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बारिश से डूब गई सड़कें, तापमान में गिरावट, ठंड ने असर दिखाया
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अमरोहा। रुक-रुककर कई चक्रों में शुक्रवार को बारिश होती रही। इसके चलते तापमान में गिरावट आ गई। साथ ही हवा के झोंकों से ठंड बढ़ गई। फुल स्वेटर और जैकेट में बच्चे और बुजुर्ग दिखे। बारिश से शहर की सड़कें जलमग्न हो गई। राहगीरों का गुजरना मुश्किल हो गया। दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित रहा। बिजली गुल रहने से दिक्कत बढ़ गई।
शुक्रवार की भोर में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके चलते मॉर्निंग वॉक के लिए लोग नहीं निकल सके। बालकनी और कमरों में चहलकदमी की। लगभग सात बजे बारिश बंद हुई। इसके बाद बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयारी शुरू हुई। हालांकि शफातपोता, बड़ा दरबार, तहसील चौक, सरायकोहना, बटवाल, चिल्ला, कोट बाजार, दानिश मंदान आदि इलाके पानी से डूब गए। इसी बीच अभिभावक गली के नुक्कड़ पर बच्चों के साथ पहुंचे। स्कूल वाहन प्वाइंट पर बच्चों को बिठाया। इसके साथ दोबारा आठ बजे के बाद मौसम का मिजाज बदल गया। तेज बारिश से तापमान में गिरावट आ गई। बच्चों और बुजुर्गों की कंपकंपी छूटने लगी। फुल स्वेटर और जैकेट में दिखने लगे। दिन में 10.30 बजे मौसम साफ हुआ। इसके बाद लोग काम के सिलसिले में बाहर निकले। दोपहर एक बजे तक फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। हालांकि बमुश्किल कुछ देर तक बूंदाबांदी हुई। शाम पांच बजे के बाद बूंदाबांदी होने से ठंड ने असर दिखाना शुरू कर दिया। चौक चौराहों पर सन्नाटा पसर गया। प्रमुख सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई। बारिश से जेएस हिंदू कॉलेज के सामने से लेकर जिला पंचायत के गेट तक सड़क पानी से डूबी रही। बाइक, साइकिल और रिक्शा चालक मुश्किल में रहे। वहीं पैदल गुजरने वाले लोग घरों में कैद रहे। महिलाएं भी बारिश के चलते घरों से बाहर नहीं निकलीं।
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शुक्रवार की भोर में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके चलते मॉर्निंग वॉक के लिए लोग नहीं निकल सके। बालकनी और कमरों में चहलकदमी की। लगभग सात बजे बारिश बंद हुई। इसके बाद बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयारी शुरू हुई। हालांकि शफातपोता, बड़ा दरबार, तहसील चौक, सरायकोहना, बटवाल, चिल्ला, कोट बाजार, दानिश मंदान आदि इलाके पानी से डूब गए। इसी बीच अभिभावक गली के नुक्कड़ पर बच्चों के साथ पहुंचे। स्कूल वाहन प्वाइंट पर बच्चों को बिठाया। इसके साथ दोबारा आठ बजे के बाद मौसम का मिजाज बदल गया। तेज बारिश से तापमान में गिरावट आ गई। बच्चों और बुजुर्गों की कंपकंपी छूटने लगी। फुल स्वेटर और जैकेट में दिखने लगे। दिन में 10.30 बजे मौसम साफ हुआ। इसके बाद लोग काम के सिलसिले में बाहर निकले। दोपहर एक बजे तक फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। हालांकि बमुश्किल कुछ देर तक बूंदाबांदी हुई। शाम पांच बजे के बाद बूंदाबांदी होने से ठंड ने असर दिखाना शुरू कर दिया। चौक चौराहों पर सन्नाटा पसर गया। प्रमुख सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई। बारिश से जेएस हिंदू कॉलेज के सामने से लेकर जिला पंचायत के गेट तक सड़क पानी से डूबी रही। बाइक, साइकिल और रिक्शा चालक मुश्किल में रहे। वहीं पैदल गुजरने वाले लोग घरों में कैद रहे। महिलाएं भी बारिश के चलते घरों से बाहर नहीं निकलीं।
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