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Amroha News: स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज नहीं मिल रहा इंतजार
Tue, 03 Dec 2024 02:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 03 Dec 2024 02:48 AM IST
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आदमपुर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ओगपुरा में लगे ताले। संवाद
- फोटो : संवाद
अमरोहा।
ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों को इलाज मुहैया कराने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित किए गए। लेकिन, इन स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को इलाज के नाम पर सिर्फ इंतजार ही मिलता है। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पाता।
आलम यह है कि कई-कई दिनों तक सेंटरों के ताले ही नहीं खुलते हैं। वहीं, कई सेंटरों पर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। जिलेभर में 171 सेंटर का संचालन होता है, लेकिन सभी की हालत खराब हैं। सोमवार को जिलेभर में अमर उजाला की टीम ने जिलेभर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की पड़ताल की तो स्थिति चौंकाने वाली थी। हसनपुर क्षेत्र में कई जगह सेंटर पर लटके मिले। वहीं, जोया में इन स्वास्थ्य केंद्रों पर अव्यवस्था फैली थी। गजरौला में दवाइयों का टोटा था, तो धनौरा में जांच ही नहीं हो पा रही थीं। ऐसे में इन सेंटरों पर इलाज कराने पहुंच रहे लोगों को सिर्फ मायूसी ही मिलती है।
10 सेंटरों पर सीएचओ ही तैनात नहीं
हसनपुर/आदमपुर। हसनपुर ब्लॉक में 33 गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बने हैं। इनमें केवल 23 पर ही सीएचओ की तैनाती है। जबकि, करीब दस हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ की तैनाती नहीं है। इनमें गांव सूमाठेर, भीमा सुल्तानपुर, सीकरी भूड़ नहीं, हरियाणा, अगरौला कला और सतेड़ा समेत दस गांवों में बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ की तैनाती नहीं होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंगेश्वरी ब्लॉक के गांव ओगपुरा में भी तैनाती नहीं है। पथरा, खुर्तिया और मलकपुर में भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बदहाल अवस्था में पड़े हैं। यहां पर मरीजों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा।
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बागड़पुर कला में लटका मिला ताला
अमरोहा। क्षेत्र के गांव बागड़पुर कलां में स्थित हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर पर सोमवार को ताला लटका मिला। यहां मरीज आए लेकिन वापस लौट गए। मरीजों का कहना था कि कभी कभार ही यह सेंटर खुलता है। उधर, रजबपुर के गांव अतरासी में स्थित सेंटर काफी समय से बदहाल है। वह पास में ही एक कमरे में चल रहा है। जिससे मरीजों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नौगांवा क्षेत्र में भी कमोवेश यही स्थिति रही।
चौबारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर नहीं पर्याप्त दवाइयां
गजरौला। नगर से सटे चौबारा गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर है। जिस पर नीतू सैनी सीएचओ हैं। चौबारा के साथ ही नवादा, भानपुर और अन्य आस पास के गांव के मरीज हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आते हैं। गर्भवती महिलाएं भी टीका लगवाने आती हैं, मगर हैरत की बात यह है कि इस सेंटर पर पर्याप्त मात्रा में दवाइयां नहीं हैं। जबकि रोजाना यहां पर 20-25 मरीज आते हैं। पर्याप्त संख्या में दवाइयां नहीं मिलने के कारण मरीजों को नगर के सीएचसी में आना पड़ता है।
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26 सेंटरों पर नहीं तैनात हैं सीएचओ
अमरोहा। जिले में 171 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हैं। जबकि, सरकारी आंकड़ों के अनुसार केवल 145 पर ही सीएचओ की तैनाती है। सीएचओ पर ही इन सेंटर को संचालित करने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर मरीजों को लाभ कैसे मिल पाएगा। उधर, इन सेंटर पर 58 प्रकार की दवाओं के उपलब्ध होने का मानक हैं, लेकिन कहीं पर उचित मात्रा में दवाइयां उपलब्ध नहीं है।
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दिशा की बैठक में धनौरा विधायक ने उठाया था मुद्दा
अमरोहा। हाल में कलक्ट्रेट सभागार में दिशा की बैठक में मंडी धनौरा से भाजपा विधायक राजीव तरारा ने स्वास्थ्य सेवाओं के सही न होने पर भी सवाल खड़े किए थे। साथ ही सीएमओ को भी अस्पतालों व इस तरह के सेंटर पर सुविधाओं को दुरुस्त कराने को कहा था। उन्होंने सीएमओ पर लापरवाही का आरोप लगाया था। संवाद
