनीतिक दलों के अलावा स्थानीय लोगों ने रेल उपरिगामी सेतु बनाने की मांग कर चुके हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अक्तूबर 2020 के विधानसभा उप चुनाव के दौरान पूर्व विधायक संगीता चौहान के समर्थन में रैली के दौरान रेलवे ओवरब्रिज बनाने का ऐलान किया था। इसके बाद नौगांवा सादात की तत्कालीन विधायक संगीता चौहान की पहल पर प्रदेश सरकार ने कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर रेल उपरिगामी सेतु बनाने के लिए सहमति जताई थी।
इसके बाद सेतु निगम लिमिटेड की ओर से 60.65 करोड़ का प्रारंभिक बजट भी तैयार कर लिया गया था। तत्कालीन डिप्टी सीएम की घोषणा के पांच साल बाद भी ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। रेल उपरिगामी सेतु की कुल लंबाई 852.50 मीटर रखी गई थी जबकि मुख्य सेतु-रेलवे पोर्शन की लंबाई 70 मीटर तय की गई थी।