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युवक का शव लेकर हाईवे पहुंचे ग्रामीणों ने लगाया जाम,
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गजरौला। घर से फोन कर बुलाकर ले गए युवक की हत्या कर शव उसी के नलकूप की कोठरी में फंदे पर लटकाने की सनसनीखेज वारदात में पुलिस द्वारा दूसरे दिन भी गांव अथवा घटनास्थल पर नहीं पहुंचने और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने से गुस्साए परिजनों ने ग्रामीणों के संग मिलकर हाईवे पर जाम लगा दिया। अपरान्ह चार बजे शव ट्रैक्टर-ट्राली में लेकर वे हाईवे पर आ गए। वहां पहुंची इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मियों को जमकर खरीखोटी सुनाईं। सूचना मिलने पर रजबपुर इंस्पेक्टर और बाद में सीओ सत्येंद्र कुमार भी आ पहुंचे। गजरौला पुलिस की कार्यशैली से आक्रोशित ग्रामीण खासकर महिलाओं ने पुलिस को जमकर कोसा और आरोपियों से हमसाज होने का आरोप मंढते हुए खरीखोटी सुनाईं। तीखी नोकझोंक भी हुई। ग्रामीण एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जिद पर अड़े हुए थे। सीओ सत्येंद्र कुमार ने मानमनोव्वल कर अपनी गारंटी पर जाम खुलवाया। वहीं एक घंटे तक जाम लगने से हाईवे पर दोनों ओर सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन फंस गए।
गुरुवार को अपरान्ह चार बजे थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर के सौ से अधिक ग्रामीण गांव निवासी उपेंद्र सिंह के पुत्र जसवेंदर सिंह काले का शव ट्रैक्टर-ट्राली में लेकर हाईवे पर आ पहुंचे और ट्राली को बीच सड़क पर खड़ा करके जाम लगा दिया। इसी बीच एक और ट्रैक्टर-ट्राली को दूसरी साइड में सड़क पर खड़ा कर महिलाओं और पुरुषों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। वहां पहुंचे इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को देख ग्रामीणों ने पुलिस को खूब खरीखोटी सुनाई। इनका आरोप था कि घटना के दूसरे दिन भी पुलिस ने गांव अथवा घटनास्थल पर आना उचित नहीं समझा। इतना ही नहीं अभी तक एफआईआर भी दर्ज नहीं की। महिलाओं ने पुलिस पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप भी लगाया। इसे लेकर पुलिस से कई बार नोकझोंक भी हुई। बाद में रजबपुर इंस्पेक्टर सतीश यादव भी वहां आ गए। ग्रामीण काफी गुस्से में थे। वहां आए सीओ सत्येंद्र कुमार ने कड़ी मशक्कत और मानमनोव्वल कर उन्हें मनाया। इस दौरान वहां से गांव के कुछ लोगों को थाने ले जाकर आरोपी राहुल सिंह, शुभम सिंह निवासी गांव बलदान और अमन निवासी यकबगड़ी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। सवा पांच बजे ग्रामीण जाम खोलने को तैयार हो गए। बता दें कि गांव निवासी काले का शव बुधवार की शाम उसी की नलकूप की कोठरी में रस्सी से लटका मिला था। परिजन उसके तीन दोस्तों पर उसकी हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगा रहे थे।
पिता ने कई बार दी आत्मदाह की धमकी
गजरौला। हाईवे पर जाम लगा रहे ग्रामीणों के बीच मौजूद पिता उपेंद्र सिंह ने कई बार पुलिस के सामने ही आत्मदाह करने की धमकी दी। आंखों में गम और गुस्सा लिए उपेंद्र सिंह कह रहे थे कि उनकी छाती फटी जा रही है। उन्होंने अपना जवान बेटा खोया है। बेटे का दर्द एक पिता ही जान सकता है। वहीं मौके पर मौजूद मृतक की रिश्तेदार और गांव की महिलाओं का कहना था कि काले बिन मां का बच्चा है। उसके पिता और भाइयों पर क्या बीत रही है इसका अंदाजा पुलिस को नहीं है।
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पुलिस मौके पर चली जाती तो न बिगड़ते हालात
गजरौला। गुरुवार को हाईवे पर ग्रामीणों के गुस्से की वजह केवल पुलिस की लापरवाही ही सामने आ रही है। ग्रामीणों की मानें तो .यदि पुलिस गुरुवार की शाम को उसका शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के बाद गांव जाकर मृतक के परिजनों से मिल लेती अथवा घटनास्थल का मौका-मुआयना भी कर लेती तो शायद हाईवे पर जाम नहीं लगता। जाम के दौरान ही मृतक के परिजन इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को पास ही स्थित नलकूप मे ले गए और उन्हें वहीं कुंदे पर लटका रस्सी का फंदा भी दिखाया।
पुलिस की पैरवी कर रहे पूर्व प्रधान को फटकारा
गजरौला। हाईवे पर जाम लगा रहे ग्रामीणों को समझाने में पुलिस सीओ सत्येंद्र कुमार के आने से पहले विफल रही। इस दौरान कुछ लोग जाम खुलवाने के पक्ष में बोल रहे थे। वहीं वहां आए एक पूर्व प्रधान ने भी पुलिस के सुर में सुर मिला दिया। वहीं मौजूद महिलाओं ने उसे जमकर खरीखोटी सुनाई। इसके बाद वह वहां से खिसक लिया। इतना ही नहीं महिलाओं ने तो पुरुषों को भी खुली चेतावनी दे दी कि वे अकेले ही हाईवे पर डटी रहेंगी। उन्होंने अपना बच्चा खोया है और जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे। यहीं डटी रहेंगी।
