{"_id":"5f3057f38ebc3e4ad42a3cd5","slug":"police-jpnagar-news-mbd358656917","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण से हत्या तक के स्क्रिप्ट में गायब रहा प्रेमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहरण से हत्या तक के स्क्रिप्ट में गायब रहा प्रेमी
विज्ञापन
अमरोहा। पुलिसिया स्क्रिप्ट में हत्या के बाद जिंदा मिली किशोरी का प्रेमी पूरे प्रकरण में गायब रहा है। न तो परिजनों को प्रेमी पर शक हुआ और न ही पुलिस की तफ्तीश उस तक पहुंची। जबकि प्रेमी का किशोरी के घर आना जाना था। अपहरण से हत्या तक आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया। पांच लोग जेल भी भेजे गए। लेकिन प्रेमी इस घटना क्रम से दूर रहकर दिल्ली में किशोरी के साथ गृहस्थी जमा ली थी।
आदमपुर थानाक्षेत्र के किसान की बेटी छह फरवरी 2019 को घर से लापता हो गई थी। किशोरी के भाई की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने दो लोगों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन पुलिस किशोरी को बरामद नहीं कर पाई। 28 दिसंबर को पुलिस ने किशोरी के पिता, भाई और रिश्तेदार को ही उसकी हत्या में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अपहरण की रिपोर्ट को हत्या में तरमीम कर दिया गया। लेकिन शुक्रवार को किशोरी सही सलामत अपने प्रेमी के घर मिल गई। अपहरण और हत्या तक आठ लोग नामजद हुए और पांच लोगों जेल जाना पड़ा। लेकिन इस पूरे प्रकरण में प्रेमी का नाम कहीं सामने नहीं आया। 17 महीने तक न तो परिजनों को प्रेमी पर शक हुआ और न ही पुलिस की तफ्तीश प्रेमी तक पहुंच पाई। आदमपुर पुलिस की स्क्रिप्ट से गायब रहा। किशोरी के साथ दिल्ली में अपना गृहस्थ जीवन गुजार रहा था।
चार महीने से दोनों थे गांव में, फिर नहीं पता लगा
अमरोहा। किशोरी और उसका प्रेमी चार महीने से गांव में थे। लॉकडाउन के बाद दोनों दिल्ली से गांव लौट आए। यहां रहने लगे। लेकिन प्रेमी पर शक नहीं होने से किशोरी के परिजनों को इसकी भनक तक नहीं लगी। बाद में किसी ने सूचना दी, तब मामला खुला।
विज्ञापन
विज्ञापन
आदमपुर थानाक्षेत्र के किसान की बेटी छह फरवरी 2019 को घर से लापता हो गई थी। किशोरी के भाई की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने दो लोगों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन पुलिस किशोरी को बरामद नहीं कर पाई। 28 दिसंबर को पुलिस ने किशोरी के पिता, भाई और रिश्तेदार को ही उसकी हत्या में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अपहरण की रिपोर्ट को हत्या में तरमीम कर दिया गया। लेकिन शुक्रवार को किशोरी सही सलामत अपने प्रेमी के घर मिल गई। अपहरण और हत्या तक आठ लोग नामजद हुए और पांच लोगों जेल जाना पड़ा। लेकिन इस पूरे प्रकरण में प्रेमी का नाम कहीं सामने नहीं आया। 17 महीने तक न तो परिजनों को प्रेमी पर शक हुआ और न ही पुलिस की तफ्तीश प्रेमी तक पहुंच पाई। आदमपुर पुलिस की स्क्रिप्ट से गायब रहा। किशोरी के साथ दिल्ली में अपना गृहस्थ जीवन गुजार रहा था।
विज्ञापन
चार महीने से दोनों थे गांव में, फिर नहीं पता लगा
अमरोहा। किशोरी और उसका प्रेमी चार महीने से गांव में थे। लॉकडाउन के बाद दोनों दिल्ली से गांव लौट आए। यहां रहने लगे। लेकिन प्रेमी पर शक नहीं होने से किशोरी के परिजनों को इसकी भनक तक नहीं लगी। बाद में किसी ने सूचना दी, तब मामला खुला।
विज्ञापन