{"_id":"6abd5d6081cfc36e790e941d","slug":"the-upper-caste-community-raised-their-voice-against-the-ugc-and-sc-st-act-jpnagar-news-c-284-1-smbd1016-174365-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: यूजीसी और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज ने भरी हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: यूजीसी और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज ने भरी हुंकार
Thu, 01 Oct 2026 12:35 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 01 Oct 2026 12:35 AM IST
विज्ञापन
हसनपुर (अमरोहा)। यूजीसी कानून और एससी-एसटी एक्ट को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को सवर्ण समाज के लोगों ने तहसील में प्रदर्शन किया। साथ ही समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम हिमांशु उपाध्याय को सौंपा।
ज्ञापन में कहा कि यूजीसी कानून संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के मौलिक अधिकार के खिलाफ है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। साथ ही एससी-एसटी अधिनियम दुरुपयोग होने का आरोप लगाया। कहा कि एससी-एसटी एक्ट की आड़ में निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है।
कहा कि यदि एससी-एसटी एक्ट को पूरी तरह वापस लेना संभव न हो, तो इसमें तत्काल सुधार किए जाएं। किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी से पूर्व मजिस्ट्रेट स्तर पर निष्पक्ष जांच को अनिवार्य बनाया जाए, ताकि किसी निरपराध के साथ अन्याय न हो।
विज्ञापन
ज्ञापन में देश में आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग प्रमुखता से उठाई गई। कहा कि आरक्षण का आधार जाति न होकर केवल आर्थिक स्थिति होना चाहिए, जिससे समाज के वास्तविक गरीब और जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके। प्रदर्शन में किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, चंद्रपाल सिंह चौहान, मास्टर महेंद्र सिंह, काले सिंह, चमन प्रधान, लोकेश प्रधान, डॉ. जगत सिंह, सीता आर्य, देवेश प्रधान, सोमपाल सिंह, अंकित चौहान, बंटी चौहान, उदेश चौहान और योगेश चौहान आदि रहे।
विज्ञापन
ज्ञापन में कहा कि यूजीसी कानून संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के मौलिक अधिकार के खिलाफ है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। साथ ही एससी-एसटी अधिनियम दुरुपयोग होने का आरोप लगाया। कहा कि एससी-एसटी एक्ट की आड़ में निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है।
विज्ञापन
कहा कि यदि एससी-एसटी एक्ट को पूरी तरह वापस लेना संभव न हो, तो इसमें तत्काल सुधार किए जाएं। किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी से पूर्व मजिस्ट्रेट स्तर पर निष्पक्ष जांच को अनिवार्य बनाया जाए, ताकि किसी निरपराध के साथ अन्याय न हो।
विज्ञापन
ज्ञापन में देश में आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग प्रमुखता से उठाई गई। कहा कि आरक्षण का आधार जाति न होकर केवल आर्थिक स्थिति होना चाहिए, जिससे समाज के वास्तविक गरीब और जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके। प्रदर्शन में किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, चंद्रपाल सिंह चौहान, मास्टर महेंद्र सिंह, काले सिंह, चमन प्रधान, लोकेश प्रधान, डॉ. जगत सिंह, सीता आर्य, देवेश प्रधान, सोमपाल सिंह, अंकित चौहान, बंटी चौहान, उदेश चौहान और योगेश चौहान आदि रहे।