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Amroha News: जांच में दोषी मिले सुल्तानठेर के प्रधान, कारण बताओ नोटिस
Thu, 13 Nov 2025 02:23 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 13 Nov 2025 02:23 AM IST
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अमरोहा। शिकायत मिलने के बाद हुई जांच में गजरौला ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुल्तानठेर के ग्राम प्रधान वित्तीय अनियमितता के दोषी पाए गए हैं। डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सुल्तानठेर निवासी गजेंद्र सिंह ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके घर से महेंद्र के घर तक रास्ता बीच में छोड़कर धनराशि आहरित कर ली। इस राशि का आहरण करने के लिए गजेंद्र सिंह के नाम को भूपेंद्र व राजपाल का नाम ब्रजपाल बनाकर फर्जी तरीके से धनराशि आहरण करने की शिकायत की गई थी जिसकी जांच एडीओ पंचायत को दी गई थी।
एडीओ पंचायत की जांच में तीन मामलों में ग्राम प्रधान को दोषी पाया गया है। भूपेंद्र से ब्रजपाल के मकान तक जिस रास्ते का भुगतान किया गया, वह गलत आईडी पर किया गया। इसके अलावा चामुंडा मंदिर से सरकारी नल तक इंटरलॉकिंग कार्य में शासकीय धनराशि 4.86 लाख रुपये व्यय कर दिए गए, जबकि कार्य पर रास्ते के नाम पर भिन्नता पाई गई।
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साथ ही जुबिलेंट फैक्टरी द्वारा लगाए गए हैंडपंप का भुगतान ग्राम पंचायत से करने का आरोप भी लगाया गया है। जिसके लिए डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान का स्पष्टीकरण तलब करते हुए एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का समय दिया है।
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सुल्तानठेर निवासी गजेंद्र सिंह ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके घर से महेंद्र के घर तक रास्ता बीच में छोड़कर धनराशि आहरित कर ली। इस राशि का आहरण करने के लिए गजेंद्र सिंह के नाम को भूपेंद्र व राजपाल का नाम ब्रजपाल बनाकर फर्जी तरीके से धनराशि आहरण करने की शिकायत की गई थी जिसकी जांच एडीओ पंचायत को दी गई थी।
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एडीओ पंचायत की जांच में तीन मामलों में ग्राम प्रधान को दोषी पाया गया है। भूपेंद्र से ब्रजपाल के मकान तक जिस रास्ते का भुगतान किया गया, वह गलत आईडी पर किया गया। इसके अलावा चामुंडा मंदिर से सरकारी नल तक इंटरलॉकिंग कार्य में शासकीय धनराशि 4.86 लाख रुपये व्यय कर दिए गए, जबकि कार्य पर रास्ते के नाम पर भिन्नता पाई गई।
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साथ ही जुबिलेंट फैक्टरी द्वारा लगाए गए हैंडपंप का भुगतान ग्राम पंचायत से करने का आरोप भी लगाया गया है। जिसके लिए डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान का स्पष्टीकरण तलब करते हुए एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का समय दिया है।