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Double Murder: इसलिए सैनिटाइजर से लगाया फर्श पर पोंछा, जूते-दस्ताने मशीन में धोए; बाप-बहन के कातिल ने बताई वजह

Mon, 12 Feb 2024 01:23 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 12 Feb 2024 01:23 PM IST
सार

अमरोहा में संपत्ति के विवाद में बेटे ने पत्नी और नौकर के साथ मिलकर सराफ पिता और बहन की हत्या की थी। आरोपी के शक था कि पिता गोद ली बेटी के नाम संपत्ति कर सकते हैं। पुलिस ने बहू-बेटे और नौकर गिरफ्तार कर लिया है।

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Son along with his wife and servant had murdered Saraf father and sister In a property dispute
Double Murder - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मकान बेचने से मना करने पर बेटे ने ही सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनकी गोद ली बेटी सृष्टि की हत्या पत्नी और एक नौकर के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर सराफ और उनकी बेटी की हत्या का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने सराफ के हत्यारोपी बेटे, बहू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार का न्यायालय पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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रविवार को नगर कोतवाली में एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मोहल्ला नगर के कटरा गुलाम अली में रहने वाले सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनके पुत्र हत्यारोपी इशांक अग्रवाल के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इशांक अग्रवाल अपने हिस्से के मकान को बेचकर दिल्ली में शिफ्ट होना चाहता था, लेकिन योगेश चंद्र अग्रवाल इसके आड़े आ रहे थे। दोनों पिता-पुत्र के संबंध अच्छे नहीं थे। 
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पुलिस का दावा है कि योगेश चंद्र अग्रवाल का व्यवहार अपनी बहू मानसी अग्रवाल के प्रति भी खराब था। जिससे आहत होकर इशांक अग्रवाल ने अपने पिता योगेश चंद्र अग्रवाल और बहन सृष्टि की हत्या करने की योजना बनाई। 
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हत्या करने के लिए इशांक अग्रवाल ने अपनी दिल्ली स्थित फैक्टरी में काम करने वाले नौकर बरेली निवासी अनिल गंगवार को पैसों का लालच देकर अपने घर बुलाया और अपनी पत्नी मानसी अग्रवाल के साथ मिलकर पिता योगेश चंद्र अग्रवाल और बहन सृष्टि की दरांती से गला रेत कर हत्या कर दी।

एसपी ने बताया की हत्यारोपी इशांक अग्रवाल, उसकी पत्नी मानसी अग्रवाल और बरेली जनपद के नवाबगंज थानाक्षेत्र के गांव जोरा मकरंदपुर निवासी अनिल गंगवार को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

ये था पूरा मामला
मोहल्ला नगर के कटरा गुलाम अली में रहने वाले सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनकी बेटी सृष्टि की घर में ही किसी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह पिता-पुत्री के शव कमरे में फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़े मिले थे। दोनों के चेहरे पर कपड़ा पड़ा हुआ था। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे पुलिस को बंद मिले। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। योगेश चंद्र अग्रवाल की बाजार गुजरी में इशांक ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। उनकी पत्नी छाया की दो साल पहले हार्टअटैक से मौत हो चुकी है।

वह बेटी सृष्टि के साथ रहते थे। बेटा इशांक अग्रवाल दिल्ली में गत्ता फैक्टरी चलाता है। इशांक की पत्नी मानसी अग्रवाल अपने दस साल के बेटे आयुष के साथ घर के दूसरे पोर्शन में रहती है। दोनों मकानों में आवाजाही के रास्ते अलग-अलग हैं, जबकि घर के भीतरी हिस्से में दोनों को जोड़ने के लिए दरवाजा है। बेटा इशांक अग्रवाल बृहस्पतिवार को दिल्ली से घर आया था। शुक्रवार रात वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ मकान के अपने हिस्से में था। योगेश चंद्र अग्रवाल और बेटी सृष्टि के साथ अपने हिस्से में थे।

सराफ और बेटी की हत्या की जानकारी शनिवार सुबह करीब छह बजे उनके दोस्तों से पुलिस तक पहुंची। उनके हमउम्र दोस्त राजनिकेतन, सतीश अरोड़ा, अतुल गुप्ता और विनीत चावला रोज की तरह टेबल टेनिस खेलने उनके घर पहुंचे। खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला तो साथियों ने योगेश चंद्र अग्रवाल का फोन मिलाया।

फोन न उठने पर दरवाजे को धक्का दिया तो खुल गया। भीतर दाखिल होते ही कमरे की खिड़की में झांका तो फर्श पर पिता-पुत्री के शव नजर आए। सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष और सेवा भारती संस्था के नगर अध्यक्ष भी थे।

