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Amroha News: गुर्जर महासभा के प्रदेश महासचिव को गोली लगने की घटना का किया क्राइम सीन रीक्रिएट
Sat, 22 Jul 2023 12:18 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 22 Jul 2023 12:18 AM IST
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अमरोहा। देहात थानाक्षेत्र की चर्चित दो घटनाओं की गूंज शासन तक पहुंच गई है। जिसके बाद स्टेट मेडिको लीगल सेल ऐशबाग लखनऊ के संयुक्त निदेशक डॉक्टर कीर्ति वर्धन सिंह ने जांच शुरू कर दी है। दोनों मामलों की हकीकत परखने के लिए सेल के संयुक्त निदेशक खुद शुक्रवार को अमरोहा पहुंचे। उन्होंने दस महीने पहले गुर्जर महासभा के प्रदेश महासचिव सुमित कुमार को गोली लगने के मामले में घटनास्थल पर पहुंचकर दोबारा से क्राइम सीन रीक्रिएट किया। पीड़ित सुमित कुमार से घटना से संबंधित कई बिंदुओं पर पूछताछ की। रीक्रिएट सीन में फर्क सिर्फ इतना था हमलावरों की जगह बाइक दो पुलिसकर्मी सवार थे। इस दौरान संयुक्त निदेशक डॉ. कीर्ति वर्धन सिंह ने सुमित के मोबाइल में उस वीडियो को देखा जिसे फेसबुक पर लाइव किया था। इसके बाद संयुक्त निदेशक क्षेत्र के गांव जलीलपुर बक्कल पहुंचे। यहां चर्चित ममता हत्याकांड के बारे में परिजनों से बातचीत की। गांव वालों से भी घटना के बारे में जानकारी की। झगड़ा कैसे हुआ, क्यों हुआ आदि। संयुक्त निदेशक ने उन सभी बिंदुओं पर घटनाक्रम को जाना जिन पर पुलिस नहीं पहुंच सकी थी। इससे पहले सुबह करीब नौ बजे संयुक्त निदेशक ने देहात थाना पहुंचकर दोनों घटनाओं से संबंधित अभिलेख चेक किए और बाद में पुलिस ऑफिस में एसपी आदित्य लांग्हे से बात की थी। मालूम रहे ही दोनों ही घटनाओं में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़ित परिवार पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों समेत मुख्यमंत्री से आरोपियों को जेल भेजने की मांग कर रहे हैं। जबकि पुलिस दोनों ही घटनाओं को संदिग्ध मान रही है।
दस महीने पहले गुर्जर महासभा के प्रदेश महासचिव सुमित कुमार को लगी थी गोली
सिहाली नारायन गांव निवासी किसान जसपाल सिंह के बेटे सुमित कुमार अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का प्रदेश महासचिव है। जबकि गजरौला थानाक्षेत्र के गांव मुरादपुर निवासी दीपक भड़ाना गुर्जर महासभा का प्रदेश अध्यक्ष है। सुमित कुमार सपा के जुड़े हैं। जबकि दीपक भड़ाना भाजपा के एक पूर्व सांसद के बेहद करीबी हैं। दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। तीन सितंबर 2022 को दोनों के बीच किसी बात को लेकर मोबाइल पर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद सुमित कुमार ने एसपी को शिकायती पत्र देकर दीपक भड़ाना पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस मामले में दीपक भड़ाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। लेकिन सात सितंबर की शाम लगभग चार बजे गांव सुमित कुमार अपने खेत पर थे तभी संदिग्ध परिस्थितियों में उनके पेट में गोली लगने से घायल हो गए थे। गोली लगने के बाद सुमित ने घटना स्थल पर ही फेसबुक पर लाइव आकर उसने दीपक पर गोली मारने का आरोप लगाया था। जबकि कुछ देर बाद दीपक भड़ाना ने फेसबुक से लाइव आकर खुद को निर्दोष बताते हुए लोकेशन नोएडा में बताई थी।
झगड़े में गई थी ममता की जान, हुआ था हत्या का केस
देहात थानाक्षेत्र के गांव जलीलपुर बकाल में अनुसूचित जाति के धर्मवीर सिंह और महिपाल के परिवार रहते हैं। दोनों के घर आमने-सामने हैं। एक जून को गांव के ही रहने वाले धर्मवीर सिंह और महिपाल के परिवार में उधार के रुपये को लेकर विवाद हो गया था। मारपीट में धर्मवीर सिंह व उनके भतीजे देवेंद्र घायल हुए थे। इस मामले में धर्मवीर सिंह के बेटे ने दूसरे पक्ष के जयकुमार, नीरज, आशु, मुनिपाल और गजेंद्र के खिलाफ मारपीट की एफआईआर दर्ज कराई थी। उस समय तहरीर में धर्मवीर सिंह की बेटी ममता के घायल होने का जिक्र नहीं था। लेकिन अब 13 जून की रात को धर्मवीर सिंह की बेटी ममता की पाकबड़ा स्थित अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिस पर परिजनों ने मारपीट में ममता के घायल होने की बात कही और गला दबाने व सीने पर वार कर हत्या करने का आरोप लगाया था। पाकबड़ा पुलिस ने ममता के शव का टीएमयू में पोस्टमार्टम कराया। परिजन शव गांव ले आए और घर में पंद्रह घंटे तक शव रख कर हंगामा किया था। पुलिस ने घायल धर्मवीर की तहरीर पर नीरज, मुनीपाल, गजेंद्र, आशू, कुलवंत, देवराज, अमित, लोकेंद्र व कामेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन ममता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली तो उसमें चौंकाने वाली बात सामने आई थी। पुलिस का दावा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ममता की मौत कारण स्पष्ट नहीं हुआ। उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले।
