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Amroha News: खूंखार कुत्तों का आतंक, एक दिन में 404 लोगों ने लगवाई वैक्सीन
Sat, 01 Mar 2025 01:44 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 01 Mar 2025 01:44 AM IST
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फोटो
- शुक्रवार को जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में लगी रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। बदलते मौसम में कुत्ते और बंदर खूंखार होने लगे हैं। उनका आतंक दिनों-दिन बढ़ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में 404 लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे। जिससे अस्पतालों में भीड़ लगी रही।
अमरोहा शहर से लेकर देहात क्षेत्र में आए दिन कुत्ते लोगों को काटकर घायल कर रहे हैं। कुत्तों के काटे जाने से लोग घायल होकर अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। रोजाना औसतम 400 लोगों को अस्पतालों में वैक्सीन लगाई जा रही है। कुत्ता काटे के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती देखकर डॉक्टर भी अचंभित हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं हैं। स्थिति यह है कि रात के समय शहर की कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर दो पहिया वाहनों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। आवारा कुत्ते झुंड बनाकर महिला, वृद्धों और बच्चों को निशाना बनाते हैं। अमरोहा नगर पालिका की ओर से कुत्तों से निजात दिलाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
बाइक सवार हो चुके हैं घायल
अमरोहा शहर में रात के अंधेरे में कई बार कुत्ते बाइक सवार के पीछे लग भागने लगते हैं, जिससे बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं। कई बाइक सवार कुत्तों के कारण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। उसके बाद भी अधिकारी कोई ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
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शुक्रवार वैक्सीन लगवाने वालों की स्थिति
अस्पताल-- -- -- -- -- -- मरीज संख्या
जिला अस्पताल : 50
अमरोहा सीएचसी : 47
हसनपुर सीएचसी : 80
जोया सीएचसी : 60
गजरौला सीएचसी : 70
ढबारसी सीएचसी : 21
रहरा सीएचसी : 40
नौगांवा सीएचसी : 36
क्या है रेबीज
रेबीज एक घातक वायरस है, जो संक्रमित कुत्तों या जानवरों की लार में मौजूद होता है और इन जानवरों के काटने से फैलता है। अगर किसी व्यक्ति में एक बार रेबीज के लक्षण दिखने लगते हैं तो ज्यादातर मामलों में ये मौत का कारण बन सकता है। इसलिए समय से किसी भी जानवर के काटने पर अस्पताल में चिकित्सक से अवश्य मिलें।
रेबीज के लक्षण
रेबीज के लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते। जब किसी व्यक्ति को कोई संक्रमित जानवर काटता है या वह रेबीज के संपर्क में आता है तो वायरस लक्षण को पैदा करने से पहले शरीर के जरिए दिमाग तक पहुंचता है, इसके बाद ही लक्षण दिखाई देते हैं। रेबीज किसी व्यक्ति के शरीर में एक से तीन महीने तक निष्क्रिय रह सकता है। रेबीज के लक्षणों की बात करें तो इसका सबसे पहला संकेत है बुखार का आना। घबराहट होना, तेज सिरदर्द होना, बुरे सपने और अत्यधिक लार आना, नींद न आना
- बोले अधिकारी
कुत्ते काटने के मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। इसके लिए अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध हैं। मरीजों को एंटी रेबीज लगाई जा रही है।- डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
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- शुक्रवार को जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में लगी रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। बदलते मौसम में कुत्ते और बंदर खूंखार होने लगे हैं। उनका आतंक दिनों-दिन बढ़ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में 404 लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे। जिससे अस्पतालों में भीड़ लगी रही।
अमरोहा शहर से लेकर देहात क्षेत्र में आए दिन कुत्ते लोगों को काटकर घायल कर रहे हैं। कुत्तों के काटे जाने से लोग घायल होकर अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। रोजाना औसतम 400 लोगों को अस्पतालों में वैक्सीन लगाई जा रही है। कुत्ता काटे के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती देखकर डॉक्टर भी अचंभित हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं हैं। स्थिति यह है कि रात के समय शहर की कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर दो पहिया वाहनों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। आवारा कुत्ते झुंड बनाकर महिला, वृद्धों और बच्चों को निशाना बनाते हैं। अमरोहा नगर पालिका की ओर से कुत्तों से निजात दिलाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
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बाइक सवार हो चुके हैं घायल
अमरोहा शहर में रात के अंधेरे में कई बार कुत्ते बाइक सवार के पीछे लग भागने लगते हैं, जिससे बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं और घायल हो जाते हैं। कई बाइक सवार कुत्तों के कारण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। उसके बाद भी अधिकारी कोई ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
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शुक्रवार वैक्सीन लगवाने वालों की स्थिति
अस्पताल
जिला अस्पताल : 50
अमरोहा सीएचसी : 47
हसनपुर सीएचसी : 80
जोया सीएचसी : 60
गजरौला सीएचसी : 70
ढबारसी सीएचसी : 21
रहरा सीएचसी : 40
नौगांवा सीएचसी : 36
क्या है रेबीज
रेबीज एक घातक वायरस है, जो संक्रमित कुत्तों या जानवरों की लार में मौजूद होता है और इन जानवरों के काटने से फैलता है। अगर किसी व्यक्ति में एक बार रेबीज के लक्षण दिखने लगते हैं तो ज्यादातर मामलों में ये मौत का कारण बन सकता है। इसलिए समय से किसी भी जानवर के काटने पर अस्पताल में चिकित्सक से अवश्य मिलें।
रेबीज के लक्षण
रेबीज के लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते। जब किसी व्यक्ति को कोई संक्रमित जानवर काटता है या वह रेबीज के संपर्क में आता है तो वायरस लक्षण को पैदा करने से पहले शरीर के जरिए दिमाग तक पहुंचता है, इसके बाद ही लक्षण दिखाई देते हैं। रेबीज किसी व्यक्ति के शरीर में एक से तीन महीने तक निष्क्रिय रह सकता है। रेबीज के लक्षणों की बात करें तो इसका सबसे पहला संकेत है बुखार का आना। घबराहट होना, तेज सिरदर्द होना, बुरे सपने और अत्यधिक लार आना, नींद न आना
- बोले अधिकारी
कुत्ते काटने के मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। इसके लिए अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध हैं। मरीजों को एंटी रेबीज लगाई जा रही है।- डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