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Amroha News: फसल क्षति का सर्वे जारी, चार करोड़ मुआवजा मिलने का अनुमान
Fri, 09 Oct 2026 12:17 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:17 AM IST
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हसनपुर। गंगा नदी के बढ़े जलस्तर और बाढ़ के कारण फसलों व भूमि कटान से हुए भारी नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे अभियान और डेटा फीडिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक लगभग एक हजार किसानों का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। प्रशासन का अनुमान है कि प्रभावित किसानों को कुल मिलाकर लगभग चार करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।
एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने 47 प्रभावित गांवों में व्यापक सर्वे शुरू किया था, जिसके लिए 18 लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। सर्वे आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ के पानी और तेज बहाव से लगभग 2800 हेक्टेयर में खड़ी गन्ना, धान व अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। सतेड़ा, सतेड़ा चक की मढैया और गंगानगर जैसे तटबंधीय गांवों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। क्षति के आकलन के साथ ही पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग का कार्य लगातार जारी है, जिसे अगले सात दिनों के भीतर पूरा कर लेने की उम्मीद है। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया है कि रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। ऑनलाइन फीडिंग पूरी होने और वित्तीय स्वीकृति मिलते ही मुआवजा राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी, ताकि किसान आगामी रबी सत्र में गेहूं की बुआई समय पर कर सकें।
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एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने 47 प्रभावित गांवों में व्यापक सर्वे शुरू किया था, जिसके लिए 18 लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। सर्वे आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ के पानी और तेज बहाव से लगभग 2800 हेक्टेयर में खड़ी गन्ना, धान व अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। सतेड़ा, सतेड़ा चक की मढैया और गंगानगर जैसे तटबंधीय गांवों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। क्षति के आकलन के साथ ही पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग का कार्य लगातार जारी है, जिसे अगले सात दिनों के भीतर पूरा कर लेने की उम्मीद है। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया है कि रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। ऑनलाइन फीडिंग पूरी होने और वित्तीय स्वीकृति मिलते ही मुआवजा राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी, ताकि किसान आगामी रबी सत्र में गेहूं की बुआई समय पर कर सकें।
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