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Amroha News: दस साल बाद भी असर दिखा सकता है रैबीज, रहें सावधान

Sun, 28 Sep 2025 08:20 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sun, 28 Sep 2025 08:20 AM IST
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Rabies can show its effect even after ten years, be careful
अमरोहा। अगर किसी व्यक्ति को कुत्ते, बंदर, सियार व लोमड़ी आदि काट ले तो इलाज में लापरवाही उसकी जान पर भारी पड़ सकती है। वैक्सीनेशन न कराने पर इसके लक्षण 10 साल के बाद भी आ सकते हैं।
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जिले में बीते वर्षों में रैबीज पीड़ित कई लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अभी तक रैबीज से किसी की मौत की जानकारी नहीं है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि रैबीज ऐसी भयानक बीमारी है, जो सौ फीसदी जानलेवा है।
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आमतौर पर मानव के शरीर में रैबीज के विषाणु रैबीज से संक्रमित किसी पशु के काटने से पहुंच जाते हैं। एक बार इन विषाणु के मनुष्य या किसी पशु की नसों में घुस जाने के बाद मृत्यु निश्चित है, लेकिन सामान्य उपायों द्वारा इस बीमारी को शुरू होने से पहले ही रोक सकते हैं। कुत्ते के काटने के चलते 85 फीसदी मरीज रैबीज से पीड़ित होते हैं। 15 फीसदी मामलों में बिल्ली, बंदर, लोमड़ी, सियार, लंगूर आदि इस बीमारी की वजह हैं।
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