सैनिटाइजर से लगाया फर्श पर पोंछा, जूते, दस्ताने वाशिंग मशीन में धोए
एसपी के मुताबिक शुक्रवार की रात दोनों की हत्या करने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए कमरे की अलमारी में रखा समान बिखेर दिया था। इसके अलावा योगेश चंद्र अग्रवाल और सृष्टि के शरीर से बहे खून को कपड़े में सैनिटाइजर का पोछा लगाकर साफ कर दिया। बाद में अपने जूते, दस्ताने और चप्पल पर लगे खून को वॉशिंग मशीन में धूल दिया था।

गोद ली हुई बहन से भी खफा रहता था इशांक
पुलिस का दावा है कि इशांक अग्रवाल गोद ली हुई बहन सृष्टि से भी खफा रहता था। क्योंकि उसे यही लगता था कि पिता योगेश चंद्र अग्रवाल की मौत के बाद उसकी प्रॉपर्टी में बराबर की हिस्सेदार बन जाएगी। उतना ही नहीं उसे शक था कि उसके पिता कहीं सारी संपत्ति सृष्टि के नाम न कर दें।

पड़ोसी भी दबी जुबां से जता रहे थे इशांक पर हत्या का शक
पुलिस का दावा है कि इशांक और उसके पिता योगेश चंद्र अग्रवाल में विवाद होता रहता था। इशांक अपने पिता को पसंद नहीं करता था। यही वजह है कि करीब ढाई साल पहले योगेश चंद अग्रवाल ने इशांक को अपनी ज्वेलरी की दुकान से हटा दिया था। तभी से इशांक दिल्ली में गत्ते की फैक्टरी चलता था। मामा अतुल गर्ग का कहना है कि इस फैक्टरी को लगाने के लिए भी योगेश चंद्र ने इशांक को 40 लाख रुपये दिए थे।

मामा अतुल गर्ग बोले- मेरी बेटी का क्या दोष
सृष्टि मूलरूप से हसनपुर के रहने वाले अतुल गर्ग की बेटी थी। उसका जन्म होते ही उसकी बुआ छाया और फूफा योगेश ने उसे गोद ले लिया था। क्योंकि अतुल गर्ग के पास पहले से एक बेटा और एक बेटी हैं। सृष्टि इतनी होनहार थी कि उसने एलएलबी और एलएलएम करने के बाद करने के बाद पीसीएस-जे की तैयारी कर रही थी। अतुल गर्ग के मुताबिक सृष्टि का सपना जज बना था। उसने स्पष्ट कह दिया था कि वह अपनी शादी कुछ बनने के बाद करेगी। लेकिन इशांक ने उसे क्यों मार डाला आखिर इसका क्या दोष था। अगर उससे ज्यादा दिक्कत थी तो हम सृष्टि को खुद वापस ले लेते।

250 गज का मकान इशांक के नाम पर था
मृतक सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल के साले अतुल गर्ग ने बताया कि उनके पास काफी संपत्ति थी। मकान दुकान के अलावा कृषि से संबंधित जमीन भी काफी है। उन्होंने कटरा गुलाम अली में 500 गज का प्लॉट खरीदा था। जिसमें आधा प्लॉट इशांक और आधा प्लॉट अपनी पत्नी छाया के नाम कराया था। उन्होंने इशांक के लिए उस दौरान भी भेदभाव नहीं किया। जिस मकान में इशांक रहता है। उसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है। लेकिन इशांक अपने इस मकान को बेचकर दिल्ली शिफ्ट होना चाहता था। बस योगेश चंद्र अग्रवाल इसी बात का विरोध करते थे।

ये समान हुआ बरामद
एसपी ने बताया कि पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दराती, मृतक योगेश अग्रवाल की 6 अंगुठी और 1 गले की चैन, करीब 300 एमएल सैनेटाईजर खून के निशान साफ करने में प्रयुक्त, खुन साफ करने में प्रयुक्त तकिये के कवर, तकिये की रुई, इशांक अग्रवाल का खुन से सना लोअर, मानसी की खुन से सनी कुर्ती जिन्हें बाशिंग मशीन मे धुला गया था। मानसी अग्रवाल की खुन लगी चप्पल, आरोपी इशांक के खुन लगे जुते और मृतकों के दो मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त दस्ताने बरामद किए हैं।

पड़ोस के घर लगे सीसीटीवी कैमरे में हो गया था अनिल
पुलिस का दावा है कि योगेश चंद्र अग्रवाल के घर के कैमरे बंद पड़े थे। वह कई दिनों से बंद थे। लेकिन वारदात की रात हत्यारोपी अनिल गंगवार घर से निकलता हुआ योगेश चंद्र अग्रवाल के पड़ोस के एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। वह रात में करीब 12 बजकर 7 मिनट पर घर से निकला था।
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