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फर्जी शिक्षक भर्ती की आंच, 847 शिक्षकों की होगी जांच
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अमरोहा। कस्तूरबा विद्यालय में फर्जी शिक्षकों की आंच अमरोहा तक पहुंच गई है। शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच का फरमान फाइलों से आखिरकार शनिवार को बाहर निकल आई। कुल 847 शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच होनी है। यह वर्ष 2010 से 2014 में नियुक्त शिक्षक हैं। इन शिक्षकों को संबंधित बीआरसी कार्यालय में आठ जुलाई तक मूल डॉक्यूमेंट जमा करना है। एडीएम की अध्यक्षता में जांच समिति सर्टिफिकेट का अवलोकन करेगी। इसके बाद बोर्ड, विश्वविद्यालय के अलावा अन्य जगहों पर जांच के लिए भेजा जाएगा।
अनामिका शुक्ला के नाम से कई फर्जी शिक्षक पकड़े जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की किरकिरी हुई। फर्जी तरीके से शिक्षकों के नौकरी कराने के रैकेट सामने आया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्कूल और कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच कराने का फरमान सुनाया। ताकि रैकेट में शामिल लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिले में एडीएम वित्त और राजस्व की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी गई। इसमें एएसपी के अलावा बीएसए को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया। समिति गठित करने के बाद जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली। इंतजार के बाद शनिवार को आदेश जारी कर दिया गया। इसके तहत वर्ष 2010 से 2014 तक के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच होनी है। हालांकि इसके बाद नियुक्ति की सूची शासन से आई है। इसके चलते वर्ष 2014 के बाद के शिक्षक जांच के दायरे से बाहर हैं।
वर्ष 2010 से 2014 तक कुल 847 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। शिक्षकों से सर्टिफिकेट संबंधित बीआरसी कार्यालय में जमा करना है। इसके लिए छह, सात और आठ जुलाई तक मौका है। उसके बाद जिलास्तरीय टीम प्रमाण पत्रों की जांच करेगी। गौतम प्रसाद, बीएसए
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अनामिका शुक्ला के नाम से कई फर्जी शिक्षक पकड़े जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की किरकिरी हुई। फर्जी तरीके से शिक्षकों के नौकरी कराने के रैकेट सामने आया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्कूल और कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच कराने का फरमान सुनाया। ताकि रैकेट में शामिल लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिले में एडीएम वित्त और राजस्व की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी गई। इसमें एएसपी के अलावा बीएसए को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया। समिति गठित करने के बाद जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली। इंतजार के बाद शनिवार को आदेश जारी कर दिया गया। इसके तहत वर्ष 2010 से 2014 तक के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच होनी है। हालांकि इसके बाद नियुक्ति की सूची शासन से आई है। इसके चलते वर्ष 2014 के बाद के शिक्षक जांच के दायरे से बाहर हैं।
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वर्ष 2010 से 2014 तक कुल 847 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। शिक्षकों से सर्टिफिकेट संबंधित बीआरसी कार्यालय में जमा करना है। इसके लिए छह, सात और आठ जुलाई तक मौका है। उसके बाद जिलास्तरीय टीम प्रमाण पत्रों की जांच करेगी। गौतम प्रसाद, बीएसए
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