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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस साल कारावास
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अमरोहा। नाबालिग से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में न्यायालय ने आरोपी को दस साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 33,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश है।
यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव की है। यहां पर रहने वाले किसान की नाबालिग बेटी आठ अप्रैल 2017 को दुकान से सामान खरीदने गई थी, तभी शराब के नशे में धुत गांव के ही अरुण त्यागी ने उसके रास्ते में पकड़ लिया था और खंडहर मकान में ले जाकर दुष्कर्म किया था। काफी देर तक जब पीड़िता घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान आरोपी परिजनों को देखकर भाग गया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अरुण त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था, तभी से अरुण त्यागी जेल में बंद हैं। वहीं, मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेश न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट-3) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। सोमवार को न्यायालय ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग ने दोषी को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की पैरवी की। इसके बाद साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने अरुण त्यागी को दोषी करार दिया और दस साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 33,500 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने इस जुर्माने की धनराशि में 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश भी दिया है।
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यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव की है। यहां पर रहने वाले किसान की नाबालिग बेटी आठ अप्रैल 2017 को दुकान से सामान खरीदने गई थी, तभी शराब के नशे में धुत गांव के ही अरुण त्यागी ने उसके रास्ते में पकड़ लिया था और खंडहर मकान में ले जाकर दुष्कर्म किया था। काफी देर तक जब पीड़िता घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान आरोपी परिजनों को देखकर भाग गया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अरुण त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था, तभी से अरुण त्यागी जेल में बंद हैं। वहीं, मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेश न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट-3) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। सोमवार को न्यायालय ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग ने दोषी को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की पैरवी की। इसके बाद साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने अरुण त्यागी को दोषी करार दिया और दस साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 33,500 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने इस जुर्माने की धनराशि में 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश भी दिया है।
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