फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Savita won the election but lost the battle of life

अमरोहा : ग्राम प्रधानी का चुनाव जीतीं पर जिंदगी की जंग हार गईं सविता, दोबारा होगा मतदान

Mon, 03 May 2021 01:28 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, रहरा (अमरोहा)
अमर उजाला ब्यूरो, रहरा (अमरोहा) Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Mon, 03 May 2021 01:28 AM IST
सार

सविता पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधानी का चुनाव तो जीत गई, लेकिन वह यह दिन देख नहीं पाई। विजयी घोषित होने से दो दिन पूर्व रहस्यमयी बुखार ने उनकी जान ले ली। 35 वर्षीय सविता ने चुनाव तो जीत लिया, लेकिन जिंदगी की जंग हार गई।

विज्ञापन
Savita won the election but lost the battle of life
यूपी पंचायत चुनाव रिजल्ट 2021: मतगणना करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सविता पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधानी का चुनाव तो जीत गई, लेकिन वह यह दिन देख नहीं पाई। विजयी घोषित होने से दो दिन पूर्व रहस्यमयी बुखार ने उनकी जान ले ली। 35 वर्षीय सविता ने चुनाव तो जीत लिया, लेकिन जिंदगी की जंग हार गई। अब खनौरा ग्राम पंचायत में दोबारा से मतदान होगा।

विज्ञापन


खनौरा ग्राम पंचायत में सविता देवी ग्राम प्रधान चुनाव में प्रत्याशी पूरी मेहनत के साथ चुनाव लड़ा था। और 19 अप्रैल को चुनाव के दिन खुद मतदान भी किया था लेकिन इसके बाद वह बीमार हो गई। उन्हें बुखार ने जकड़ लिया। काफी इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मतगणना से दो दिन पूर्व गांव में ही सविता की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। रविवार को मतगणना के दौरान सविता ने चुनाव जीत लिया लेकिन वह यह दिन देख नहीं पाई। माना जा रहा है कि खनौरा ग्राम पंचायत में अब दोबारा चुनाव होगा।
विज्ञापन


बताते हैं कि सविता को 396 मत प्राप्त हुए एवं उनके प्रतिद्वंद्वी मुखिया को 169 वोट प्राप्त हुए। सविता ने 225 वोटों से जीत प्राप्त की। सविता के परिवार में दो पुत्र कुश त्यागी 21 वर्ष व तुषार त्यागी 16 वर्ष एवं एक पुत्री पर्ल त्यागी 18 वर्ष है। सविता ने आठवीं तक की शिक्षा प्राप्त की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सविता सामाजिक कार्यों में विशेष रुचि रखती थी।
उनके द्वारा अपनी निजी धनराशि से खनौरा गांव में ही साईं आश्रम एवं शिवलिंग की स्थापना एवं गांव में ही मंदिर के निर्माण के लिए एक लाख की धनराशि दी थी। चुनाव जीतने के बाद भी सविता के परिवार में जीत की कोई खुशी नहीं मनाई गई बल्कि पहले से ही घर में मातम छाया हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed