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संभल और रुड़की के फर्म मालिकों समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट
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फर्जी गेटपास के जरिये संभल से रुड़की जा रहे आलू के कट्टों से भरा ट्रक पकड़े जाने के मामले में देहात थाना पुलिस ने ट्रक चालक, संभल और रुड़की के फर्म मालिकों समेत चार के लिए खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों पर कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर सरकार की आय को क्षति पहुंचाने का आरोप है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
डीएम बीके त्रिपाठी के निर्देश पर 16 मई को अमरोहा मंडी समिति के निरीक्षक अरविंद कुमार विभागीय अधीनस्थों के साथ जोया रोड स्थित बंबूगढ़ तिराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक ट्रक को रोक लिया था। ट्रक में आलू के 280 कट्टे लदे हुए थे। यह आलू संभल से सप्लाई होकर रुड़की (उत्तराखंड) की मंडी समिति जा रहा था। पूछताछ के दौरान चालक ने दिखाया गेट पास और मंडी से संबंधित कागजात फर्जी मिले थे। जिसके बाद निरीक्षक ने ट्रक को अमरोहा मंडी समिति में खड़ा करा दिया था। इस मामले में बुधवार को मंडी समिति सचिव सचिन शर्मा ने अमरोहा देहात थाने पहुंच कर तहरीर दी।
सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मंडी सचिव सचिन शर्मा की तहरीर पर संभल जनपद के हिंतूपुरा खेड़ा गांव निवासी ट्रक चालक ताहिर हुसैन, संभल की एचआर ट्रेडिंग कंपनी के मालिक (फर्म विक्रेता), रुड़की निवासी फर्म क्रेता जगदीश कुमार और अज्ञात कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ धोखाधड़ी में एफआईआर दर्ज की गई है। यह लोग कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर सरकार होने वाली आय को क्षति पहुंचा रहे थे। मामले की जांच की जा रही है, इसके जो भी दोषी होगा उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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फर्जी गेटपास से सब्जियां और फल दूसरे राज्यों की मंडियों में बेचने का खेल बड़े स्तर पर चल रहा है। मंडी सचिव सचिन शर्मा ने बताया कि गेटपास पर जारी करने की तारीख 16 मई लिखी हुई थी। जबकि इस ट्रक के गंतव्य पर पहुंचने की अनुमानित तारीख 13 मई दर्शाई गई। संभल मंडी समिति के मंडी सहायक सुनील कुमार चौहान से जब इस बाबत पूछताछ की गई तो गेटपास 13 मई को जारी होने की पुष्टि हुई। जबकि फर्म के नाम 16 मई को कोई गेट पास ही जारी नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि गेटपास की तारीखों में कंप्यूटर ऑपरेटर से चूक नहीं हुई होती तो शायद यह फर्जीवाड़ा पकड़ में नहीं आता।
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डीएम बीके त्रिपाठी के निर्देश पर 16 मई को अमरोहा मंडी समिति के निरीक्षक अरविंद कुमार विभागीय अधीनस्थों के साथ जोया रोड स्थित बंबूगढ़ तिराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक ट्रक को रोक लिया था। ट्रक में आलू के 280 कट्टे लदे हुए थे। यह आलू संभल से सप्लाई होकर रुड़की (उत्तराखंड) की मंडी समिति जा रहा था। पूछताछ के दौरान चालक ने दिखाया गेट पास और मंडी से संबंधित कागजात फर्जी मिले थे। जिसके बाद निरीक्षक ने ट्रक को अमरोहा मंडी समिति में खड़ा करा दिया था। इस मामले में बुधवार को मंडी समिति सचिव सचिन शर्मा ने अमरोहा देहात थाने पहुंच कर तहरीर दी।
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सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मंडी सचिव सचिन शर्मा की तहरीर पर संभल जनपद के हिंतूपुरा खेड़ा गांव निवासी ट्रक चालक ताहिर हुसैन, संभल की एचआर ट्रेडिंग कंपनी के मालिक (फर्म विक्रेता), रुड़की निवासी फर्म क्रेता जगदीश कुमार और अज्ञात कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ धोखाधड़ी में एफआईआर दर्ज की गई है। यह लोग कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर सरकार होने वाली आय को क्षति पहुंचा रहे थे। मामले की जांच की जा रही है, इसके जो भी दोषी होगा उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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फर्जी गेटपास से सब्जियां और फल दूसरे राज्यों की मंडियों में बेचने का खेल बड़े स्तर पर चल रहा है। मंडी सचिव सचिन शर्मा ने बताया कि गेटपास पर जारी करने की तारीख 16 मई लिखी हुई थी। जबकि इस ट्रक के गंतव्य पर पहुंचने की अनुमानित तारीख 13 मई दर्शाई गई। संभल मंडी समिति के मंडी सहायक सुनील कुमार चौहान से जब इस बाबत पूछताछ की गई तो गेटपास 13 मई को जारी होने की पुष्टि हुई। जबकि फर्म के नाम 16 मई को कोई गेट पास ही जारी नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि गेटपास की तारीखों में कंप्यूटर ऑपरेटर से चूक नहीं हुई होती तो शायद यह फर्जीवाड़ा पकड़ में नहीं आता।