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Amroha News: दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज करा बयान से मुकरा किशोरी का पिता, एक महीने की सजा
Fri, 19 Sep 2025 02:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 19 Sep 2025 02:57 AM IST
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अमरोहा। नाबालिग बेटी के अपहरण के बाद दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले पिता को कोर्ट ने एक महीने की सजा सुनाई है। साथ ही 500 रुपये का जुर्माना लगाया है। झूठे मामले में गवाही देने वाले गवाह को भी दोषी पाते हुए 500 रुपये का जुर्माना लगाया है। उधर, मामले में कोर्ट ने 29 जुलाई 2025 को आखिरी सुनवाई की थी और साक्ष्यों के अभाव में आरोपी अली हसन उर्फ कलुआ को दोषमुक्त कर दिया था।
यह मामला रहरा थाने से जुड़ा है। यहां के एक व्यक्ति ने 22 फरवरी 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था कि गांव का ही अली हसन उर्फ कलुआ उनकी नाबालिग बेटी को बहलाकर ले गया है। हसन उनके घर आता जाता था। पुलिस ने हसन के खिलाफ अपहरण और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर उसके बयानों के आधार पर मुकदमा में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई थी। इसके बाद पुलिस ने अली हसन को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। हालांकि वह जमानत पर जेल से बाहर आ गया था।
मामले में विवेचक ने अली हसन के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व एससी एसटी एक्ट में आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में चल रही थी। इस बीच किशोरी का पिता अपने बयानों से पलट गया। किशोरी ने भी दुष्कर्म होने से इन्कार कर दिया जबकि मुकदमे में गवाह बना गांव का ही युवक भी बयानों से पलट गया। मामले में 29 जुलाई 2025 को कोर्ट ने आखिरी सुनवाई की थी और साक्ष्यों के अभाव में आरोपी अली हसन को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया था लेकिन मामले को कोर्ट ने गंभीरता से लिया और बेटी के साथ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज करने वाले पिता और गवाह के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश दिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना।
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किशोरी के पिता व अली हसन के बीच लेनदेन का था मामला
कोर्ट ने पाया कि मुकदमा वादी ने झूठे तथ्य की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया और बाद में कोर्ट के समक्ष मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत किए। लिहाजा आरोपी अली हसन को बदनाम करने के इरादे से झूठा मुकदमा दर्ज कराया जबकि किशोरी के पिता और दुष्कर्म के आरोपी बनाए गए अली हसन के बीच मांस के पैसे को लेकर लेनदेन का विवाद था। मामले को गंभीरता से लेकर कोर्ट ने झूठा मुकदमा दर्ज करने वाले पिता को अंतर्गत धारा 22 पॉक्सो एक्ट के दंडनीय अपराध के लिए दोषी पाया और एक महीने की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा झूठी गवाही देने के मामले में गवाह पर भी 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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यह मामला रहरा थाने से जुड़ा है। यहां के एक व्यक्ति ने 22 फरवरी 2021 को मुकदमा दर्ज कराया था कि गांव का ही अली हसन उर्फ कलुआ उनकी नाबालिग बेटी को बहलाकर ले गया है। हसन उनके घर आता जाता था। पुलिस ने हसन के खिलाफ अपहरण और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर उसके बयानों के आधार पर मुकदमा में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई थी। इसके बाद पुलिस ने अली हसन को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। हालांकि वह जमानत पर जेल से बाहर आ गया था।
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मामले में विवेचक ने अली हसन के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व एससी एसटी एक्ट में आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में चल रही थी। इस बीच किशोरी का पिता अपने बयानों से पलट गया। किशोरी ने भी दुष्कर्म होने से इन्कार कर दिया जबकि मुकदमे में गवाह बना गांव का ही युवक भी बयानों से पलट गया। मामले में 29 जुलाई 2025 को कोर्ट ने आखिरी सुनवाई की थी और साक्ष्यों के अभाव में आरोपी अली हसन को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया था लेकिन मामले को कोर्ट ने गंभीरता से लिया और बेटी के साथ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज करने वाले पिता और गवाह के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश दिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना।
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किशोरी के पिता व अली हसन के बीच लेनदेन का था मामला
कोर्ट ने पाया कि मुकदमा वादी ने झूठे तथ्य की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया और बाद में कोर्ट के समक्ष मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत किए। लिहाजा आरोपी अली हसन को बदनाम करने के इरादे से झूठा मुकदमा दर्ज कराया जबकि किशोरी के पिता और दुष्कर्म के आरोपी बनाए गए अली हसन के बीच मांस के पैसे को लेकर लेनदेन का विवाद था। मामले को गंभीरता से लेकर कोर्ट ने झूठा मुकदमा दर्ज करने वाले पिता को अंतर्गत धारा 22 पॉक्सो एक्ट के दंडनीय अपराध के लिए दोषी पाया और एक महीने की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा झूठी गवाही देने के मामले में गवाह पर भी 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।