गांव मीरपुर निवासी जसवेंदर सिंह काले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आया है। तीन नामजदों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस काम कर रही है। शीघ्र ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
सत्येंद्र कुमार, सीओ (मंडी धनौरा)
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गुरुवार को अपरान्ह चार बजे थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर के सौ से अधिक ग्रामीण गांव निवासी उपेंद्र सिंह के पुत्र जसवेंदर सिंह काले का शव ट्रैक्टर-ट्राली में लेकर हाईवे पर आ पहुंचे और ट्राली को बीच सड़क पर खड़ा करके जाम लगा दिया। इसी बीच एक और ट्रैक्टर-ट्राली को दूसरी साइड में सड़क पर खड़ा कर महिलाओं और पुरुषों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। वहां पहुंचे इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को देख ग्रामीणों ने पुलिस को खूब खरीखोटी सुनाई। इनका आरोप था कि घटना के दूसरे दिन भी पुलिस ने गांव अथवा घटनास्थल पर आना उचित नहीं समझा। इतना ही नहीं अभी तक एफआईआर भी दर्ज नहीं की। महिलाओं ने पुलिस पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप भी लगाया। इसे लेकर पुलिस से कई बार नोकझोंक भी हुई। बाद में रजबपुर इंस्पेक्टर सतीश यादव भी वहां आ गए। ग्रामीण काफी गुस्से में थे। वहां आए सीओ सत्येंद्र कुमार ने कड़ी मशक्कत और मानमनोव्वल कर उन्हें मनाया। इस दौरान वहां से गांव के कुछ लोगों को थाने ले जाकर आरोपी राहुल सिंह, शुभम सिंह निवासी गांव बलदान और अमन निवासी यकबगड़ी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। सवा पांच बजे ग्रामीण जाम खोलने को तैयार हो गए। बता दें कि गांव निवासी काले का शव बुधवार की शाम उसी की नलकूप की कोठरी में रस्सी से लटका मिला था। परिजन उसके तीन दोस्तों पर उसकी हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगा रहे थे।
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पिता ने कई बार दी आत्मदाह की धमकी
गजरौला। हाईवे पर जाम लगा रहे ग्रामीणों के बीच मौजूद पिता उपेंद्र सिंह ने कई बार पुलिस के सामने ही आत्मदाह करने की धमकी दी। आंखों में गम और गुस्सा लिए उपेंद्र सिंह कह रहे थे कि उनकी छाती फटी जा रही है। उन्होंने अपना जवान बेटा खोया है। बेटे का दर्द एक पिता ही जान सकता है। वहीं मौके पर मौजूद मृतक की रिश्तेदार और गांव की महिलाओं का कहना था कि काले बिन मां का बच्चा है। उसके पिता और भाइयों पर क्या बीत रही है इसका अंदाजा पुलिस को नहीं है।
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पुलिस मौके पर चली जाती तो न बिगड़ते हालात
गजरौला। गुरुवार को हाईवे पर ग्रामीणों के गुस्से की वजह केवल पुलिस की लापरवाही ही सामने आ रही है। ग्रामीणों की मानें तो .यदि पुलिस गुरुवार की शाम को उसका शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के बाद गांव जाकर मृतक के परिजनों से मिल लेती अथवा घटनास्थल का मौका-मुआयना भी कर लेती तो शायद हाईवे पर जाम नहीं लगता। जाम के दौरान ही मृतक के परिजन इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को पास ही स्थित नलकूप मे ले गए और उन्हें वहीं कुंदे पर लटका रस्सी का फंदा भी दिखाया।
पुलिस की पैरवी कर रहे पूर्व प्रधान को फटकारा
गजरौला। हाईवे पर जाम लगा रहे ग्रामीणों को समझाने में पुलिस सीओ सत्येंद्र कुमार के आने से पहले विफल रही। इस दौरान कुछ लोग जाम खुलवाने के पक्ष में बोल रहे थे। वहीं वहां आए एक पूर्व प्रधान ने भी पुलिस के सुर में सुर मिला दिया। वहीं मौजूद महिलाओं ने उसे जमकर खरीखोटी सुनाई। इसके बाद वह वहां से खिसक लिया। इतना ही नहीं महिलाओं ने तो पुरुषों को भी खुली चेतावनी दे दी कि वे अकेले ही हाईवे पर डटी रहेंगी। उन्होंने अपना बच्चा खोया है और जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे। यहीं डटी रहेंगी।
गांव मीरपुर निवासी जसवेंदर सिंह काले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आया है। तीन नामजदों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस काम कर रही है। शीघ्र ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
सत्येंद्र कुमार, सीओ (मंडी धनौरा)