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Amroha News: गुड़ करोबारी के बेटे से लूटपाट करने वाले चार बदमाशों को छह साल कैद
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अमरोहा। बिजनौर के रहने वाले गुड़ कारोबारी के बेटे और उसके साथी के साथ लूटपाट करने वाले चार बदमाशों को न्यायालय में छह साल की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी दोषी जमानत पर बाहर थे, न्यायालय का फैसला आने के बाद सभी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
ये घटना 23 दिसंबर 1999 को मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के चुचैला कलां से चांदपुर मार्ग पर हुई थी। बिजनौर जनपद के हीमपुर दीपा थानाक्षेत्र के धींवरपुरा गांव में गुड़ कारोबारी गोपाल सिंह का परिवार रहता है। घटना वाले दिन उनका बेटा सत्यपाल सिंह, अपने गांव के ही रहने वाले तीरथ पाल सिंह के साथ ट्रैक्टर में गुड़ लेकर बछरायूं आए थे। शाम को दोनों खाली ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर घर वापस जा रहे थे। जैसे ही उनका ट्रैक्टर चुचैला कलां से थोड़ा आगे चांदपुर रोड पर पहुंचा, यहां पर एक डीसीएम खड़ी थी। उसके पास में चार लोग खड़े हुए थे। चारों लोगों ने ट्रैक्टर को रुकवा लिया और कहा कि उनकी गाड़ी खराब हो गई। इसलिए धनौरा तक छोड़ दो। सत्यपाल सिंह ने इन्कार किया तो एक आरोपी ने ट्रैक्टर बंद कर दिया। जबकि दो बदमाशों ने चाबी छीन ली थी। बाद में उनकी आंखों पर मफलर बांधकर जेब में रखें 1500 रुपये, दो घड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली लूट ली।
बाद में आरोपी सत्यपाल सिंह और उनके नौकर तीरथपाल सिंह को बंधक बनकर गन्ने के खेत में फेंक पर भाग गए। दोनों रात भर गन्ने के खेत में रहे। करीब दो बजे पीड़ित सत्यपाल सिंह और तीरथपाल सिंह ने किसी तरह अपने आप को बंधन मुक्त कराया और घर पहुंच कर घटना की जानकारी दी।
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इस मामले में पुलिस ने गुड़ कारोबारी गोपाल सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने छानबीन की और नोएडा में फतेहपुर अट्टा निवासी बोदाला, बुलंदशहर जनपद के गढ़ी गुलावठी निवासी हसरत व फारूख और मेरठ में किठौर थानाक्षेत्र के कायस्थ कायस्थ बड्ढा निवासी सरदार को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लूट का सामान बरामद किया। बाद में पुलिस ने चारों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम अभिषेक कुमार व्यास की अदालत में चल रही थी। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। साथ ही छह-छह साल की सजा सुनाई और चारों पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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ये घटना 23 दिसंबर 1999 को मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के चुचैला कलां से चांदपुर मार्ग पर हुई थी। बिजनौर जनपद के हीमपुर दीपा थानाक्षेत्र के धींवरपुरा गांव में गुड़ कारोबारी गोपाल सिंह का परिवार रहता है। घटना वाले दिन उनका बेटा सत्यपाल सिंह, अपने गांव के ही रहने वाले तीरथ पाल सिंह के साथ ट्रैक्टर में गुड़ लेकर बछरायूं आए थे। शाम को दोनों खाली ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर घर वापस जा रहे थे। जैसे ही उनका ट्रैक्टर चुचैला कलां से थोड़ा आगे चांदपुर रोड पर पहुंचा, यहां पर एक डीसीएम खड़ी थी। उसके पास में चार लोग खड़े हुए थे। चारों लोगों ने ट्रैक्टर को रुकवा लिया और कहा कि उनकी गाड़ी खराब हो गई। इसलिए धनौरा तक छोड़ दो। सत्यपाल सिंह ने इन्कार किया तो एक आरोपी ने ट्रैक्टर बंद कर दिया। जबकि दो बदमाशों ने चाबी छीन ली थी। बाद में उनकी आंखों पर मफलर बांधकर जेब में रखें 1500 रुपये, दो घड़ी और ट्रैक्टर-ट्राली लूट ली।
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बाद में आरोपी सत्यपाल सिंह और उनके नौकर तीरथपाल सिंह को बंधक बनकर गन्ने के खेत में फेंक पर भाग गए। दोनों रात भर गन्ने के खेत में रहे। करीब दो बजे पीड़ित सत्यपाल सिंह और तीरथपाल सिंह ने किसी तरह अपने आप को बंधन मुक्त कराया और घर पहुंच कर घटना की जानकारी दी।
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इस मामले में पुलिस ने गुड़ कारोबारी गोपाल सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने छानबीन की और नोएडा में फतेहपुर अट्टा निवासी बोदाला, बुलंदशहर जनपद के गढ़ी गुलावठी निवासी हसरत व फारूख और मेरठ में किठौर थानाक्षेत्र के कायस्थ कायस्थ बड्ढा निवासी सरदार को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लूट का सामान बरामद किया। बाद में पुलिस ने चारों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम अभिषेक कुमार व्यास की अदालत में चल रही थी। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। साथ ही छह-छह साल की सजा सुनाई और चारों पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।