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Amroha News: फर्जी मेडिकल क्लेम मामले की जांच में जुटी पुलिस
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अमरोहा। मेडिकल क्लेम लेने के लिए फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है। अमरोहा में फर्जी दस्तावेजों के जरिए मरीजों का मेडिक्लेम लेने की जांच पुलिस कर रही है। इस मामले में जल्द प्राथमिकी दर्ज हो सकती है।
जिले में संचालित अस्पतालों के नाम पर फर्जी तरीके से मेडिकल क्लेम लेने का खुलासा हुआ है। कुछ लोगों ने जोया-अमरोहा रोड और जोया क्षेत्र के अस्पतालों के लेटरहेड पर मरीजों का उपचार दर्शाकर क्लेम के लिए आवेदन किया। सिंपी रानी, गगनदीप और मधुसूदन के नाम से ऑपरेशन दिखाकर बीमा कंपनियों से राशि लेने का प्रयास किया गया। दस्तावेजों में ग्रेटर नोएडा के सर्जन डॉ. राजीव कुमार चौधरी द्वारा उपचार दर्शाया गया। बीमा कंपनी के सर्वेयर ने डॉक्टर से फोन पर संपर्क किया तो मामला सामने आया। आरोप है कि डॉक्टर के नाम की फर्जी मुहर बनाकर हस्ताक्षर भी जाली किए गए।
डॉ. राजीव कुमार चौधरी ने एसपी कार्यालय और डिडौली कोतवाली में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी अमित कुमार आनंद ने जांच के आदेश दिए हैं। डिडौली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपी हसनपुर, कैलसा और नौगांवा सादात क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
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डॉ. राजीव के अनुसार आरोपी खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताते हैं, जबकि वे योग्य नहीं हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2020 से सक्रिय लोगों ने 250 से अधिक मामलों में फर्जी मेडिकल क्लेम लिया है। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे कार्रवाई होगी।
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जिले में संचालित अस्पतालों के नाम पर फर्जी तरीके से मेडिकल क्लेम लेने का खुलासा हुआ है। कुछ लोगों ने जोया-अमरोहा रोड और जोया क्षेत्र के अस्पतालों के लेटरहेड पर मरीजों का उपचार दर्शाकर क्लेम के लिए आवेदन किया। सिंपी रानी, गगनदीप और मधुसूदन के नाम से ऑपरेशन दिखाकर बीमा कंपनियों से राशि लेने का प्रयास किया गया। दस्तावेजों में ग्रेटर नोएडा के सर्जन डॉ. राजीव कुमार चौधरी द्वारा उपचार दर्शाया गया। बीमा कंपनी के सर्वेयर ने डॉक्टर से फोन पर संपर्क किया तो मामला सामने आया। आरोप है कि डॉक्टर के नाम की फर्जी मुहर बनाकर हस्ताक्षर भी जाली किए गए।
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डॉ. राजीव कुमार चौधरी ने एसपी कार्यालय और डिडौली कोतवाली में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी अमित कुमार आनंद ने जांच के आदेश दिए हैं। डिडौली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपी हसनपुर, कैलसा और नौगांवा सादात क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
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डॉ. राजीव के अनुसार आरोपी खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताते हैं, जबकि वे योग्य नहीं हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2020 से सक्रिय लोगों ने 250 से अधिक मामलों में फर्जी मेडिकल क्लेम लिया है। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे कार्रवाई होगी।