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Amroha News: यूरिया के लिए कहीं लंबी कतार, कहीं ताले खुलने का इंतजार
Wed, 30 Jul 2025 02:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 30 Jul 2025 02:01 AM IST
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अमरोहा। बारिश के मौसम में फसलों के लिए यूरिया की मांग बढ़ गई है। ऐसे में शहर की समितियों से लेकर गांव तक यूरिया के लिए मारामारी के हालात बने हैं। कई समितियाें पर किसानों की लाइन लग रही है तो कहीं खाद नहीं है। वहीं, कई समितियों पर ताले लटके हैं।
घंटाें इंतजार के बाद किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। हालत यह है कि कुछ समितियां को छोड़कर निजी दुकानों पर खाद का स्टाक नहीं है। उधर, यूरिया को लेकर बढ़ती मारामारी को देखते किसान पहले भी खाद की कालाबाजारी होने का आरोप लगा चुके हैं।
किसान इस समय यूरिया के लिए परेशान है। सुबह चार बजे से ही समितियों पर लाइन में लग जाती हैं। इसके बाद भी कई किसानों को बिना खाद लिए लौटना पड़ता है। हसनपुर तहसील क्षेत्र में एक माह से यूरिया को लेकर मारामारी है। कई किसानों को तो चार से पांच दिन तक लाइन में लगने के बाद यूरिया नहीं मिल पाती है।
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धान और गन्ने की फसल में यूरिया की अधिक आवश्यकता के कारण यूरिया की किल्लत देखने को मिल रही है। मंगलवार को भी यही हालात देखने को मिले। सहकारी समितियों पर यूरिया का पर्याप्त स्टाक नहीं है जबकि निजी दुकानदारों के पास तो खाद है ही नहीं। आलम यह है कि दुकानदार किसानों से रुपये नकद जमा कर किसी तरह यूरिया खाद का इंतजाम नहीं हो रहा है। किसानों को समितियों से बिना खाद के वापस लौटाना पड़ रहा है। खाद नहीं मिलने से किसानों में रोष व्याप्त है।
धनाैरा क्षेत्र में भी खाद की किल्लत
मंडी धनौरा। क्षेत्र की अधिकांश सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं है। पिछले कई दिनों से यूरिया नहीं हैं। किसान खाद के लिए लगातार इन समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस मजबूरी का फायदा उठाकर निजी विक्रेता मनमाने दामों पर यूरिया बेच रहे हैं, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई किसानों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर यूरिया नहीं मिला, तो उनकी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
ढबारसी सहकारी समिति पर दो दिन से यूरिया नहीं
ढबारसी। सहकारी समिति पर दो दिन से यूरिया न होने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फसलों में यूरिया डालने के लिए किसान लगातार समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। समिति के अंदर बैठे कर्मचारियों ने किसानों को बताया है कि यूरिया की गाड़ी रास्ते में है और जल्द ही पहुंचने वाली है। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें और अधिक नुकसान न उठाना पड़े।
शाहपुर सहकारी समिति पर हुआ खाद का वितरण
हसनपुर। जहां एक तरफ यूरिया की किल्लत से किसान जूझ रहे हैं। वहीं, कुछ समितियों पर खाद का वितरण किया जा रहा है। हसनपुर क्षेत्र की शाहपुर सहकारी समिति पर मंगलवार यूरिया खाद की खेप उपलब्ध है, जिसका लगातार वितरण कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को समिति से कुल 200 बोरा यूरिया किसानों को वितरित किया गया, जिससे क्षेत्र के कई किसानों को बड़ी राहत मिली है।
कई बार बनी हंगामे की स्थित
गजरौला। खाद के लिए किसान सुबह आठ बजे से समितियों के गेट पर आकर बैठ जाते हैं। मंगलवार को बस्ती स्थित सहकारी समिति पर लाइन लगी रही। दोपहर डेढ़ बजे तक 175 बोरी की बिक्री हो गई। किसानों की भीड़ के कारण कई बार हंगामे की स्थिति बनी। इस दौरान किसानों ने कहा कि कर्मचारी परेशान न करें तो खाद लेने में दिक्कत सामने न आए।
इफ्को केंद्र के बाहर लगी किसानों की लाइन
सैदनगली। सैदनगली में इफ्को केंद्र पर खाद लेने के लिए किसानों की लाइन लग रही है। सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत की वजह से किसान इफ्को केंद्र से यूरिया खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन यूरिया खाद की पूर्ति नहीं हो पा रही है।
