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Amroha News: निजी हॉस्पिटल का नहीं नवीनीकरण, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को लेकर नहीं पहुंचे संचालक
Tue, 15 Jul 2025 02:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 15 Jul 2025 02:13 AM IST
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अमरोहा। जच्चा-बच्चा की मौत के लिए जिम्मेदार माने जा रहे निजी जोया के एक निजी हॉस्पिटल का नवीनीकरण नहीं है। अस्पताल संचालक सोमवार को सीएमओ कार्यालय में उपस्थित तो हुए लेकिन ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को साथ नहीं लाए। इसके चलते उन्हें बिना बयान दर्ज किए वापस कर दिया गया।
हॉस्पिटल की काफी समय पहले बायो बेस्ट और प्रदूषण की एनओसी की अवधि समाप्त हो चुकी है। फायर की एनओसी भी नहीं हैं। बावजूद इसके उसका पंजीयन कैसे हो गया। अगर पहले पंजीयन सही हुआ तो इन दोनों सर्टिफिकेट की वजह से हॉस्पिटल का नवीनीकरण क्यों नहीं हो रहा। हालांकि, अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं।
शनिवार शाम देहात क्षेत्र के कांकर सराय निवासी सलमान ने गर्भवती पत्नी अफसाना प्रसव पीड़ा होने पर जोया में हाईवे स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। अफसाना की चौथी डिलीवरी होनी थी। आरोप के मुताबिक हॉस्पिटल में मौजूद डॉक्टर व स्टाफ ने ऑपरेशन करने की सलाह दी और साथ ही बाहर से डॉक्टर बुलाने की बात कही थी। शनिवार रात करीब 12 बजे डॉक्टरों ने अफसाना की ऑपरेशन से डिलीवरी कर दी। इस दौरान अफसाना ने बेटे को जन्म दिया लेकिन नवजात की मौत हो गई। कुछ देर बाद अफसाना की भी मौत हो गई थी। जच्चा-बच्चा की मौत पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा भी किया था।
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हालांकि, बाद में हॉस्पिटल मालिक व मृतक जच्चा-बच्चा के परिजनों के बीच समझौता हो गया था। उधर, रविवार शाम नोडल अधिकारी डॉ. शरद ने उक्त हॉस्पिटल पर छापा मारा और जच्चा-बच्चा की मौत के संबंध में जानकारी हासिल की। हॉस्पिटल की ओटी को सील कर दिया था। नोडल अधिकारी ने हॉस्पिटल के संचालक, सर्जरी करने वाले डॉक्टर को अस्पताल के पंजीकरण संबंधित दस्तावेज और अस्पताल में भर्ती मरीज से संबंधित रिकॉर्ड लेकर सोमवार की सुबह दस बजे सीएमओ कार्यालय में बुलाया था। हालांकि, हॉस्पिटल संचालक ने उनके अस्पताल में ऑपरेशन होने और किसी की भी मौत होने से इनकार कर रहे हैं।
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जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में मृतक के परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। जिस हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत हो आरोप लगा है। उसका अप्रैल माह से नवीनीकरण नहीं है। हॉस्पिटल संचालक को सर्जरी करने वाले डॉक्टर और दस्तावेजों के साथ बुलाया गया था। लेकिन, वह डॉक्टर को लेकर नहीं पहुंचे। इसलिए उन्हें डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा गया है। क्योंकि, नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान हॉस्पिटल दो महिलाएं भर्ती मिलीं थी, जिनकी सर्जरी हुई थी। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
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हॉस्पिटल की काफी समय पहले बायो बेस्ट और प्रदूषण की एनओसी की अवधि समाप्त हो चुकी है। फायर की एनओसी भी नहीं हैं। बावजूद इसके उसका पंजीयन कैसे हो गया। अगर पहले पंजीयन सही हुआ तो इन दोनों सर्टिफिकेट की वजह से हॉस्पिटल का नवीनीकरण क्यों नहीं हो रहा। हालांकि, अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं।
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शनिवार शाम देहात क्षेत्र के कांकर सराय निवासी सलमान ने गर्भवती पत्नी अफसाना प्रसव पीड़ा होने पर जोया में हाईवे स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। अफसाना की चौथी डिलीवरी होनी थी। आरोप के मुताबिक हॉस्पिटल में मौजूद डॉक्टर व स्टाफ ने ऑपरेशन करने की सलाह दी और साथ ही बाहर से डॉक्टर बुलाने की बात कही थी। शनिवार रात करीब 12 बजे डॉक्टरों ने अफसाना की ऑपरेशन से डिलीवरी कर दी। इस दौरान अफसाना ने बेटे को जन्म दिया लेकिन नवजात की मौत हो गई। कुछ देर बाद अफसाना की भी मौत हो गई थी। जच्चा-बच्चा की मौत पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा भी किया था।
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हालांकि, बाद में हॉस्पिटल मालिक व मृतक जच्चा-बच्चा के परिजनों के बीच समझौता हो गया था। उधर, रविवार शाम नोडल अधिकारी डॉ. शरद ने उक्त हॉस्पिटल पर छापा मारा और जच्चा-बच्चा की मौत के संबंध में जानकारी हासिल की। हॉस्पिटल की ओटी को सील कर दिया था। नोडल अधिकारी ने हॉस्पिटल के संचालक, सर्जरी करने वाले डॉक्टर को अस्पताल के पंजीकरण संबंधित दस्तावेज और अस्पताल में भर्ती मरीज से संबंधित रिकॉर्ड लेकर सोमवार की सुबह दस बजे सीएमओ कार्यालय में बुलाया था। हालांकि, हॉस्पिटल संचालक ने उनके अस्पताल में ऑपरेशन होने और किसी की भी मौत होने से इनकार कर रहे हैं।
जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में मृतक के परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। जिस हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत हो आरोप लगा है। उसका अप्रैल माह से नवीनीकरण नहीं है। हॉस्पिटल संचालक को सर्जरी करने वाले डॉक्टर और दस्तावेजों के साथ बुलाया गया था। लेकिन, वह डॉक्टर को लेकर नहीं पहुंचे। इसलिए उन्हें डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा गया है। क्योंकि, नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान हॉस्पिटल दो महिलाएं भर्ती मिलीं थी, जिनकी सर्जरी हुई थी। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