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Amroha News: विनियमित क्षेत्र के जेई निलंबित, लखनऊ मुख्यालय से किया अटैच
Fri, 09 Oct 2026 12:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:26 AM IST
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अमरोहा। तहसील सदर में विनियमित क्षेत्र के जेई भानुप्रताप सिंह को मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक कृष्ण मोहन ने डीएम की संस्तुति पर निलंबित कर दिया है और इनको लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। यह काफी चर्चित रहे हैं। इनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के लिए सहयुक्त नियोजक संभागीय नियोजन खंड नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग उत्तर प्रदेश मुरादाबाद को जांच अधिकारी नामित किया है
अमरोहा विनियमित क्षेत्र कार्यालय में तैनात जेई भानु प्रताप सिंह को वर्ष 2025 में विजिलेंस टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत के आरोप में पकड़ा था। इसके बाद वह जमानत पर छूट गए और हाईकोर्ट के आदेश पर उन्होंने फिर से कार्यालय में तैनाती ले ली थी। 20 फरवरी 2026 को तत्कालीन डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कार्यालय का निरीक्षण किया था। जिसमें उनको फाइलें गायब मिली थीं। उनके निर्देश पर एसडीएम शैलेश दुबे ने फाइल गायब होने के मामले में उनके व बाबू आशीष यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। डीएम ने बाबू को निलंबित कर दिया था जबकि जेई के खिलाफ शासन को पत्र लिखा था। दोनों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। इसके बाद तहसील के लिपिक सोविंदर सिंह को विनियमित क्षेत्र कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। डीएम के पत्राचार पर बिजनौर विनियमित क्षेत्र कार्यालय में तैनात जेई श्याम बाबू को मंडलायुक्त ने अमरोहा कार्यालय से संबद्ध किया था, लेकिन जेई का जून में बदायूं तबादला हो गया। शासन ने फिर उनको दो दिन शुक्रवार व शनिवार के लिए विनियमित क्षेत्र कार्यालय में संबद्ध कर दिया। अब शासन ने उनका भी संबद्धीकरण निरस्त कर दिया है। डीएम ने भी जेई भानु प्रताप सिंह के खिलाफ शासन को विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। जिस पर अब कार्रवाई हुई है। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि जेई को निलंबित कर दिया गया है।
पीलीभीत के जेई प्रशु चंद को दो दिन के लिए अमरोहा विनियमित क्षेत्र कार्यालय में संबद्ध किया है। एक को निलंबित और दूसरे का संबद्धीकरण समाप्त हो चुका है। अमरोहा कार्यालय में यह बृहस्पतिवार और शुक्रवार को बैठेंगे। उन्होंने यहां जॉइनिंग भी ले ली है।
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अमरोहा विनियमित क्षेत्र कार्यालय में तैनात जेई भानु प्रताप सिंह को वर्ष 2025 में विजिलेंस टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत के आरोप में पकड़ा था। इसके बाद वह जमानत पर छूट गए और हाईकोर्ट के आदेश पर उन्होंने फिर से कार्यालय में तैनाती ले ली थी। 20 फरवरी 2026 को तत्कालीन डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कार्यालय का निरीक्षण किया था। जिसमें उनको फाइलें गायब मिली थीं। उनके निर्देश पर एसडीएम शैलेश दुबे ने फाइल गायब होने के मामले में उनके व बाबू आशीष यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। डीएम ने बाबू को निलंबित कर दिया था जबकि जेई के खिलाफ शासन को पत्र लिखा था। दोनों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। इसके बाद तहसील के लिपिक सोविंदर सिंह को विनियमित क्षेत्र कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। डीएम के पत्राचार पर बिजनौर विनियमित क्षेत्र कार्यालय में तैनात जेई श्याम बाबू को मंडलायुक्त ने अमरोहा कार्यालय से संबद्ध किया था, लेकिन जेई का जून में बदायूं तबादला हो गया। शासन ने फिर उनको दो दिन शुक्रवार व शनिवार के लिए विनियमित क्षेत्र कार्यालय में संबद्ध कर दिया। अब शासन ने उनका भी संबद्धीकरण निरस्त कर दिया है। डीएम ने भी जेई भानु प्रताप सिंह के खिलाफ शासन को विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। जिस पर अब कार्रवाई हुई है। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि जेई को निलंबित कर दिया गया है।
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पीलीभीत के जेई प्रशु चंद को दो दिन के लिए अमरोहा विनियमित क्षेत्र कार्यालय में संबद्ध किया है। एक को निलंबित और दूसरे का संबद्धीकरण समाप्त हो चुका है। अमरोहा कार्यालय में यह बृहस्पतिवार और शुक्रवार को बैठेंगे। उन्होंने यहां जॉइनिंग भी ले ली है।
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