समितियों पर खाद की कोई किल्लत नहीं है। सभी समितियों पर खाद उपलब्ध कराया गया है। खाद की पूर्ति के लिए जिले में जल्द ही और भी रैक पहुंचने वाली है। जिससे खाद की समस्या दूर हो सकेगी। - वरुण अग्रवाल, एआर कोऑपरेटिव
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घंटाें इंतजार के बाद किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। हालत यह है कि कुछ समितियां को छोड़कर निजी दुकानों पर खाद का स्टाक नहीं है। उधर, यूरिया को लेकर बढ़ती मारामारी को देखते किसान पहले भी खाद की कालाबाजारी होने का आरोप लगा चुके हैं।
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किसान इस समय यूरिया के लिए परेशान है। सुबह चार बजे से ही समितियों पर लाइन में लग जाती हैं। इसके बाद भी कई किसानों को बिना खाद लिए लौटना पड़ता है। हसनपुर तहसील क्षेत्र में एक माह से यूरिया को लेकर मारामारी है। कई किसानों को तो चार से पांच दिन तक लाइन में लगने के बाद यूरिया नहीं मिल पाती है।
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धान और गन्ने की फसल में यूरिया की अधिक आवश्यकता के कारण यूरिया की किल्लत देखने को मिल रही है। मंगलवार को भी यही हालात देखने को मिले। सहकारी समितियों पर यूरिया का पर्याप्त स्टाक नहीं है जबकि निजी दुकानदारों के पास तो खाद है ही नहीं। आलम यह है कि दुकानदार किसानों से रुपये नकद जमा कर किसी तरह यूरिया खाद का इंतजाम नहीं हो रहा है। किसानों को समितियों से बिना खाद के वापस लौटाना पड़ रहा है। खाद नहीं मिलने से किसानों में रोष व्याप्त है।
धनाैरा क्षेत्र में भी खाद की किल्लत
मंडी धनौरा। क्षेत्र की अधिकांश सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं है। पिछले कई दिनों से यूरिया नहीं हैं। किसान खाद के लिए लगातार इन समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस मजबूरी का फायदा उठाकर निजी विक्रेता मनमाने दामों पर यूरिया बेच रहे हैं, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई किसानों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर यूरिया नहीं मिला, तो उनकी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
ढबारसी सहकारी समिति पर दो दिन से यूरिया नहीं
ढबारसी। सहकारी समिति पर दो दिन से यूरिया न होने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फसलों में यूरिया डालने के लिए किसान लगातार समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। समिति के अंदर बैठे कर्मचारियों ने किसानों को बताया है कि यूरिया की गाड़ी रास्ते में है और जल्द ही पहुंचने वाली है। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें और अधिक नुकसान न उठाना पड़े।
शाहपुर सहकारी समिति पर हुआ खाद का वितरण
हसनपुर। जहां एक तरफ यूरिया की किल्लत से किसान जूझ रहे हैं। वहीं, कुछ समितियों पर खाद का वितरण किया जा रहा है। हसनपुर क्षेत्र की शाहपुर सहकारी समिति पर मंगलवार यूरिया खाद की खेप उपलब्ध है, जिसका लगातार वितरण कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को समिति से कुल 200 बोरा यूरिया किसानों को वितरित किया गया, जिससे क्षेत्र के कई किसानों को बड़ी राहत मिली है।
कई बार बनी हंगामे की स्थित
गजरौला। खाद के लिए किसान सुबह आठ बजे से समितियों के गेट पर आकर बैठ जाते हैं। मंगलवार को बस्ती स्थित सहकारी समिति पर लाइन लगी रही। दोपहर डेढ़ बजे तक 175 बोरी की बिक्री हो गई। किसानों की भीड़ के कारण कई बार हंगामे की स्थिति बनी। इस दौरान किसानों ने कहा कि कर्मचारी परेशान न करें तो खाद लेने में दिक्कत सामने न आए।
इफ्को केंद्र के बाहर लगी किसानों की लाइन
सैदनगली। सैदनगली में इफ्को केंद्र पर खाद लेने के लिए किसानों की लाइन लग रही है। सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत की वजह से किसान इफ्को केंद्र से यूरिया खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन यूरिया खाद की पूर्ति नहीं हो पा रही है।
समितियों पर खाद की कोई किल्लत नहीं है। सभी समितियों पर खाद उपलब्ध कराया गया है। खाद की पूर्ति के लिए जिले में जल्द ही और भी रैक पहुंचने वाली है। जिससे खाद की समस्या दूर हो सकेगी। - वरुण अग्रवाल, एआर कोऑपरेटिव