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हसनपुर पालिका अध्यक्ष के अधिकार सीज
सार
हसनपुर नगर पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के कार्यकाल के अधिकार सीज कर दिए हैं।जिसके बाद भाजपाइयों ने नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नीलम शादाब खां के समस्त वित्तीय अधिकार सीज कर उनके निर्वाचन रद्द करने की मांग की थी।उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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विस्तार
हसनपुर नगर पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के कार्यकाल के अधिकार सीज कर दिए हैं। नीलम ने बसपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। उन पर सामान्य जाति से होते हुए पिछड़े वर्ग का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर चुनाव लड़ने का आरोप है। डीएम ने पालिका अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही सात दिन के भीतर जवाब नहीं देने पर उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष अतुल कुमार गर्ग के नेतृत्व में चार दिसंबर 2017 को कई भाजपाइयों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर हसनपुर पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। आरोप लगाया था कि स्थानीय निकाय चुनाव में हसनपुर नगरपालिका की सीट पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित थी। जबकि, वर्तमान पालिका चेयरमैन नीलम शादाब खां सामान्य जाति (शेख जाति) की महिला हैं। उन्होंने निर्वाचन के दौरान पिछड़ी जाति के लिए (शेख ढप्पाली जाति) प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। यह प्रमाण पत्र जाली और फर्जी पत्र प्रस्तुत करके बनाया गया था। सामान्य जाति की होने के बावजूद वह पिछड़ा वर्ग जाति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हो गईं। चूंकि नीलम शादाब खां संभल जिले की रहने वाली हैं। इसलिए संभल के तत्कालीन एसडीएम द्वारा 11 दिसंबर 2017 को अध्यक्ष नीलम शादाब खां का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। इसके बाद ये मामला अमरोहा जिले के तत्कालीन डीएम की अध्यक्षता में बनाई गई समिति के समक्ष चलता रहा। पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां अपनी जाति प्रमाण पत्र को सही बताते हुए अपना पक्ष रखती रहीं। कहीं से कोई राहत नहीं मिलता देख कर उन्होंने उपजिलाधिकारी संभल द्वारा पारित आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में सिविल याचिका दायर की और स्टे ले लिया था।
इसके बाद कई बार स्टे की तिथि आगे बढ़ाती रहीं लेकिन 7 दिसंबर 2020 को न्यायालय ने उनकी सिविल याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद भाजपाइयों ने नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नीलम शादाब खां के समस्त वित्तीय अधिकार सीज कर उनके निर्वाचन रद्द करने की मांग की थी। फिलहाल ये मामला राज्यपाल के समक्ष चल रहा था। इस क्रम में 27 सितंबर को उन्होंने पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है।
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राज्यपाल के निर्देश मिलने के बाद हसनपुर पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया गया है। उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। सात दिन के भीतर जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 के तहत एफआआई दर्ज कराई जाएगी। जल्द ही नगर पालिका में प्रशासक की तैनाती की जाएगी।-बीके त्रिपाठी, डीएम अमरोहा
अधिकार सीज किए जाने की बात की जा रही है। वह नियम विरुद्घ है। एक तरफ स्पष्टीकरण मांगा गया है। दूसरी तरफ अधिकारी सीज करने से संबंधित लेटर जारी हुआ है। दोनों में किसे सही माना जाए। मामला समाज कल्याण विभाग में भी विचाराधीन है। जो नोटिस मिला है। उसका जवाब दिया जाएगा।- नीलम शादाब खान, पालिका अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद हसनपुर
नीलम खान अध्यक्ष नगर पालिका परिषद अमरोहा के अन्य पिछड़ा वर्ग संबंधित जाति प्रमाण पत्र को जांच उपरांत जिला अधिकारी अमरोहा द्वारा निरस्त किया जा चुका है। जिलाधिकारी के निर्णय के विरुद्ध मंडल आयुक्त मुरादाबाद की अध्यक्षता में गठित मंडलीय अपीलीय फोरम में नीलम खान द्वारा की गई अपील भी निरस्त की जा चुकी है। इससे स्पष्ट है कि नीलम खान द्वारा दूरभिसंधि कर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ कर विजय प्राप्त की गई है। जबकि वह सामान्य वर्ग के अंतर्गत आती हैं।
उपरोक्त वर्णित स्थिति के दृष्टिगत राज्यपाल उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए नीलम खान अध्यक्ष नगर पालिका परिषद हसनपुर जनपद अमरोहा को तब तक उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को प्रविरत करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं। जब तक उन्हें उनके विरुद्ध जारी कारण बताओ नोटिस के आरोपों से वियुक्त नहीं कर दिया जाता।
नौगांवा सादात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं चेयरमैन पति शादाब
अमरोहा। वैसे तो नगर पालिका पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खान और उनके पति शादाब खान का राजनीतिक कॅरियर कोई बड़ा नहीं है लेकिन वर्ष 2017 नीलम शादाब बसपा से नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ीं और जीत हासिल की थी। जबकि उनके पति शादाब खान ने इस बार नौगांवा सादात विधानसभा सीट सही बसपा के सिंबल पर चुनाव लड़े थे। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
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भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष अतुल कुमार गर्ग के नेतृत्व में चार दिसंबर 2017 को कई भाजपाइयों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर हसनपुर पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। आरोप लगाया था कि स्थानीय निकाय चुनाव में हसनपुर नगरपालिका की सीट पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित थी। जबकि, वर्तमान पालिका चेयरमैन नीलम शादाब खां सामान्य जाति (शेख जाति) की महिला हैं। उन्होंने निर्वाचन के दौरान पिछड़ी जाति के लिए (शेख ढप्पाली जाति) प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। यह प्रमाण पत्र जाली और फर्जी पत्र प्रस्तुत करके बनाया गया था। सामान्य जाति की होने के बावजूद वह पिछड़ा वर्ग जाति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हो गईं। चूंकि नीलम शादाब खां संभल जिले की रहने वाली हैं। इसलिए संभल के तत्कालीन एसडीएम द्वारा 11 दिसंबर 2017 को अध्यक्ष नीलम शादाब खां का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। इसके बाद ये मामला अमरोहा जिले के तत्कालीन डीएम की अध्यक्षता में बनाई गई समिति के समक्ष चलता रहा। पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां अपनी जाति प्रमाण पत्र को सही बताते हुए अपना पक्ष रखती रहीं। कहीं से कोई राहत नहीं मिलता देख कर उन्होंने उपजिलाधिकारी संभल द्वारा पारित आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में सिविल याचिका दायर की और स्टे ले लिया था।
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इसके बाद कई बार स्टे की तिथि आगे बढ़ाती रहीं लेकिन 7 दिसंबर 2020 को न्यायालय ने उनकी सिविल याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद भाजपाइयों ने नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नीलम शादाब खां के समस्त वित्तीय अधिकार सीज कर उनके निर्वाचन रद्द करने की मांग की थी। फिलहाल ये मामला राज्यपाल के समक्ष चल रहा था। इस क्रम में 27 सितंबर को उन्होंने पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है।
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राज्यपाल के निर्देश मिलने के बाद हसनपुर पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खां के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया गया है। उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। सात दिन के भीतर जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 के तहत एफआआई दर्ज कराई जाएगी। जल्द ही नगर पालिका में प्रशासक की तैनाती की जाएगी।-बीके त्रिपाठी, डीएम अमरोहा
अधिकार सीज किए जाने की बात की जा रही है। वह नियम विरुद्घ है। एक तरफ स्पष्टीकरण मांगा गया है। दूसरी तरफ अधिकारी सीज करने से संबंधित लेटर जारी हुआ है। दोनों में किसे सही माना जाए। मामला समाज कल्याण विभाग में भी विचाराधीन है। जो नोटिस मिला है। उसका जवाब दिया जाएगा।- नीलम शादाब खान, पालिका अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद हसनपुर
नीलम खान अध्यक्ष नगर पालिका परिषद अमरोहा के अन्य पिछड़ा वर्ग संबंधित जाति प्रमाण पत्र को जांच उपरांत जिला अधिकारी अमरोहा द्वारा निरस्त किया जा चुका है। जिलाधिकारी के निर्णय के विरुद्ध मंडल आयुक्त मुरादाबाद की अध्यक्षता में गठित मंडलीय अपीलीय फोरम में नीलम खान द्वारा की गई अपील भी निरस्त की जा चुकी है। इससे स्पष्ट है कि नीलम खान द्वारा दूरभिसंधि कर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ कर विजय प्राप्त की गई है। जबकि वह सामान्य वर्ग के अंतर्गत आती हैं।
उपरोक्त वर्णित स्थिति के दृष्टिगत राज्यपाल उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए नीलम खान अध्यक्ष नगर पालिका परिषद हसनपुर जनपद अमरोहा को तब तक उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को प्रविरत करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं। जब तक उन्हें उनके विरुद्ध जारी कारण बताओ नोटिस के आरोपों से वियुक्त नहीं कर दिया जाता।
नौगांवा सादात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं चेयरमैन पति शादाब
अमरोहा। वैसे तो नगर पालिका पालिका अध्यक्ष नीलम शादाब खान और उनके पति शादाब खान का राजनीतिक कॅरियर कोई बड़ा नहीं है लेकिन वर्ष 2017 नीलम शादाब बसपा से नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ीं और जीत हासिल की थी। जबकि उनके पति शादाब खान ने इस बार नौगांवा सादात विधानसभा सीट सही बसपा के सिंबल पर चुनाव लड़े थे। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।