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बिना जांच एफआईआर दर्ज होने से भड़के अधिवक्ता, जोया रोड जाम, हंगामा
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अमरोहा। अधिवक्ता और उनके परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से नाराज साथी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य बहिष्कार कर एसपी आफिस के सामने जोया रोड जाम कर दिया। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने एक दरोगा को खदेड़ दिया। मामला बढ़ता देखकर एएसपी ने मौके पर पहुंच कर बिगड़ते हालात संभाले। कई थानों का फोर्स बुला लिया गया। अधिवक्ताओं ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर मुकदमे को खत्म करने की मांग की। एएसपी से आश्वासन के बाद अधिवक्ता वापस कचहरी लौट गए। करीब आधा घंटे तक एसपी ऑफिस के बाहर अधिवक्ताओं का हंगामा रहा।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट निवासी अधिवक्ता मनु शर्मा और शिक्षक दंपती के बीच पिछले चार महीने से विवाद चल रहा था। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं। लेकिन शुक्रवार की शाम को फिर शिक्षक दंपती के गवाह महेश कुमार ने मनु शर्मा और उनके स्वजन के खिलाफ नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। उनका आरोप है कि मनु शर्मा और उनके परिजन गवाही न देने के लिए दबाव बना रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
यह बात शनिवार की सुबह साथी अधिवक्ताओं को पता चली तो उनका गुस्सा भड़क गया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने पहले बैठक की। इसके बाद न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर एसपी कार्यालय पहुंच गए। यहां जोया रोड पर जाम लगा दिया। नगर कोतवाल व एसएसआई के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की। कहा कि ने बगैर जांच पड़ताल किए रिपोर्ट दर्ज की है। जबकि कोई घटना हुई ही नहीं है।
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अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। जाम लगने की सूचना मिलते ही एसओ देहात सुनील मलिक, एसएसआई अमरोहा नगर जितेंद्र बालियान फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी के पीआरओ हरिनाथ यादव ने भी अधिवक्ताओं से वार्ता कर समझाने की कोशिश की, लेकिन अधिवक्ता नहीं माने। वह एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर डटे रहे। इसके बाद एएसपी चंद्रप्रकाश शुक्ला मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को समझा कर शांत किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर मुकदमा खत्म कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद अधिवक्ताओं ने जाम खोल दिया।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट निवासी अधिवक्ता मनु शर्मा और शिक्षक दंपती के बीच पिछले चार महीने से विवाद चल रहा था। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं। लेकिन शुक्रवार की शाम को फिर शिक्षक दंपती के गवाह महेश कुमार ने मनु शर्मा और उनके स्वजन के खिलाफ नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। उनका आरोप है कि मनु शर्मा और उनके परिजन गवाही न देने के लिए दबाव बना रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
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यह बात शनिवार की सुबह साथी अधिवक्ताओं को पता चली तो उनका गुस्सा भड़क गया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने पहले बैठक की। इसके बाद न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर एसपी कार्यालय पहुंच गए। यहां जोया रोड पर जाम लगा दिया। नगर कोतवाल व एसएसआई के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की। कहा कि ने बगैर जांच पड़ताल किए रिपोर्ट दर्ज की है। जबकि कोई घटना हुई ही नहीं है।
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अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। जाम लगने की सूचना मिलते ही एसओ देहात सुनील मलिक, एसएसआई अमरोहा नगर जितेंद्र बालियान फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी के पीआरओ हरिनाथ यादव ने भी अधिवक्ताओं से वार्ता कर समझाने की कोशिश की, लेकिन अधिवक्ता नहीं माने। वह एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर डटे रहे। इसके बाद एएसपी चंद्रप्रकाश शुक्ला मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को समझा कर शांत किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर मुकदमा खत्म कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद अधिवक्ताओं ने जाम खोल दिया।