{"_id":"5f495d5b8ebc3e6d003d524d","slug":"sports-day-jpnagar-news-mbd3607283134","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाकी में अमरोहा का कई जिलों में था दबदबा, ढूंढे नहीं मिलते खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाकी में अमरोहा का कई जिलों में था दबदबा, ढूंढे नहीं मिलते खिलाड़ी
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अमरोहा। एक दौर था जब अमरोहा में जीआईसी के मैदान पर हाकियों की टकराहट सुनाई देती थी। हाकी प्रेमियों से मैदान भरा होता था। अमरोहा हाकी टीम का उत्तराखंड समेत कई जिलों में डंका बजता था। लेकिन अब न तो हाकी की टकराहट सुनाई पड़ती है और न ही खिलाड़ी दिखते हैं। अमरोहा में हाकी विलुप्त हो चुकी है। वर्ष 1995 के बाद से हाकी बंद है। यहां अब ढूंढे खिलाड़ी नहीं मिल रहे हैं।
एक समय था, जब अमरोहा हाकी के लिए जाना जाता था। जीआईसी मैदान पर हाकी होती थी। इसके अलावा हिंदू कालेज और कुंदन कालेज के मैदान पर भी टीमें हाकी की प्रैक्टिस करती थी। यहां कुरैशी क्लब, टाउनहाल क्लब, अब्बासी स्पोर्ट्स क्लब और प्रिंस हाकी क्लब की टीम थी। चारों टीमों का प्रदर्शन शानदार था। अमरोहा हाकी टीम के फुल बैक राइट रहे पूर्व हाकी खिलाड़ी संजय शर्मा के मुताबिक अमरोहा की हाकी टीम काफी मजबूत थी। टीम पौड़ी, गढ़वाल, नैनीताल, देहरादून, मुरादाबाद, दिल्ली सहित आसपास के अन्य शहरों में होने वाले टूर्नामेंट में हिस्सा लेती थी। इन टूर्नामेंटों में अमरोहा की टीम का दबदबा रहता था। लेकिन अब अमरोहा में हाकी विलुप्त सी हो गई है। वर्ष 1995 तक हाकी होती रही। लेकिन इसके बाद हाकी बंद हो गई। अब जीआईसी मैदान पर हाकी देखने को नहीं मिलती है।
जीआईसी मैदान में दोस्ताना मैच खेल चुके हैं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी
अमरोहा। जीआईसी मैदान पर हाकी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी (दोस्ताना) फ्रैंडली मैच खेल चुके हैं। वर्ष 1979-80 में इंडिया हाकी इंडिया के पूर्व कप्तान इनामुर्रहमान, असलम शेर और पाकिस्तान टीम के कप्तान अब्दुल रशीद फ्रैंडली मैच खेल चुके हैं।
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नेशनल कैंप किया था नुसरत हुसैन ने
अमरोहा। शहर के मोहल्ला सद्दो के रहने वाले नुसरत हुसैन ने हाकी का नेशनल कैंप किया था। वह एनई रेलवे हाकी टीम के कप्तान रहे। वहीं शहर के दूसरे खिलाड़ी अख्तर हुसैन वेस्टर्न रेलवे हाकी टीम रहे। बहाज अहमद खान ने अलीगढ़ यूनिवर्सिटी की कप्तानी की।
- जीआईसी मैदान पर 1995 तक हाकी खेली गई। इसके बाइ हाकी के प्रति दिलचस्पी कम होती गई। अब न तो कोई मैदान और न ही हाकी की कोई टीम बची। जबकि यहां से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल चुके हैं। स्कूल कालेजों में भी हाकी की उपेक्षा की जा रही है। - संजय शर्मा, पूर्व हाकी खिलाड़ी
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एक समय था, जब अमरोहा हाकी के लिए जाना जाता था। जीआईसी मैदान पर हाकी होती थी। इसके अलावा हिंदू कालेज और कुंदन कालेज के मैदान पर भी टीमें हाकी की प्रैक्टिस करती थी। यहां कुरैशी क्लब, टाउनहाल क्लब, अब्बासी स्पोर्ट्स क्लब और प्रिंस हाकी क्लब की टीम थी। चारों टीमों का प्रदर्शन शानदार था। अमरोहा हाकी टीम के फुल बैक राइट रहे पूर्व हाकी खिलाड़ी संजय शर्मा के मुताबिक अमरोहा की हाकी टीम काफी मजबूत थी। टीम पौड़ी, गढ़वाल, नैनीताल, देहरादून, मुरादाबाद, दिल्ली सहित आसपास के अन्य शहरों में होने वाले टूर्नामेंट में हिस्सा लेती थी। इन टूर्नामेंटों में अमरोहा की टीम का दबदबा रहता था। लेकिन अब अमरोहा में हाकी विलुप्त सी हो गई है। वर्ष 1995 तक हाकी होती रही। लेकिन इसके बाद हाकी बंद हो गई। अब जीआईसी मैदान पर हाकी देखने को नहीं मिलती है।
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जीआईसी मैदान में दोस्ताना मैच खेल चुके हैं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी
अमरोहा। जीआईसी मैदान पर हाकी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी (दोस्ताना) फ्रैंडली मैच खेल चुके हैं। वर्ष 1979-80 में इंडिया हाकी इंडिया के पूर्व कप्तान इनामुर्रहमान, असलम शेर और पाकिस्तान टीम के कप्तान अब्दुल रशीद फ्रैंडली मैच खेल चुके हैं।
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नेशनल कैंप किया था नुसरत हुसैन ने
अमरोहा। शहर के मोहल्ला सद्दो के रहने वाले नुसरत हुसैन ने हाकी का नेशनल कैंप किया था। वह एनई रेलवे हाकी टीम के कप्तान रहे। वहीं शहर के दूसरे खिलाड़ी अख्तर हुसैन वेस्टर्न रेलवे हाकी टीम रहे। बहाज अहमद खान ने अलीगढ़ यूनिवर्सिटी की कप्तानी की।
- जीआईसी मैदान पर 1995 तक हाकी खेली गई। इसके बाइ हाकी के प्रति दिलचस्पी कम होती गई। अब न तो कोई मैदान और न ही हाकी की कोई टीम बची। जबकि यहां से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल चुके हैं। स्कूल कालेजों में भी हाकी की उपेक्षा की जा रही है। - संजय शर्मा, पूर्व हाकी खिलाड़ी