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अमरोहा में सुमित कुमार गोलीकांड और ममता की मौत प्रकरण में जांच शुरू की गई है। घटनास्थल पर जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट किए गए। पीड़ितों से बात की गई। घटना को किस तरह से अंजाम दिया गया ये सब रीक्रिएट किया गया। दोनों मामलों में कई बिंदुओं पर जांच की गई है। सुमित कुमार गोलीकांड में विरोधाभास है। मामलों से जुड़ी कुछ रिपोर्ट आना बाकी हैं। जिसके बाद दोनों मामलों में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. कीर्ति वर्धन सिंह, संयुक्त निदेशक, स्टेट मेडिको लीगल सेल लखनऊ
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दस महीने पहले गुर्जर महासभा के प्रदेश महासचिव सुमित कुमार को लगी थी गोली
सिहाली नारायन गांव निवासी किसान जसपाल सिंह के बेटे सुमित कुमार अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का प्रदेश महासचिव है। जबकि गजरौला थानाक्षेत्र के गांव मुरादपुर निवासी दीपक भड़ाना गुर्जर महासभा का प्रदेश अध्यक्ष है। सुमित कुमार सपा के जुड़े हैं। जबकि दीपक भड़ाना भाजपा के एक पूर्व सांसद के बेहद करीबी हैं। दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। तीन सितंबर 2022 को दोनों के बीच किसी बात को लेकर मोबाइल पर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद सुमित कुमार ने एसपी को शिकायती पत्र देकर दीपक भड़ाना पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस मामले में दीपक भड़ाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। लेकिन सात सितंबर की शाम लगभग चार बजे गांव सुमित कुमार अपने खेत पर थे तभी संदिग्ध परिस्थितियों में उनके पेट में गोली लगने से घायल हो गए थे। गोली लगने के बाद सुमित ने घटना स्थल पर ही फेसबुक पर लाइव आकर उसने दीपक पर गोली मारने का आरोप लगाया था। जबकि कुछ देर बाद दीपक भड़ाना ने फेसबुक से लाइव आकर खुद को निर्दोष बताते हुए लोकेशन नोएडा में बताई थी।
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झगड़े में गई थी ममता की जान, हुआ था हत्या का केस
देहात थानाक्षेत्र के गांव जलीलपुर बकाल में अनुसूचित जाति के धर्मवीर सिंह और महिपाल के परिवार रहते हैं। दोनों के घर आमने-सामने हैं। एक जून को गांव के ही रहने वाले धर्मवीर सिंह और महिपाल के परिवार में उधार के रुपये को लेकर विवाद हो गया था। मारपीट में धर्मवीर सिंह व उनके भतीजे देवेंद्र घायल हुए थे। इस मामले में धर्मवीर सिंह के बेटे ने दूसरे पक्ष के जयकुमार, नीरज, आशु, मुनिपाल और गजेंद्र के खिलाफ मारपीट की एफआईआर दर्ज कराई थी। उस समय तहरीर में धर्मवीर सिंह की बेटी ममता के घायल होने का जिक्र नहीं था। लेकिन अब 13 जून की रात को धर्मवीर सिंह की बेटी ममता की पाकबड़ा स्थित अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिस पर परिजनों ने मारपीट में ममता के घायल होने की बात कही और गला दबाने व सीने पर वार कर हत्या करने का आरोप लगाया था। पाकबड़ा पुलिस ने ममता के शव का टीएमयू में पोस्टमार्टम कराया। परिजन शव गांव ले आए और घर में पंद्रह घंटे तक शव रख कर हंगामा किया था। पुलिस ने घायल धर्मवीर की तहरीर पर नीरज, मुनीपाल, गजेंद्र, आशू, कुलवंत, देवराज, अमित, लोकेंद्र व कामेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन ममता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली तो उसमें चौंकाने वाली बात सामने आई थी। पुलिस का दावा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ममता की मौत कारण स्पष्ट नहीं हुआ। उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले।
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अमरोहा में सुमित कुमार गोलीकांड और ममता की मौत प्रकरण में जांच शुरू की गई है। घटनास्थल पर जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट किए गए। पीड़ितों से बात की गई। घटना को किस तरह से अंजाम दिया गया ये सब रीक्रिएट किया गया। दोनों मामलों में कई बिंदुओं पर जांच की गई है। सुमित कुमार गोलीकांड में विरोधाभास है। मामलों से जुड़ी कुछ रिपोर्ट आना बाकी हैं। जिसके बाद दोनों मामलों में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. कीर्ति वर्धन सिंह, संयुक्त निदेशक, स्टेट मेडिको लीगल सेल लखनऊ