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जिले में संचालित 171 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटराें पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास रहता है। हालांकि, 26 सेंटर पर सीएचओ की तैनाती नहीं है। कुछ जगह स्टाफ भी कम हैं। सभी सेंटर हर रोज खुलते हैं। देखा जाएगा कि सोमवार को किन कारणों से सेंटरों पर ताले पड़े थे। विभागीय स्तर से इसकी जांच कराई जाएगी। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ।
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ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों को इलाज मुहैया कराने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित किए गए। लेकिन, इन स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को इलाज के नाम पर सिर्फ इंतजार ही मिलता है। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पाता।
आलम यह है कि कई-कई दिनों तक सेंटरों के ताले ही नहीं खुलते हैं। वहीं, कई सेंटरों पर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। जिलेभर में 171 सेंटर का संचालन होता है, लेकिन सभी की हालत खराब हैं। सोमवार को जिलेभर में अमर उजाला की टीम ने जिलेभर के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की पड़ताल की तो स्थिति चौंकाने वाली थी। हसनपुर क्षेत्र में कई जगह सेंटर पर लटके मिले। वहीं, जोया में इन स्वास्थ्य केंद्रों पर अव्यवस्था फैली थी। गजरौला में दवाइयों का टोटा था, तो धनौरा में जांच ही नहीं हो पा रही थीं। ऐसे में इन सेंटरों पर इलाज कराने पहुंच रहे लोगों को सिर्फ मायूसी ही मिलती है।
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10 सेंटरों पर सीएचओ ही तैनात नहीं
हसनपुर/आदमपुर। हसनपुर ब्लॉक में 33 गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बने हैं। इनमें केवल 23 पर ही सीएचओ की तैनाती है। जबकि, करीब दस हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ की तैनाती नहीं है। इनमें गांव सूमाठेर, भीमा सुल्तानपुर, सीकरी भूड़ नहीं, हरियाणा, अगरौला कला और सतेड़ा समेत दस गांवों में बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ की तैनाती नहीं होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंगेश्वरी ब्लॉक के गांव ओगपुरा में भी तैनाती नहीं है। पथरा, खुर्तिया और मलकपुर में भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बदहाल अवस्था में पड़े हैं। यहां पर मरीजों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा।
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बागड़पुर कला में लटका मिला ताला
अमरोहा। क्षेत्र के गांव बागड़पुर कलां में स्थित हेल्थ एडं वेलनेस सेंटर पर सोमवार को ताला लटका मिला। यहां मरीज आए लेकिन वापस लौट गए। मरीजों का कहना था कि कभी कभार ही यह सेंटर खुलता है। उधर, रजबपुर के गांव अतरासी में स्थित सेंटर काफी समय से बदहाल है। वह पास में ही एक कमरे में चल रहा है। जिससे मरीजों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नौगांवा क्षेत्र में भी कमोवेश यही स्थिति रही।
चौबारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर नहीं पर्याप्त दवाइयां
गजरौला। नगर से सटे चौबारा गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर है। जिस पर नीतू सैनी सीएचओ हैं। चौबारा के साथ ही नवादा, भानपुर और अन्य आस पास के गांव के मरीज हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आते हैं। गर्भवती महिलाएं भी टीका लगवाने आती हैं, मगर हैरत की बात यह है कि इस सेंटर पर पर्याप्त मात्रा में दवाइयां नहीं हैं। जबकि रोजाना यहां पर 20-25 मरीज आते हैं। पर्याप्त संख्या में दवाइयां नहीं मिलने के कारण मरीजों को नगर के सीएचसी में आना पड़ता है।
26 सेंटरों पर नहीं तैनात हैं सीएचओ
अमरोहा। जिले में 171 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हैं। जबकि, सरकारी आंकड़ों के अनुसार केवल 145 पर ही सीएचओ की तैनाती है। सीएचओ पर ही इन सेंटर को संचालित करने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर मरीजों को लाभ कैसे मिल पाएगा। उधर, इन सेंटर पर 58 प्रकार की दवाओं के उपलब्ध होने का मानक हैं, लेकिन कहीं पर उचित मात्रा में दवाइयां उपलब्ध नहीं है।
दिशा की बैठक में धनौरा विधायक ने उठाया था मुद्दा
अमरोहा। हाल में कलक्ट्रेट सभागार में दिशा की बैठक में मंडी धनौरा से भाजपा विधायक राजीव तरारा ने स्वास्थ्य सेवाओं के सही न होने पर भी सवाल खड़े किए थे। साथ ही सीएमओ को भी अस्पतालों व इस तरह के सेंटर पर सुविधाओं को दुरुस्त कराने को कहा था। उन्होंने सीएमओ पर लापरवाही का आरोप लगाया था। संवाद
जिले में संचालित 171 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटराें पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास रहता है। हालांकि, 26 सेंटर पर सीएचओ की तैनाती नहीं है। कुछ जगह स्टाफ भी कम हैं। सभी सेंटर हर रोज खुलते हैं। देखा जाएगा कि सोमवार को किन कारणों से सेंटरों पर ताले पड़े थे। विभागीय स्तर से इसकी जांच कराई जाएगी। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ।