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साढे चार महीने के बाद खुले स्कूल, दोस्तों को देख खिले चेहरे
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अमरोहा। कोरोना के दूसरी लहर के नियंत्रण और तीसरी लहर की आशंका के बीच सोमवार से स्कूल खुल गए। राजकीय, अनुदानित और वित्तविहीन स्कूलों में कक्षा नौ से इंटर तक की कक्षाओं में पढाई हुई। सभी स्कूलों में दोनों पालियों में पढ़ाई हुई। पहले दिन अपने दोस्तों को स्कूल के गेट पर देख कर छात्र मुस्कराए वहीं सहेलियों को देख कर छात्राओं ने गर्मजोशी से हाथ थामा। तापमान की जांच के बाद विद्यार्थी स्कूल में दाखिल हुए। अधिकांश स्कूलों में कोराना से बचाव के बारे में जानकारी दी गई। मेरठ के अपर सचिव राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन ने सोमवार को पठन पाठन का जायजा लिया। शिक्षण व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
सोमवार को सुबह साढ़े सात बजे के बाद राजकीय इंटर कॉलेज के गेट पर छात्रों के आने का सिलसिला शुरु हुआ। छात्रों के तापमान को जांचा गया। उनके बीच मास्क वितरित किए गए। इसके अलावा हाथों को सैनिटाइज कराया। दोस्तों को देख कर छात्रों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद विद्यार्थी को कोविड के प्रोटोकॉल के तहत बिठाया गया। मेरठ के अपर सचिव राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन दोपहर दो बजे वह राजकीय इंटर कॉलेज में पहुंचें। उन्होंने कक्षा संचलन को देखा। छात्रों से पाठ्यक्रम के बारे में पूछा। शिक्षकों को मनोयोग से पढ़ाने की ताकीद की। इसके बाद एकेके इंटर कॉलेज में पहुंचें। यहां पर शिक्षण व्यवस्था का हाल जाना।
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सोमवार को सुबह साढ़े सात बजे के बाद राजकीय इंटर कॉलेज के गेट पर छात्रों के आने का सिलसिला शुरु हुआ। छात्रों के तापमान को जांचा गया। उनके बीच मास्क वितरित किए गए। इसके अलावा हाथों को सैनिटाइज कराया। दोस्तों को देख कर छात्रों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद विद्यार्थी को कोविड के प्रोटोकॉल के तहत बिठाया गया। मेरठ के अपर सचिव राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन दोपहर दो बजे वह राजकीय इंटर कॉलेज में पहुंचें। उन्होंने कक्षा संचलन को देखा। छात्रों से पाठ्यक्रम के बारे में पूछा। शिक्षकों को मनोयोग से पढ़ाने की ताकीद की। इसके बाद एकेके इंटर कॉलेज में पहुंचें। यहां पर शिक्षण व्यवस्था का हाल जाना।
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