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Amroha News: नहीं मिली छात्रवृत्ति तो छात्र पहुंचाया उपभोक्ता आयोग, संस्थान और बैंक को थमाया नोटिस
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अमरोहा। बीटेक छात्र को छात्रवृत्ति की 53,850 रुपये की रकम नहीं मिली। छात्र का आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में रकम खाते में भेजे जाने की जानकारी दर्ज है, लेकिन बैंक खाते में धनराशि नहीं पहुंची। उसे संस्थान की 94,740 रुपये की वार्षिक फीस खुद जमा करनी पड़ी। अब छात्र ने जिला उपभोक्ता विवाद एवं प्रतितोष आयोग में परिवाद दाखिल कर रकम ब्याज समेत दिलाने, दो लाख रुपये क्षतिपूर्ति और 25 हजार रुपये वाद व्यय की मांग की है। आयोग ने संस्थान और बैंक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
रजबपुर क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी कनिष्क सिरोही ने गौतमबुद्ध नगर स्थित इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान में बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 16 सितंबर 2024 को प्रवेश लिया था। ओबीसी वर्ग के कनिष्क के परिवार की वार्षिक आय 48 हजार रुपये है। छात्र का दावा है कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में वह 53,850 रुपये का पात्र था।
कनिष्क ने 18 नवंबर 2025 को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे संस्थान ने 14 दिसंबर को अग्रसारित किया। पीएफएमएस, विश्वविद्यालय और जिला छात्रवृत्ति समिति स्तर पर जांच के बाद 10 मार्च 2026 को समिति ने अभिलेख सही पाए। कनिष्क के अनुसार, 30 मई की शिकायत निस्तारण रिपोर्ट में 3,850 रुपये छात्रवृत्ति और 50 हजार रुपये फीस प्रतिपूर्ति आधार आधारित बैंक खाते में भेजे जाने की जानकारी दी गई। रजबपुर स्थित बैंक शाखा में जांच कराने पर स्टेटमेंट में रकम जमा नहीं मिली।
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इसके बाद कनिष्क ने आयोग की शरण ली। उसने 53,850 रुपये 30 मई 2026 से 12 प्रतिशत ब्याज समेत, मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षति के लिए दो लाख रुपये और 25 हजार रुपये वाद व्यय दिलाने की मांग की। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य मंजू रानी दीक्षित ने संस्थान और बैंक को नोटिस जारी किया है।
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रजबपुर क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी कनिष्क सिरोही ने गौतमबुद्ध नगर स्थित इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान में बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 16 सितंबर 2024 को प्रवेश लिया था। ओबीसी वर्ग के कनिष्क के परिवार की वार्षिक आय 48 हजार रुपये है। छात्र का दावा है कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में वह 53,850 रुपये का पात्र था।
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कनिष्क ने 18 नवंबर 2025 को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे संस्थान ने 14 दिसंबर को अग्रसारित किया। पीएफएमएस, विश्वविद्यालय और जिला छात्रवृत्ति समिति स्तर पर जांच के बाद 10 मार्च 2026 को समिति ने अभिलेख सही पाए। कनिष्क के अनुसार, 30 मई की शिकायत निस्तारण रिपोर्ट में 3,850 रुपये छात्रवृत्ति और 50 हजार रुपये फीस प्रतिपूर्ति आधार आधारित बैंक खाते में भेजे जाने की जानकारी दी गई। रजबपुर स्थित बैंक शाखा में जांच कराने पर स्टेटमेंट में रकम जमा नहीं मिली।
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इसके बाद कनिष्क ने आयोग की शरण ली। उसने 53,850 रुपये 30 मई 2026 से 12 प्रतिशत ब्याज समेत, मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षति के लिए दो लाख रुपये और 25 हजार रुपये वाद व्यय दिलाने की मांग की। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य मंजू रानी दीक्षित ने संस्थान और बैंक को नोटिस जारी किया है।