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नावों में ट्रैक्टर रखकर जा रहे हैं पोषक नहर के पार
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गजरौला। खादर में रामगंगा पोषक नहर के पार बसे स्थित गांवों के ग्रामीणों को जानजोखिम में डालकर उफनती नहर पार करनी पड़ रही है। इतना ही वह वहां खेती करने के लिए ट्रैक्टर को नावों में रखकर जान जोखिम में डालकर ले जा रहे हैं। उन्होंने पुल बनवाने की मांग दोहराई है।
शुक्रवार को भी पहाड़ों में हुई बारिश के कारण राम गंगा पोषक नहर उफान पर रही। इसके बावजूद नहर के पार स्थित गांवों में रहने वाले ग्रामीण रोजाना की तरह जान जोखिम में डालकर नाव और डोंगी से नहर को पार करते नजर आए। गांव अलीनगर से नहर के पार बसे गांव दारानगर, टीकोवाली के ग्रामीण वहां खड़ी नावों को जोड़कर उसमें ट्रैक्टर रखकर दूसरी तरफ ले गए। इससे पूर्व उन्हें ट्रैक्टर को नावों में रखवाने को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहां मौजूद प्रमोद, रामपाल, सुनीता, गोविंद, पूरन, सुंदर आदि ग्रामीणों ने बताया कि यह तो उनके लिए रोजाना की बात है। यदि जान जोखिम में नहीं डालेंगे तो अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे। इनका कहना था कि हर बार यहां आने वाले नेता उनके बीच खड़े होकर दम भरते हैं और झूठी कसमें खाते हैं कि वहां पुल अवश्य बनवाएंगे। लेकिन, अभी तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि रामगंगा पोषक नहर के पार 20 से अधिक गांव हैं। इनमें से अधिकांश ग्रामीण चकनवाला में रामगंगा पोषक नहर पर लगे पैंटून पुल से सफर करते हैं। वहीं शार्टकट के फेर में कई ग्रामीण अलीनगर से नाव में बैठकर नहर पार करते हैं। इन्होंने वहां पक्के पुल का निर्माण कराने की मांग उठाई है।
अभी नहीं हटा चकनवाला में पैंटून पुल, बढ़ रही हादसों की आशंका
गजरौला। चकनवाला में रामगंगा पोषक नहर पर लगा जर्जर हो चुका पैंटून पुल अभी नहीं हटा है। पूर्व की तरह वहीं लगा हुआ है और नहर के पार बसे 20 गांवों के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इस पर से होकर गुजर रहे हैं। शुक्रवार को भी चकनवाला में गुजर रही रामगंगा पोषक नहर पर लगा पैंटून पुल नहीं हटाया जा सका। बाढ़ खंड (सिंचाई विभाग मुरादाबाद) के जेई वीर सिंह ने बताया कि पूर्व में जयथल का पुल हटाया गया था। अब वाजिदपुर का हट रहा है। श्रमिकों की टीम वहीं काम कर रही है। अगले दो-तीन दिन में ही चकनवाला का पैंटून पुल हटाया जा सकेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वह इस पुल से न गुजरें। क्योंकि पुल से अधिकांश मिट्टी दरककर पानी में जा गिरी है और जरा सा दबाव पड़ने से ही वहां लगी बल्लियां स्थान छोड़ रही हैं। ऐसे में कभी भी कोई हादसा होने की आशंका है।
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शुक्रवार को भी पहाड़ों में हुई बारिश के कारण राम गंगा पोषक नहर उफान पर रही। इसके बावजूद नहर के पार स्थित गांवों में रहने वाले ग्रामीण रोजाना की तरह जान जोखिम में डालकर नाव और डोंगी से नहर को पार करते नजर आए। गांव अलीनगर से नहर के पार बसे गांव दारानगर, टीकोवाली के ग्रामीण वहां खड़ी नावों को जोड़कर उसमें ट्रैक्टर रखकर दूसरी तरफ ले गए। इससे पूर्व उन्हें ट्रैक्टर को नावों में रखवाने को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहां मौजूद प्रमोद, रामपाल, सुनीता, गोविंद, पूरन, सुंदर आदि ग्रामीणों ने बताया कि यह तो उनके लिए रोजाना की बात है। यदि जान जोखिम में नहीं डालेंगे तो अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे। इनका कहना था कि हर बार यहां आने वाले नेता उनके बीच खड़े होकर दम भरते हैं और झूठी कसमें खाते हैं कि वहां पुल अवश्य बनवाएंगे। लेकिन, अभी तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि रामगंगा पोषक नहर के पार 20 से अधिक गांव हैं। इनमें से अधिकांश ग्रामीण चकनवाला में रामगंगा पोषक नहर पर लगे पैंटून पुल से सफर करते हैं। वहीं शार्टकट के फेर में कई ग्रामीण अलीनगर से नाव में बैठकर नहर पार करते हैं। इन्होंने वहां पक्के पुल का निर्माण कराने की मांग उठाई है।
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अभी नहीं हटा चकनवाला में पैंटून पुल, बढ़ रही हादसों की आशंका
गजरौला। चकनवाला में रामगंगा पोषक नहर पर लगा जर्जर हो चुका पैंटून पुल अभी नहीं हटा है। पूर्व की तरह वहीं लगा हुआ है और नहर के पार बसे 20 गांवों के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इस पर से होकर गुजर रहे हैं। शुक्रवार को भी चकनवाला में गुजर रही रामगंगा पोषक नहर पर लगा पैंटून पुल नहीं हटाया जा सका। बाढ़ खंड (सिंचाई विभाग मुरादाबाद) के जेई वीर सिंह ने बताया कि पूर्व में जयथल का पुल हटाया गया था। अब वाजिदपुर का हट रहा है। श्रमिकों की टीम वहीं काम कर रही है। अगले दो-तीन दिन में ही चकनवाला का पैंटून पुल हटाया जा सकेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वह इस पुल से न गुजरें। क्योंकि पुल से अधिकांश मिट्टी दरककर पानी में जा गिरी है और जरा सा दबाव पड़ने से ही वहां लगी बल्लियां स्थान छोड़ रही हैं। ऐसे में कभी भी कोई हादसा होने की आशंका है।
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