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संभल : पुलिस की मनमानी ने मार डाला था जाल में कैद तेंदुआ

Sun, 08 Jun 2025 02:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sun, 08 Jun 2025 02:05 AM IST
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Sambhal: Police's arbitrariness killed the leopard trapped in the net
मुरादाबाद। भले ही तेंदुआ दहशत का पर्याय है लेकिन संभल में सवा साल पहले जो हुआ वह तेंदुए के लिए दहशत भरा था। भटककर आबादी तक पहुंचे तेंदुए ने परोक्ष रूप में खुद ही सरेंडर कर दिया था। जिंदगी बचाने के लिए एक ग्रामीण के मकान में घुसा लेकिन उस घर के किसी सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचाया।
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घर के शौचालय में तब तक दुबका बैठा रहा जब तक वन विभाग को उसे जाल में बंद करने में कामयाबी नहीं मिल गई। जानवर की इस इंसानियत पर इंसान की हैवानियत भारी पड़ गई। वन विभाग की मौजूदगी के बावजूद कुछ पुलिस वालों और ग्रामीणों ने जाल के ऊपर इस हद तक कूदफांद की कि मजबूत बूटों और डंडों की मार से बेजुबान की जान चली गई थी।
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यह घटना 22 फरवरी 2024 को संभल के गांव धतरा की है। गांव में रामकुंवर सैनी के घर में अचानक तेंदुआ घुसने का शोर मचा। परिवार के कुछ लोगों ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुटी और शोर मचाने लगी। इससे घबराकर तेंदुआ सैनी के घर के शौचालय में जा बैठा। इससे वन विभाग को काफी सहूलियत हो गई। पुलिस की मौजूदगी में वन विभाग ने आसानी से उसे जाल में बंद कर लिया। उसके जाल में घिरते ही पुलिस कर्मियों समेत कुछ ग्रामीण शेर बन गए। उसके जाल के ऊपर चारपाई उल्टी करके बिछा दीं और फिर उन चारपाइयों पर खड़े होकर तेंदुए को कुचलना शुरू कर दिया। तेंदुए पर इस तरह की बेरहमी उसकी छटपटाहट खत्म हो जाने जारी रही।
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इसके बाद पुलिस और वन विभाग के लीपापोती भरे बयान चले। वन अधिकारियो में से एक ने कहा कि जिस वक्त तेंदुए को पकड़ा था तो वह सुस्त और निष्क्रिय था। उपचार के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई। वन विभाग के एक अन्य अफसर ने कहाकि पोस्टमार्टम में सदमे से उसकी मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि इन सरकारी दावों के बीच मौके की तस्वीरें कुछ और ही बोल रही थीं। तेंदुए के गांव में घुसने से लेकर जाल में घिरने तक करीब साढ़े छह घंटे का समय लगा था। यह समय इतना था कि तब तक तमाम कैमरे गांव में सक्रिय हो चुके थे। कुछ ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की फोन से वीडियोग्राफी भी की थी। इन फोटो और वीडियो के जरिये जमकर चर्चा में रहा यह मामला बढ़ती तारीखों के बीच नई वारदातों के शोर में दबता चला गया।
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